उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री का बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश पंचायत के चुनाव अप्रैल तथा मई-2026 में प्रस्तावित हैं। इस बीच लगातार खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव एक साल बाद यानि कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाएंगे।

ओमप्रकाश राजभर
ओमप्रकाश राजभर
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Feb 2026 06:20 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री ने बड़ा दावा किया है। उत्तर प्रदेश में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के इस दावे को बहुतम ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश पंचायत के चुनाव अप्रैल तथा मई-2026 में प्रस्तावित हैं। इस बीच लगातार खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव एक साल बाद यानि कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाएंगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री का दावा बड़ी अहमियत रखता है।

पंचायत चुनाव को लेकर क्या बोले उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री

उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव विधानसभा के चुनाव से पहले ही करा दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव ही चुनाव होंगे। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव की तारीखों की भी जल्दी ही घोषणा की जाएगी। 

पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी करने का भी दावा

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राजभर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया में जारी एक बयान में कहा है कि, पंचायत चुनाव की सरकार पूरी तैयारी कर रही है, मतपत्र छपकर सभी जिले में चले गए हैं. उन्होंने दावा किया है कि पंचायत चुनाव समय से होंगे, मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले होंगे या बाद में? इस पर उन्होंने कहा कि, विधानसभा चुनाव से पहले होंगे। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में साल 2026 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि चुनाव में इस बारे भी देरी हो सकती है। ज्ञात हो कि साल 2021 की मई में संपन्न हुए पंचायत चुनाव भी कोविड की वजह से देरी से हुए थे। अब दावा है कि इस वर्ष अप्रैल-मई में प्रस्तावित चुनाव फिर देरी से हो सकते हैं। फिलहाल इन सब तमाम खबरों के बीच प्रदेश की जनता की निगाहें पंचायत चुनाव के तारीखों के ऐलान पर टिकी हुई हैं। UP News

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चाय बेचने वाला भी बन सकता है IAS अधिकारी

उत्तर प्रदेश के इस लाड़ले बेटे ने लाखों युवाओं के सामने यह मिसाल पेश की है कि यदि हौंसला हो तथा पक्का ईरादा हो तो कोई भी युवा भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवा IAS में जा सकता है। उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की यह कहानी बेहद प्रेरणादायक है।

उत्तर प्रदेश के लाड़ले बेटे हिमांशु गुप्ता
उत्तर प्रदेश के लाड़ले बेटे हिमांशु गुप्ता
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Feb 2026 06:03 PM
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UP News : एक चाय बेचने वाला साधारण सा युवक भी IAS अधिकारी बन सकता है। चाय बेचकर IAS बनने की यह कहानी उत्तर प्रदेश के एक IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की कहानी है। उत्तर प्रदेश के इस लाड़ले बेटे ने लाखों युवाओं के सामने यह मिसाल पेश की है कि यदि हौंसला हो तथा पक्का ईरादा हो तो कोई भी युवा भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवा IAS में जा सकता है। उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की यह कहानी बेहद प्रेरणादायक है।

उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने कर दिया कमाल

उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की IAS की यात्रा से पहले बता दें कि हिमांशु गुप्ता वर्ष-2021 बैच के IAS अधिकारी हैं। UPSC की रैंक के हिसाब से उन्हें उड़ीसा कैडर मिला था। उत्तर प्रदेश की IAS अधिकारी शिवा सिंह के साथ विवाह करने के बाद उन्होंने अपनी तैनाती उत्तर प्रदेश में करा ली थी। वह लगातार उत्तर प्रदेश में ही अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के रहने वाले हैं हिमांशु गुप्ता

IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के रहने वाले हैं। हिमांशु गुप्ता के पिता बरेली में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे और हिमांशु स्कूल से लौटने के बाद उसी दुकान पर हाथ बंटाते थे। ग्राहकों को चाय परोसना, खाली कप धोना और तानों को चुपचाप सहना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। चाय की दुकान पर बैठे-बैठे ही हिमांशु ने अपने जीवन को बदलने का सपना देखा। वहीं रखे अखबारों के जरिए उन्होंने दुनिया को समझना शुरू किया। गरीबी और अभाव ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बनाया। उन्होंने तय कर लिया था कि वे इस हालात से बाहर निकलेंगे और अपने परिवार को एक बेहतर जीवन देंगे।

हिमांशु गुप्ता ने शिक्षा को बनाया सबसे बड़ी ताकत

हिमांशु की प्रतिभा का प्रमाण उनकी स्कूली सफलता से ही मिलने लगा था। पढ़ाई में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में दाखिला हासिल किया। दिल्ली पहुंचना उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था न पैसे थे, न रहने की सुविधा और न ही अंग्रेजी भाषा पर पकड़। लेकिन उन्होंने हालात के आगे घुटने नहीं टेके। ट्यूशन पढ़ाकर, स्कॉलरशिप हासिल करके और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान हिमांशु ने किसी भी महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने इंटरनेट, किताबों और लाइब्रेरी को ही अपना गुरु बनाया। खुद नोट्स तैयार किए और घंटों एकांत में पढ़ाई की। उनका सफर आसान नहीं था। उन्होंने तीन बार परीक्षा दी। पहले प्रयास में IRTS, दूसरे में IPS और आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल करते हुए IAS बनने का सपना पूरा किया। इन दिनों हिमांशु गुप्ता IAS के तौर पर जनता की भरपूर सेवा कर रहे हैं। UP News



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घूसखोर पण्डित के मुद्दे पर बढ़ता ही जा रहा है बवाल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर मायावती तथा अखिलेश यादव तक इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर चुके हैं। इस बीच वेब सीरीज के निर्माता ने घूसखोर पण्डित नामक अपनी वेब सीरीज का प्रचार अभियान स्थगित करने की घोषणा की है।

वेब-सीरीज घूसखोर पण्डित
वेब-सीरीज घूसखोर पण्डित
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Feb 2026 04:38 PM
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UP News : सोशल मीडिया पर रिलीज होने वाली वेब-सीरीज घूसखोर पण्डित पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। घूसखोर पण्डित के मुद्दे पर सबसे ज्यादा बवाल उत्तर प्रदेश में मचा हुआ है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर मायावती तथा अखिलेश यादव तक इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर चुके हैं। इस बीच वेब सीरीज के निर्माता ने घूसखोर पण्डित नामक अपनी वेब सीरीज का प्रचार अभियान स्थगित करने की घोषणा की है।

घूसखोर पण्डित का शीर्षक ही अपमान के लिए काफी है

वेब-सीरीज घूसखोर पण्डित के ऊपर उत्तर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से लेकर लखनऊ तक अलग-अलग शहरों में वेब-सीरीज के निर्माता तथा हीरो के विरूद्ध जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं। आंदोलन कर रहे ब्राह्मण समाज का कहना है कि इस वेब-सीरीज के शीर्षक में ही ब्राह्मण समाज का अपमान करने की भावना मौजूद है। वेब-सीरीज का विरोध करने वाले इस फिल्म के निर्माता के विरूद्ध अलग-अलग स्थानों पर एफआईआर भी दर्ज करा रहे हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में इस फिल्म घूसखोर पण्डित के निर्माता के विरूद्ध तीन एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। 

घूसखोर पण्डित की कहानी आई सामने

इस दौरान वेब-सीरीज घूसखोर पण्डित की कहानी भी सामने आई है। दरसअल वेब सीरीज घूसखोर पण्डित का टीजर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फिल्म के टीजर की शुरुआत एक बेहद असरदार डायलॉग से होती है, ‘हर करप्ट ऑफिसर को बदलने का एक मौका मिलता है। अब ऑफिसर अजय दीक्षित की बारी।’ यह एक ही वाक्य फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट का सार बयां कर देता है। कहानी अजय दीक्षित नाम के एक पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका कैरियर बुरे कामों से दागदार रहा है। टीजर से संकेत मिलते हैं कि यह फिल्म केवल एक क्राइम ड्रामा नहीं है, बल्कि एक व्यक्ति के अपने जमीर और समाज के बीच चल रहे द्वंद्व की कहानी है। फिल्म इस सवाल को उठाती है कि क्या सिस्टम की गंदगी में डूबा हुआ एक व्यक्ति वाकई खुद को सुधार सकता है। आपको पता ही है कि फिल्म स्टार मनोज बाजपेयी जटिल और ग्रे-शेड वाले किरदारों को जीवंत करने के लिए मशहूर हैं। फिल्म घूसखोर पण्डित में मनोज बाजपेयी हीरो ‘अजय दीक्षित’ की भूमिका में रचे-बसे नजर आ रहे हैं। एक्टर के चेहरे के हाव-भाव और डायलॉग डिलीवरी की गहराई साफ दिखाती है कि यह किरदार उनके करियर के सबसे यादगार किरदारों में से एक होने वाला है। 

अनेक कलाकारों ने कामा किया है फिल्म घूसखोर पण्डित में

फिल्म घूसखोर पण्डित में नुसरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, श्रद्धा दास और किकू शारदा जैसे मंझे हुए नाम शामिल हैं। हालांकि टीजर में अन्य किरदारों के बारे में रहस्य बरकरार रखा गया है, लेकिन इतनी शानदार स्टार कास्ट से यह साफ है कि कहानी में कई पेचीदा मोड़ होंगे, जो हीरो अजय दीक्षित के सामने निजी और पेशेवर जीवन की कड़ी चुनौतियां पेश करेंगे। अपने धांसू निर्देशन और अभिनय के कारण ‘घूसखोर पंडित’ फिलहाल नेटफ्लिक्स इंडिया के सबसे पॉपुलर कॉन्टेंट की लिस्ट में टॉप पर बनी हुई है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि इस विवादित फिल्म का भविष्य क्या होगा? UP News

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