उत्तराखंड सरकार ने जारी किया नंदा गौरा योजना का पैसा, कैसे मिलेगा आपको फायदा?

उत्तराखंड सरकार की नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की 33,251 बेटियों को कुल 145.93 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए हैं। यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का सशक्त अभियान है।

Nanda Gaura Yojana
नंदा गौरा योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar27 Feb 2026 12:13 PM
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उत्तराखंड की बेटियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह सिर्फ शब्दों में नहीं बल्कि कदमों में भी बेटियों के साथ खड़ी है। इस योजना के तहत इस साल 33,251 बेटियों के खाते में कुल 145.93 करोड़ रुपये सीधे भेजे गए हैं। यह केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश भी है। योजना की खासियत यह है कि यह बालिका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और भविष्य तक हर कदम पर उन्हें साथ देती है जिससे समाज में बेटियों की भूमिका और अधिकार मजबूत हों।

नंदा गौरा योजना क्या है?

नंदा गौरा योजना उत्तराखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक हर कदम पर आर्थिक और सामाजिक सहायता देती है। योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11,000 रुपये और 12वीं उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51,000 रुपये मिलता है। इससे बेटियां आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें। यह योजना समाज में लैंगिक असमानता को कम करने और कन्या भ्रूण हत्या रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री और मंत्री का संदेश

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं है बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का सशक्त अभियान है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह योजना बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने, बाल विवाह रोकने और बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने में प्रभावी साबित हुई है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बेटियों के हर कदम पर उनका साथ दे रही है।

जिलेवार लाभार्थियों की संख्या

उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में योजना के लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार है-

अल्मोड़ा: जन्म 643, 12वीं 2963

बागेश्वर: जन्म 240, 12वीं 1167

चमोली: जन्म 196, 12वीं 1761

चम्पावत: जन्म 285, 12वीं 1410

देहरादून: जन्म 678, 12वीं 2637

नैनीताल: जन्म 1012, 12वीं 3196

पौड़ी: जन्म 227, 12वीं 1990

पिथौरागढ़: जन्म 243, 12वीं 1936

रुद्रप्रयाग: जन्म 172, 12वीं 1235

टिहरी: जन्म 485, 12वीं 2775

ऊधमसिंहनगर: जन्म 1372, 12वीं 4772

उत्तरकाशी: जन्म 360, 12वीं 1496

कुल लाभार्थी: 33,251

कुल वितरित राशि: ₹145.93 करोड़

नंदा गौरा योजना का महत्व

यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। यह बेटियों को सशक्त, आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने का प्रयास है। इसके जरिए राज्य सरकार लैंगिक असमानता को कम करने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और समाज में बेटियों के सम्मान को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। नंदा गौरा योजना का सबसे बड़ा असर यह है कि यह बेटियों को सपनों को साकार करने और शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देती है जिससे उनका भविष्य मजबूत और सुरक्षित बन सके। 

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Fertilizer Subsidy DBT से किसानों को मिलेगा असली फायदा, जानें पूरा प्लान

PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुझाव दिया है कि 1.7 लाख करोड़ रुपए की खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाए।

Kisan Kist Update
PM Kisan 22nd Installment Date
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 06:19 AM
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कृषि मंत्रालय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले मंत्री ने सुझाव दिया है कि 1.7 लाख करोड़ रुपए की खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाए। इससे किसानों को खाद खरीदने में ज्यादा आजादी और पारदर्शिता मिलेगी।

खाद सब्सिडी सीधे खाते में जाने का संकेत

कृषि मंत्री ने दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के पूसा कृषि विज्ञान मेले में कहा कि यूरिया की एक बोरी की असली कीमत लगभग 2,400 रुपए है। सरकार की सब्सिडी के कारण किसान इसे केवल 265-270 रुपए में खरीद पाते हैं। मंत्री का मानना है कि यदि सब्सिडी DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजी जाए किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद और कितनी मात्रा में खरीदनी है।

कंपनियों को सब्सिडी खाद

वर्तमान में सब्सिडी सीधे किसानों को नहीं जाती बल्कि खाद कंपनियों को दी जाती है। 2018 में DBT लागू हुआ था, लेकिन कंपनियों को सब्सिडी केवल तभी मिलती है जब किसानों को बिक्री का सत्यापन हो जाता है। सीधे भुगतान से यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी का असली फायदा उसी किसान को पहुंचे जो खेत में खाद डाल रहा है।

किसानों के लिए उपलब्ध फंड और शिकायतें

किसानों को सस्ती खाद मिलती रहे इसके लिए सरकार ने 1.7 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी उपलब्ध कराई है। बावजूद इसके कई जगह शिकायतें आती रही हैं कि फील्ड में किसानों को खाद समय पर नहीं मिली। इस नए प्रस्ताव से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

किसान क्रेडिट कार्ड और आधुनिक खेती पर जोर

कृषि मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश के 75% छोटे किसानों को अब 4% ब्याज दर पर लोन मिल रहा है। मंत्री ने कहा कि लक्ष्य सिर्फ कर्ज बांटना नहीं बल्कि समय पर और बिना देरी के ऋण उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने मशीनीकरण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप, स्प्रिंकलर, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस पर भी जोर दिया।

किसानों का 'राष्ट्रीय महाकुंभ'

मंत्री ने पूसा कृषि विज्ञान मेले को किसानों का ‘राष्ट्रीय महाकुंभ’ बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले साल इसे और बड़े स्तर पर किया जाए ताकि लैब की तकनीक सीधे खेत तक पहुंचे। सरकार का फोकस सिर्फ अनाज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि पोषणयुक्त भोजन, फल-सब्जी उत्पादन और एकीकृत खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाना है।

किसानों के लिए फायदा

PM Kisan की 22वीं किस्त आने वाली है और मंत्री की नई घोषणा से यह साफ है कि किसानों को अब आर्थिक आजादी और पारदर्शिता मिलेगी। सीधे खाते में सब्सिडी मिलने से किसान खुद तय कर सकेंगे कि कौन-सी खाद खरीदनी है और कितनी मात्रा में। इस कदम से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

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महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, इस दिन खाते में आ जाएंगे पैसे!

महाराष्ट्र की महिलाओं के लिए लाडकी बहिण योजना में जनवरी की किस्त जारी होने वाली है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इसकी जानकारी दी है। जनवरी की रुकी हुई राशि 23 फरवरी से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर होने लगी है।

लाडकी बहिण योजना
लाडकी बहिण योजना का पैसा कब आएगा
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userअसमीना
calendar26 Feb 2026 05:09 AM
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महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर आई है। Ladki Bahin Yojana: January Installment Update के अनुसार अब लाडकी बहिण योजना की लंबे समय से रुकी हुई जनवरी की किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इस बारे में जानकारी दी है।

जनवरी की हस्तांतरण प्रक्रिया कब शुरू हुई?

मंत्री ने बताया कि 23 फरवरी से जनवरी महीने की रुकी हुई राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब अगले 2 से 3 दिनों में महिलाओं के आधार से लिंक बैंक खातों में पैसा सीधे ट्रांसफर होना शुरू हो जाएगा। इससे लाखों लाभार्थियों की मुश्किलें कम होंगी।

लाभार्थियों का इंतजार आखिर क्यों बढ़ गया?

दरअसल, जनवरी की किस्त काफी समय से रुकी हुई थी। दिसंबर और जनवरी की किस्तों को एक साथ खातों में ट्रांसफर करने की योजना थी लेकिन राज्य में लागू आचार संहिता के कारण जनवरी एडवांस किस्त जारी नहीं हो पाई थी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार का देहांत भी हो गया जिससे प्रक्रिया और देरी हुई। अब हाल ही में यह काम आगे बढ़ा है।

लाडकी बहिण योजना क्या है?

लाडकी बहिण योजना जिसे मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना भी कहा जाता है महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख महिला‑सशक्तिकरण योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 सीधे उनके आधार‑लिंक्ड बैंक खाते में दिए जाते हैं ताकि उनकी आर्थिक सहायता हो सके।

e‑KYC सुधार करने की अंतिम तिथि

कुछ महिलाओं का पैसा इसलिए रुका हुआ था क्योंकि उनके e‑KYC में गलती थी या पूरा नहीं हुआ था। उनके लिए सरकार ने पोर्टल पर e‑KYC सुधार करने की अंतिम तारीख 31 मार्च तक तय की है। अगर इस तिथि तक सही जानकारी पोर्टल में अपडेट नहीं की गई तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

बैंक खाता आधार से लिंक क्यों जरूरी है?

पैसा सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए आता है। अगर आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो पैसा खाते में नहीं आएगा। इसलिए जितनी जल्दी हो सके ऑफिस जाकर आधार‑बैंक लिंक करवाना चाहिए। इसके लिए अपने आधार कार्ड और बैंक पासबुक को साथ लेकर जाना होता है।

महिलाओं को कब मिलेंगे पैसे?

अभी जिन महिला लाभार्थियों का आवेदन ऑन‑टाइम किया गया है और जिनके e‑KYC में कोई गड़बड़ी नहीं है उन्हें आने वाले 2‑3 दिनों में ₹1,500 का भुगतान उनके बैंक खाते में मिलना शुरू हो जाएगा।

लाभार्थियों के लिए जरूरी बातें

  • अगर e‑KYC पूरा नहीं है तो वह 31 मार्च से पहले सुधार जरूर कर लें।
  • बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो तुरंत बैंक जाकर लिंक करवा लें।
  • अगर पैसा नहीं आया तो अपने लाभार्थी स्टेटस और पोर्टल अपडेट्स की जांच करें।

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