यूपी सरकार भरेगी किसानों के लोन का ब्याज! जानिए पूरा प्लान
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लोन का ब्याज भरेगी और Kisan Credit Card के जरिए अब सिर्फ 5 मिनट में लोन मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने e-KCC, कम ब्याज दर, 3 लाख करोड़ के कृषि लोन लक्ष्य और किसानों को मिलने वाली नई सुविधाओं की पूरी जानकारी दी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए लोन लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ई-केसीसी (e-KCC) व्यवस्था को मजबूत किया है जिससे अब मात्र 5 मिनट में लोन स्वीकृत किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार किसानों के लोन पर ब्याज का बड़ा हिस्सा खुद वहन करेगी ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
पहले और अब में बड़ा फर्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले जब कोई किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लोन लेने जाता था तो उसे 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई ज्यादा थी और कई बार किसान हतोत्साहित हो जाता था। लेकिन अब डिजिटल और ई-केसीसी सिस्टम के जरिए यह प्रक्रिया बेहद सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है। यही सुशासन का उदाहरण है जहां योजनाएं जमीन पर असर दिखा रही हैं।
2026-27 में कृषि लोन का बड़ा लक्ष्य
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपये के कृषि लोन का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पहले की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के छोटे, सीमांत और मध्यम किसानों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसान समय पर लोन लेकर खेती में निवेश करें और उनकी आय बढ़े।
किसानों को सिर्फ 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले किसानों को लगभग 11 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन लेना पड़ता था जिससे वे कर्ज के बोझ में दब जाते थे। अब सरकार ने निर्देश दिए हैं कि लघु और सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिया जाए। बाकी ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। इससे किसानों को राहत मिलेगी और बैंकिंग सिस्टम भी मजबूत होगा।
AI और तकनीक से बदलेगी खेती
योगी सरकार खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में AI एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है जिससे फसल उत्पादन, लागत नियंत्रण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
FPO बने यूपी की नई ताकत
फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) को प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर FPO और महिलाओं द्वारा संचालित मथुरा की सरसों उत्पादन कंपनी की सराहना की। ये FPO पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं और दिखा रहे हैं कि संगठित खेती कैसे सफलता दिला सकती है।
MSME और ODOP से बदली प्रदेश की पहचान
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना ने MSME सेक्टर को नई पहचान दी है। आज प्रदेश में लगभग 96 लाख MSME यूनिट्स काम कर रही हैं जिनसे करीब 3 करोड़ परिवार जुड़े हैं। सरकार 5 लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा भी दे रही है। टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से ODOP को एक मजबूत ब्रांड बनाया गया है जिससे प्रदेश का निर्यात तेजी से बढ़ा है।
मुफ्त बिजली और सिंचाई से किसानों को राहत
उत्तर प्रदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है और नहरों से सिंचाई भी मुफ्त है। इसके अलावा एक लाख से ज्यादा किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं जिससे खेती की लागत काफी कम हुई है।
बैंकों से शर्तें आसान करने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैंकों से अपील की है कि वे लोन की शर्तों को सरल बनाएं और किसानों, FPO, MSME और सहकारिता से जुड़े लोगों को सकारात्मक सहयोग दें। योजनाओं का असली लाभ तभी मिलेगा जब वे जमीन पर सही तरीके से लागू हों और किसानों तक आसानी से पहुंचें।
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए लोन लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ई-केसीसी (e-KCC) व्यवस्था को मजबूत किया है जिससे अब मात्र 5 मिनट में लोन स्वीकृत किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार किसानों के लोन पर ब्याज का बड़ा हिस्सा खुद वहन करेगी ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
पहले और अब में बड़ा फर्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले जब कोई किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लोन लेने जाता था तो उसे 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई ज्यादा थी और कई बार किसान हतोत्साहित हो जाता था। लेकिन अब डिजिटल और ई-केसीसी सिस्टम के जरिए यह प्रक्रिया बेहद सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है। यही सुशासन का उदाहरण है जहां योजनाएं जमीन पर असर दिखा रही हैं।
2026-27 में कृषि लोन का बड़ा लक्ष्य
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपये के कृषि लोन का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पहले की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के छोटे, सीमांत और मध्यम किसानों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसान समय पर लोन लेकर खेती में निवेश करें और उनकी आय बढ़े।
किसानों को सिर्फ 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले किसानों को लगभग 11 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन लेना पड़ता था जिससे वे कर्ज के बोझ में दब जाते थे। अब सरकार ने निर्देश दिए हैं कि लघु और सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिया जाए। बाकी ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। इससे किसानों को राहत मिलेगी और बैंकिंग सिस्टम भी मजबूत होगा।
AI और तकनीक से बदलेगी खेती
योगी सरकार खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में AI एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है जिससे फसल उत्पादन, लागत नियंत्रण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
FPO बने यूपी की नई ताकत
फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) को प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर FPO और महिलाओं द्वारा संचालित मथुरा की सरसों उत्पादन कंपनी की सराहना की। ये FPO पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं और दिखा रहे हैं कि संगठित खेती कैसे सफलता दिला सकती है।
MSME और ODOP से बदली प्रदेश की पहचान
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना ने MSME सेक्टर को नई पहचान दी है। आज प्रदेश में लगभग 96 लाख MSME यूनिट्स काम कर रही हैं जिनसे करीब 3 करोड़ परिवार जुड़े हैं। सरकार 5 लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा भी दे रही है। टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से ODOP को एक मजबूत ब्रांड बनाया गया है जिससे प्रदेश का निर्यात तेजी से बढ़ा है।
मुफ्त बिजली और सिंचाई से किसानों को राहत
उत्तर प्रदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है और नहरों से सिंचाई भी मुफ्त है। इसके अलावा एक लाख से ज्यादा किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं जिससे खेती की लागत काफी कम हुई है।
बैंकों से शर्तें आसान करने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैंकों से अपील की है कि वे लोन की शर्तों को सरल बनाएं और किसानों, FPO, MSME और सहकारिता से जुड़े लोगों को सकारात्मक सहयोग दें। योजनाओं का असली लाभ तभी मिलेगा जब वे जमीन पर सही तरीके से लागू हों और किसानों तक आसानी से पहुंचें।


