अलंकार अग्निहोत्री के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ आरोप पत्र शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद जांच अधिकारी को भेज दिया गया है। अब यह दस्तावेज शामली के जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा, जो इसे अलंकार को रिसीव कराएंगे।

UP News : निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ आरोप पत्र शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद जांच अधिकारी को भेज दिया गया है। अब यह दस्तावेज शामली के जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा, जो इसे अलंकार को रिसीव कराएंगे।
गणतंत्र दिवस के दिन अलंकार ने बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे का कारण यूजीसी के नए नियम और प्रयागराज में एक विवाद को बताया। इसके तुरंत बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के अगले दिन, अलंकार और उनके समर्थकों ने पूरे दिन प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो जिला प्रशासन ने रिकॉर्ड करके शासन को भेजा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अलंकार पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति लोगों को इकट्ठा करके प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। साथ ही, उन्होंने जातिगत, धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी की, जिससे लोक शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित होने का प्रयास हुआ।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि आरोप पत्र को शासन से अनुमोदन मिलने के बाद शामली के जिलाधिकारी को भेजा गया है। जिलाधिकारी इसे अलंकार को सुपुर्द करेंगे। इसके बाद उनके जवाब और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी एक्ट को काला कानून कहा और इसे वापस न लिए जाने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। इसके अलावा, उन्होंने यूजीसी नियमों और केंद्र सरकार पर भी गंभीर टिप्पणियाँ कीं, यह आरोप लगाया कि नियम जातियों और वर्गों को अलग करने की साजिश के तहत बनाए गए हैं।