यूपी सरकार भरेगी किसानों के लोन का ब्याज! जानिए पूरा प्लान

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लोन का ब्याज भरेगी और Kisan Credit Card के जरिए अब सिर्फ 5 मिनट में लोन मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने e-KCC, कम ब्याज दर, 3 लाख करोड़ के कृषि लोन लक्ष्य और किसानों को मिलने वाली नई सुविधाओं की पूरी जानकारी दी है।

Kisan Credit Card Loan Yojana
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
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userअसमीना
calendar06 Feb 2026 02:38 PM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए लोन लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ई-केसीसी (e-KCC) व्यवस्था को मजबूत किया है जिससे अब मात्र 5 मिनट में लोन स्वीकृत किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार किसानों के लोन पर ब्याज का बड़ा हिस्सा खुद वहन करेगी ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें।

पहले और अब में बड़ा फर्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले जब कोई किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लोन लेने जाता था तो उसे 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई ज्यादा थी और कई बार किसान हतोत्साहित हो जाता था। लेकिन अब डिजिटल और ई-केसीसी सिस्टम के जरिए यह प्रक्रिया बेहद सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है। यही सुशासन का उदाहरण है जहां योजनाएं जमीन पर असर दिखा रही हैं।

2026-27 में कृषि लोन का बड़ा लक्ष्य

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपये के कृषि लोन का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पहले की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के छोटे, सीमांत और मध्यम किसानों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसान समय पर लोन लेकर खेती में निवेश करें और उनकी आय बढ़े।

किसानों को सिर्फ 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले किसानों को लगभग 11 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन लेना पड़ता था जिससे वे कर्ज के बोझ में दब जाते थे। अब सरकार ने निर्देश दिए हैं कि लघु और सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिया जाए। बाकी ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। इससे किसानों को राहत मिलेगी और बैंकिंग सिस्टम भी मजबूत होगा।

AI और तकनीक से बदलेगी खेती

योगी सरकार खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में AI एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है जिससे फसल उत्पादन, लागत नियंत्रण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

FPO बने यूपी की नई ताकत

फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) को प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर FPO और महिलाओं द्वारा संचालित मथुरा की सरसों उत्पादन कंपनी की सराहना की। ये FPO पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं और दिखा रहे हैं कि संगठित खेती कैसे सफलता दिला सकती है।

MSME और ODOP से बदली प्रदेश की पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना ने MSME सेक्टर को नई पहचान दी है। आज प्रदेश में लगभग 96 लाख MSME यूनिट्स काम कर रही हैं जिनसे करीब 3 करोड़ परिवार जुड़े हैं। सरकार 5 लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा भी दे रही है। टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से ODOP को एक मजबूत ब्रांड बनाया गया है जिससे प्रदेश का निर्यात तेजी से बढ़ा है।

मुफ्त बिजली और सिंचाई से किसानों को राहत

उत्तर प्रदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है और नहरों से सिंचाई भी मुफ्त है। इसके अलावा एक लाख से ज्यादा किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं जिससे खेती की लागत काफी कम हुई है।

बैंकों से शर्तें आसान करने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैंकों से अपील की है कि वे लोन की शर्तों को सरल बनाएं और किसानों, FPO, MSME और सहकारिता से जुड़े लोगों को सकारात्मक सहयोग दें। योजनाओं का असली लाभ तभी मिलेगा जब वे जमीन पर सही तरीके से लागू हों और किसानों तक आसानी से पहुंचें।

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ममता बनर्जी ने महिलाओं-युवाओं के लिए खोला खजाना, हर महीने मिलेंगे पैसे

पश्चिम बंगाल बजट 2026-27 में ममता बनर्जी सरकार ने चुनाव से पहले महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े ऐलान किए हैं। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत अब SC/ST महिलाओं को 1700 रुपये और सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे।

Laxmi Bhandar Scheme
लक्ष्मी भंडार योजना
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userअसमीना
calendar06 Feb 2026 01:56 PM
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चुनावी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को पेश किए गए 2026-27 के अंतरिम बजट में महिलाओं, युवाओं और श्रमिक वर्ग के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। कुल 4.06 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को चुनाव से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बजट में सीधे आम लोगों की जेब से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है जिससे इसका असर हर घर तक पहुंचने की उम्मीद है।

लक्ष्मी भंडार योजना में बड़ा इजाफा

महिलाओं के लिए चलाई जा रही लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना में ममता सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब तक इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1000 से 1200 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन बजट 2026-27 में इसमें 500 रुपये महीने की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है। अब SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह योजना 25 से 60 वर्ष की उन महिलाओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में आती हैं। इस फैसले से लाखों महिलाओं को सीधी आर्थिक राहत मिलने वाली है।

बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा लाभ

महिलाओं के साथ-साथ सरकार ने बेरोजगार युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया गया है जिसके तहत 21 से 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह बेरोजगारी भत्ता युवाओं को तब तक मिलेगा जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती या फिर अधिकतम 5 साल तक। सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और नौकरी की तलाश के दौरान आर्थिक सहारा देना है।

आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में भी बढ़ोतरी

बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी जमीनी कार्यकर्ताओं को भी राहत दी गई है। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। इससे इन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को काफी हद तक पूरा किया गया है।

कुल बजट और सरकार की रणनीति

वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पेश किए गए इस अंतरिम बजट का कुल आकार 4.06 लाख करोड़ रुपये है। बजट से साफ है कि ममता बनर्जी सरकार का फोकस इस बार महिलाओं, युवाओं और निम्न-आय वर्ग पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये घोषणाएं आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनाव कब होंगे?

पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में मार्च-अप्रैल 2026 के बीच विधानसभा चुनाव होने की पूरी संभावना है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं जिन पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव से पहले राज्य का राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है। SIR मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव चल रहा है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के निर्वाचन आयोग से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है।

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बोर्ड स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा फ्री लैपटॉप

मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना के तहत दिल्ली सरकार CBSE बोर्ड की 10वीं परीक्षा में टॉप-1200 छात्रों को 60 हजार रुपये से ज्यादा कीमत का फ्री लैपटॉप दे रही है। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से मजबूत बनाना है।

Free Laptop Scheme
मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना क्या है
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userअसमीना
calendar06 Feb 2026 12:40 PM
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CBSE की 10वीं बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं और लाखों छात्र पूरे मन से अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। अगर आप भी दिल्ली से हैं और इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं तो आपके लिए एक शानदार खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने मेधावी छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 10वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को 60 हजार रुपये से ज्यादा कीमत का हाई-क्वालिटी लैपटॉप बिल्कुल मुफ्त दिया जाएगा। यह योजना न केवल छात्रों को मेहनत के लिए प्रेरित करती है बल्कि उनके भविष्य को भी तकनीक से जोड़ने का एक मजबूत कदम है।

क्या है मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना?

मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत बनाना है। सरकार ने इस योजना के लिए 7.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसके अंतर्गत CBSE बोर्ड की 10वीं परीक्षा में टॉप-1200 रैंक हासिल करने वाले छात्रों को अत्याधुनिक लैपटॉप दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, हर लैपटॉप की कीमत 60 हजार रुपये से अधिक होगी और इसमें पढ़ाई से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

छात्रों को लैपटॉप देने का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य मकसद छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। आज के समय में ऑनलाइन पढ़ाई, ई-लर्निंग, प्रोजेक्ट वर्क, रिसर्च और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लैपटॉप बेहद जरूरी हो गया है। मुफ्त लैपटॉप मिलने से छात्र डिजिटल कंटेंट तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे, नए स्किल्स सीख सकेंगे और टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल पाएंगे। इससे न केवल उनकी पढ़ाई बेहतर होगी बल्कि भविष्य में करियर के नए अवसर भी खुलेंगे।

फ्री लैपटॉप योजना के लिए कौन होगा पात्र?

मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई हैं। इस योजना में केवल दिल्ली के CBSE बोर्ड से 10वीं परीक्षा देने वाले छात्र ही शामिल होंगे। वे छात्र जो CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा की टॉप-1200 मेरिट लिस्ट में जगह बनाएंगे वही इस योजना के पात्र होंगे। इसके साथ ही छात्र का रेगुलर स्कूल से पढ़ाई करना अनिवार्य है यानी ओपन स्कूल या पत्राचार से पढ़ने वाले छात्र इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा, 10वीं पास करने के बाद 11वीं कक्षा में दाखिला लेना भी जरूरी होगा।

फ्री लैपटॉप के लिए आवेदन कैसे होगा?

फिलहाल इस योजना की आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। शिक्षा विभाग जल्द ही इससे जुड़ी पूरी जानकारी आधिकारिक रूप से जारी करेगा। माना जा रहा है कि छात्रों को अपने स्कूल के माध्यम से मार्कशीट, आधार कार्ड और दिल्ली निवास प्रमाण पत्र जमा करना पड़ सकता है। हालांकि यह भी संभव है कि दिल्ली सरकार खुद ही टॉप-1200 छात्रों की सूची तैयार कर उन्हें सीधे सूचित करे। इसके बाद किसी विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा छात्रों को लैपटॉप वितरित किए जा सकते हैं।

कौन-सा लैपटॉप मिलेगा छात्रों को?

जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत छात्रों को हाई-क्वालिटी i7 प्रोसेसर वाला लैपटॉप दिया जा सकता है जिसकी कीमत 60 हजार रुपये से ज्यादा होगी। यह लैपटॉप पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, कोडिंग, रिसर्च और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह उपयुक्त होगा। इससे छात्रों को अलग से महंगे डिजिटल उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको किसी फॉर्म या आवेदन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपका सबसे बड़ा काम है पूरी मेहनत से पढ़ाई करना। CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-1200 में जगह बनाते ही आप स्वतः इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। यह योजना मेहनती छात्रों के लिए एक बड़ा मोटिवेशन है जो उनकी काबिलियत को पहचान देने का काम करती है।