Hindi Kavita: इस कविता को पढ़ कर याद आएंगे “दिनकर”
क्षमादान! संहार तू रोज करता है तापस भूमि के कण-कण को रौंदकर , कौन सा साम्राज्य तेरे ह्रदय को भरता…
क्षमादान! संहार तू रोज करता है तापस भूमि के कण-कण को रौंदकर , कौन सा साम्राज्य तेरे ह्रदय को भरता…
Hindi Kahani – महात्मा बुद्ध प्रवचन सभा में आकर मौन बैठ गये। शिष्य समुदाय उनके इस मौन के कारण चिंतित…
Hindi Kavita – जब होती हूँ पंख उड़ जाते हो थामकर मुझे नीले विस्तार में जब होती हूँ ख़्वाब भर…
Hindi Kavita – किस दुनिया से आये हो तुम पाषाणों में जीवन भरने जूठे जल से किया आचमन जप टूटी…
Hindi Kahani – एक आदमी एक भयानक समुद्र दुर्घटना से बच गया और वो तैरते हुए एक टापू पर पहुंच…
Hindi Kavita – वैसी ही हमदर्दी रखते, हम मज़दूर, किसानों से जैसी हमदर्दी रहती है, शम्मा को परवानों से। हम…
hindi kahani – बहुत समय पहले की बात हैं, एक बार एक राजा ने अपनी प्रजा की परीक्षा लेने की…
Hindi Kavita – मैं कुछ दिनों तनहाई चाहती हूँ, हर बन्धन से बिदाई चाहती हूँ। कई ख़्वाब खेले पलकों पर,…
Hindi Kahani – एक राजा था। राजा से मिलने रानी साहिबा आयी तो अपने हाथों में फूलों की दो मालायें…
Hindi Kavita – हर एक पल पर अंकित कर दें सांसों के हस्ताक्षर परिवर्तन कहीं हमारे चिह्नों पर स्याही न…