संभल के सीओ ने कहा-ज्यादा खुजली हो रही हो तो ईरान भेज दूंगा

संभल जिले में अलविदा जुमा और ईद-उल-फितर को शांति और सुरक्षा के साथ मनाने को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क है। इसी के तहत संभल कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

sambhal (4)
संभल के सीओ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 05:59 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अलविदा जुमा और ईद-उल-फितर को शांति और सुरक्षा के साथ मनाने को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क है। इसी के तहत संभल कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

सीओ का विवादित बयान

सीओ सदर कुलदीप कुमार ने बैठक में कहा कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच जिले में कुछ लोगों की खुजली बढ़ रही है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जिसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, वह जहाज में बैठकर ईरान जाकर लड़ाई लड़कर लौट आए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद या विदेशों के मुद्दों को लेकर स्थानीय लोगों को नारेबाजी नहीं करनी चाहिए। किसी प्रकार की हिंसा, काली पट्टी बांधना या विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस की भूमिका

सीओ ने यह भी कहा कि पुलिस सिर्फ वही कार्रवाई करेगी जहाँ स्लोगन लिखे जाते हैं या पोस्टर छपते हैं। स्थानीय कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले किसी भी प्रयास को रोकने के लिए पूरी तैयारी है। बैठक में मौजूद समाजसेवी हाजी एहतेशाम और अन्य गणमान्य लोगों ने शहरवासियों से अपील की कि अलविदा जुमा और ईद के पर्व को शांति, भाईचारा और सौहार्द के साथ मनाया जाए। सीओ ने भी कहा कि त्योहार प्यार और मिठास का है, इसलिए कोई भी कड़वाहट न फैलाए।


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में एसी न चलने से नाराज हुआ दुल्हा, बारात बिना दुल्हन के लौटी

औरैया जिले के बिधूना क्षेत्र में एक शादी समारोह अचानक विवाद में बदल गया। मामला दहेज की मांग और कमरे में एसी न चलने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में तब्दील हो गया।

vivah (2)
शादी समारोह अचानक विवाद में बदल गया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 05:39 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना क्षेत्र में एक शादी समारोह अचानक विवाद में बदल गया। मामला दहेज की मांग और कमरे में एसी न चलने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में तब्दील हो गया। लड़के के पक्ष ने पांच लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग की, जिससे लड़की पक्ष असहज हो गया और आखिरकार बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।

विवाद का कारण

जानकारी के अनुसार, 11 मार्च को कानपुर के पास परघई गांव से उदय पुत्र शिवशंकर की बारात बिधूना के गोपाल मैरिज होम में पहुंची। लड़की पक्ष ने परंपरा अनुसार स्वागत और नाश्ते की व्यवस्था की। इसके बाद लगन की रस्म भी पूरी की गई। लेकिन इसी दौरान लड़के पक्ष ने अचानक पांच लाख रुपये नकद की मांग रख दी। लड़की पक्ष ने इतना बड़ा रकम देने में असमर्थता जताई, जिससे मामला बढ़ गया।

एसी और रिमोट विवाद

लड़की पक्ष ने बताया कि कमरे का एसी काम नहीं कर रहा था, और इसके रिमोट को बारातियों ने तोड़ दिया। इससे दोनों पक्षों के बीच झगड़ा और मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि लड़के पक्ष ने महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी हाथापाई की। लड़की पक्ष का कहना है कि शादी से पहले ही वर-रक्षा की रस्म में 21 डलिया फल, 21 जोड़ी कपड़े और करीब 1.80 लाख रुपये नकद दे दिए गए थे। इसके बावजूद लड़के पक्ष द्वारा अतिरिक्त पांच लाख रुपये की मांग की गई।

बारात बिना दुल्हन के लौट गई

लगभग 250 लोगों के साथ आई बारात रात भर हंगामा करती रही। सुबह करीब चार बजे बारात बिना शादी किए ही वापस लौट गई, जिससे शादी अधूरी रह गई। घटना के बाद लड़की पक्ष बिधूना कोतवाली पहुंचा और न्याय की मांग की। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में है दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल, जानें शहर का नाम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल माना जाता है। इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। यह स्कूल 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और डॉ. भारती गांधी द्वारा शुरू किया गया था।

school (8)
सिटी मोंटेसरी स्कूल
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 05:19 PM
bookmark

UP News : भारत के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल माना जाता है। इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। यह स्कूल 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और डॉ. भारती गांधी द्वारा शुरू किया गया था। शुरुआत केवल पांच छात्रों के साथ हुई थी, लेकिन आज यह विश्व के सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थानों में से एक बन चुका है।

छात्र और स्टाफ

इस स्कूल में 60,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं।

पूरे लखनऊ में इसके 21 अलग-अलग कैंपस हैं।

लगभग 4,500 शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी यहाँ कार्यरत हैं।

शिक्षा प्रणाली

इस स्कूल में शिक्षा चार स्तरों में दी जाती है: 

1. प्री-प्राइमरी - खेल-खेल में सीखने का माहौल।

2. प्राइमरी

3. जूनियर

4. सीनियर सेकेंडरी

यहाँ केवल अकादमिक शिक्षा पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, नैतिक मूल्य और सामाजिक कौशल के विकास पर भी जोर दिया जाता है।

स्कूल में सुविधाएँ

* 1,000 से अधिक कक्षाएं।

* 3,700 से अधिक कंप्यूटर।

* अत्याधुनिक तकनीक और संसाधनों के साथ आधुनिक शिक्षा।

* 2005 -दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल (गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड)।

* 2002 - यूनेस्को शांति शिक्षा पुरस्कार।

* दलाई लामा द्वारा होप आफ ह्यूमिनिटी अवार्ड।





संबंधित खबरें