उत्तर प्रदेश में 12 नए एक्सप्रेसवे बनने की तैयारी, छोटे कस्बों तक पहुंचेगी कनेक्टिविटी
फिलहाल उत्तर प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हैं और 3 का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, अब 12 नए एक्सप्रेसवे बनाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। सरकार का उद्देश्य है कि सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे से छोटे कस्बे भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़े रहें।

UP News : योगी सरकार ने राज्य को 22 एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बनाने का जो लक्ष्य रखा था, वह अब जमीन पर साकार होने लगा है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हैं और 3 का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, अब 12 नए एक्सप्रेसवे बनाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। सरकार का उद्देश्य है कि सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे से छोटे कस्बे भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़े रहें। इससे राज्य के हर हिस्से की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों की यात्रा आसान होगी।
यूपी बनेगा 22 एक्सप्रेसवे वाला राज्य
वर्तमान में 7 सक्रिय और 3 निमार्णाधीन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद, यूपी में कुल 10 एक्सप्रेसवे होंगे। इसके बाद 12 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण होने पर राज्य रिकॉर्ड 22 एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बन जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और सभी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा निवेश और रोजगार
22 एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल राज्य के सभी जिले, शहर और कस्बे आपस में जुड़े होंगे, बल्कि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के साथ भी बेहतर संपर्क स्थापित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और निवेश में वृद्धि होगी, नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस प्रकार राज्य की आर्थिक ताकत में भी इजाफा होगा।
विशेष रूट्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
नई परियोजनाओं का मकसद पूर्वी और पश्चिमी यूपी को सीधे जोड़ना है। उदाहरण के तौर पर, गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे बनने से दोनों छोरों के बीच यात्रा की दूरी कई घंटे कम हो जाएगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाएंगे और जिलों में प्लेज पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय किसान और उद्यमी नई फैक्ट्रियों की स्थापना कर सकेंगे।
व्यापार और सप्लाई चेन को मिलेगा लाभ
ये एक्सप्रेसवे सिर्फ आम जनता की यात्रा के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। इससे यूपी की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और राज्य आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा। UP News
UP News : योगी सरकार ने राज्य को 22 एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बनाने का जो लक्ष्य रखा था, वह अब जमीन पर साकार होने लगा है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हैं और 3 का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, अब 12 नए एक्सप्रेसवे बनाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। सरकार का उद्देश्य है कि सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे से छोटे कस्बे भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़े रहें। इससे राज्य के हर हिस्से की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों की यात्रा आसान होगी।
यूपी बनेगा 22 एक्सप्रेसवे वाला राज्य
वर्तमान में 7 सक्रिय और 3 निमार्णाधीन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद, यूपी में कुल 10 एक्सप्रेसवे होंगे। इसके बाद 12 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण होने पर राज्य रिकॉर्ड 22 एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बन जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और सभी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा निवेश और रोजगार
22 एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल राज्य के सभी जिले, शहर और कस्बे आपस में जुड़े होंगे, बल्कि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के साथ भी बेहतर संपर्क स्थापित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और निवेश में वृद्धि होगी, नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस प्रकार राज्य की आर्थिक ताकत में भी इजाफा होगा।
विशेष रूट्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
नई परियोजनाओं का मकसद पूर्वी और पश्चिमी यूपी को सीधे जोड़ना है। उदाहरण के तौर पर, गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे बनने से दोनों छोरों के बीच यात्रा की दूरी कई घंटे कम हो जाएगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाएंगे और जिलों में प्लेज पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय किसान और उद्यमी नई फैक्ट्रियों की स्थापना कर सकेंगे।
व्यापार और सप्लाई चेन को मिलेगा लाभ
ये एक्सप्रेसवे सिर्फ आम जनता की यात्रा के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। इससे यूपी की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और राज्य आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा। UP News












