अखिलेश यादव ने कहा कि बजट के साथ यह समझौता चर्चा में है और देश जानना चाहता है कि इससे भारतीय किसानों और उद्योगों को क्या फायदा होगा। उनका कहना था कि यदि यह समझौता सही मायनों में देशहित में होता, तो पहले ही किया जाना चाहिए था।

UP News : लोकसभा में चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में अमेरिका के साथ हुई व्यापार समझौता वास्तव में कोई सच्ची डील नहीं है, बल्कि इसमें भारत की प्राथमिकताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने इसे डील नहीं, ढील हुई है करार दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि बजट के साथ यह समझौता चर्चा में है और देश जानना चाहता है कि इससे भारतीय किसानों और उद्योगों को क्या फायदा होगा। उनका कहना था कि यदि यह समझौता सही मायनों में देशहित में होता, तो पहले ही किया जाना चाहिए था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि इससे भारतीय कृषि, डेयरी और छोटे उद्योग प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि विदेशी सस्ते उत्पाद बाजार में आ सकते हैं।
भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना और कुछ उत्पादों पर शुल्क दरों (टैरिफ) को तय करना है। हालांकि, इसमें अभी संपूर्ण डील की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, और केवल दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
* भारत और अमेरिका के बीच कुछ उत्पादों पर दो तरफा टैरिफ दर तय की जा सकती है।
* अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगभग 18% टैरिफ लागू करने की योजना बना रहा है।
* भारत भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क की समीक्षा कर सकता है। सरकार का कहना है कि यह फ्रेमवर्क व्यापार को बढ़ाने की दिशा में पहला कदम है, जबकि विपक्ष इसे देशहित के खिलाफ मान रहा है।
अखिलेश यादव के अलावा अन्य विपक्षी दल और किसान संगठन भी इस डील पर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह समझौता भारतीय किसानों और छोटे उद्योगों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। कुछ किसान समूहों ने इसके खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। अखिलेश ने यह भी कहा कि सरकार को संपूर्ण डील की शर्तें पारदर्शी रूप से संसद में प्रस्तुत करनी चाहिए ताकि जनता समझ सके कि वास्तविक लाभ और हानि क्या हैं। केंद्र सरकार ने इसे द्विपक्षीय व्यापार विस्तार का कदम बताया है। उनका कहना है कि इस डील में संवेदनशील कृषि और उद्योग उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए बातचीत जारी है और यह भारत के आर्थिक हित में है। UP News