इरफ़ान सिद्दीकी के 5 यादगार शेर

कविता के समानांतर उन्होंने सूचना विभाग में भी काम किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारियाँ निभाईं। पत्रकारिता जगत में भी उनकी मौजूदगी और पहचान रही। हालांकि, कामकाजी व्यस्तता के बावजूद उन्होंने लेखन को कभी पीछे नहीं छोड़ा उनके लिए शायरी सिर्फ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक निरंतर साधना थी।

इरफ़ान सिद्दीक़ी की यादगार शायरियां
इरफ़ान सिद्दीक़ी की यादगार शायरियां
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 03:45 PM
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Irfan Siddiqui : इरफ़ान सिद्दीकी का नाम उन शायरों में आता है, जिन्होंने क्लासिकल उर्दू की तहज़ीब को संभाले रखते हुए उसे अपने दौर की संवेदना से जोड़ दिया। उनकी शायरी में न तो बनावट का शोर है, न शब्दों का दिखावा बस एक सधी हुई भाषा, पक्के बिंब और ऐसा भाव-प्रवाह जो सीधे दिल तक उतर जाता है। वे परंपरा की रौशनी से रास्ता बनाते हैं, लेकिन उनकी पंक्तियों में आज का सच, आज की बेचैनी और आज की उम्मीद भी धड़कती है। इसी संतुलन ने उन्हें महज़ लोकप्रिय नहीं, बल्कि अपनी पीढ़ी का भरोसेमंद और असरदार शायर बना दिया।

इरफ़ान ने कलम को बनाया जीवन-धर्म

1939 में बदायूं में जन्मे इरफ़ान सिद्दीकी का बचपन ऐसे माहौल में बीता जहाँ इल्म, अदब और साहित्यिक संस्कारों को विशेष महत्व दिया जाता था। यही वजह रही कि कविता की ओर उनका झुकाव बहुत कम उम्र में ही स्पष्ट हो गया। समय के साथ उनकी ग़ज़लें और नज़्में साहित्यिक हलकों में चर्चा का विषय बनने लगीं और उनकी पहचान एक गंभीर, सधे हुए रचनाकार के रूप में स्थापित होती चली गई। कविता के समानांतर उन्होंने सूचना विभाग में भी काम किया और विभिन्न वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारियाँ निभाईं। पत्रकारिता जगत में भी उनकी मौजूदगी और पहचान रही। हालांकि, कामकाजी व्यस्तता के बावजूद उन्होंने लेखन को कभी पीछे नहीं छोड़ा उनके लिए शायरी सिर्फ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक निरंतर साधना थी।

इरफ़ान सिद्दीकी टॉप 5 शेर 

1 - बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है

उसे गले से लगाए ज़माना हो गया है

2 - उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए

कि नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिए

3 - होशियारी दिल-ए-नादान बहुत करता है

रंज कम सहता है एलान बहुत करता है

4 - बदन के दोनों किनारों से जल रहा हूँ मैं

कि छू रहा हूँ तुझे और पिघल रहा हूँ मैं

5 - सरहदें अच्छी कि सरहद पे न रुकना अच्छा

सोचिए आदमी अच्छा कि परिंदा अच्छा

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अपर्णा यादव ने लगाया रिश्तों को कमजोर करने की साजिश का आरोप

उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है।

aprna
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 02:54 PM
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UP News : प्रतीक यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से पत्नी अपर्णा यादव से अलगाव को लेकर आई पोस्ट के बाद अब इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनके निजी जीवन को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है और उनके वैवाहिक रिश्ते को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। अपर्णा यादव ने कहा कि उनके और उनके पति के बीच किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ लोग सुनियोजित तरीके से ऐसी परिस्थितियाँ बना रहे हैं, जिससे दोनों के बीच मतभेद पैदा हों। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया।

कुछ लोग नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे

उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है। अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार मुखर रही हैं, जिसकी वजह से कुछ लोगों को उनकी सक्रियता खटकने लगी है।

साजिश रचने वालों की पहचान का दावा

अपर्णा यादव ने दावा किया कि जो लोग उनके और प्रतीक यादव के रिश्ते को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब दबाव में न आने पर किसी महिला को बदनाम करने की कोशिश की गई हो। समय आने पर ऐसे लोगों को सबके सामने लाया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अफवाहों के सहारे उन्हें डराया या कमजोर नहीं किया जा सकता।

प्रतीक यादव की वायरल पोस्ट से मचा था हड़कंप

गौरतलब है कि हाल ही में प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें अपर्णा यादव से अलग होने की बात कही गई थी। उस पोस्ट में अपर्णा पर परिवार तोड़ने और निजी लाभ व प्रसिद्धि के लिए ऐसा करने जैसे आरोप लगाए गए थे। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चचार्एं शुरू हो गईं। अपर्णा यादव ने इस पूरे विवाद को हाल ही में सामने आए धर्मांतरण मामले से भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने सबसे पहले उनसे संपर्क किया था, जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण को उजागर किया। उनका कहना है कि इस मामले में उनकी सक्रिय भूमिका और मुंबई चुनावों में उनकी भागीदारी के बाद पार्टी को मिली सफलता से भी कई लोग असहज हुए हैं।

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अखिलेश ने सरकार पर तीखा हमला बोला, भाजपा शंकराचार्य का कर रही अपमान

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है।

akhilesh (22)
अखिलेश यादव और शंकराचार्य
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 02:07 PM
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UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के स्नान को लेकर हुए विवाद पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार का रवैया इसके विपरीत है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अधर्म के रास्ते पर चल रही है।

भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है। ऐसे हालात में समाजवादी विचारधारा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगी हुई है, तब समाजवादी आंदोलन के मूल्यों को याद करना जरूरी है। अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और अन्य समाजवादी नेताओं के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा उन्हीं विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा

किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सरकार की योजनाएँ और कानून आम जनता के बजाय पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाए जा रहे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के मुसलमानों और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी ने दिखावे के लिए ऐसा किया है, तो उन्हें जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार में वे उपमुख्यमंत्री हैं, वहीं उन्हें बार-बार फटकार लगाई जाती है।

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