दलित वोटों पर भाजपा-सपा ने आंख गड़ाई, मायावती का क्या होगा

राज्य की राजनीति में दलित वोट लंबे समय से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं, इसलिए प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं। सपा और भाजपा दोनों दलित वोट को कब्जाने की पूरी तैयारी में जुटे हैं।

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मायावती, योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar16 Feb 2026 07:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलित मतदाताओं को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है। राज्य की राजनीति में दलित वोट लंबे समय से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं, इसलिए प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं। सपा और भाजपा दोनों दलित वोट को कब्जाने की पूरी तैयारी में जुटे हैं। मायावती जो इन वोटों पर अपना एकाधिकार समझती हैं अगर ये वोट बंटे तो वो कहां जाएंगी।

भाजपा की रणनीति

भारतीय जनता पार्टी दलित समुदाय तक सीधी पहुंच बनाने की कोशिश में जुटी है। सरकार की योजनाओं जैसे आवास, शौचालय, मुफ्त राशन और सामाजिक सुरक्षा को दलित हितैषी पहल के रूप में पेश किया जा रहा है। साथ ही दलित महापुरुषों की जयंती-पुण्यतिथि पर कार्यक्रम, गांव स्तर पर संवाद अभियान और संगठनात्मक विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि कानून-व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं से दलित वर्ग को सीधा लाभ मिला है।

सपा की पहल

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी भी दलितों को अपने सामाजिक समीकरण में जोड़ने की कोशिश कर रही है। पार्टी पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फामूर्ले को आगे बढ़ाकर भाजपा के वोट आधार में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है। अखिलेश यादव की कोशिश है कि पिछड़े वर्गों और दलितों के बीच साझा राजनीतिक मंच तैयार किया जाए, ताकि 2027 में सीधी टक्कर दी जा सके।

मायावती और बसपा की स्थिति

दलित राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा मानी जाने वाली मायावती के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई जैसा हो सकता है। उनकी पार्टी बहुजन समाज पार्टी ने हाल के चुनावों में कमजोर प्रदर्शन किया है, लेकिन दलित वोट बैंक में उसकी ऐतिहासिक पकड़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मायावती ने संकेत दिए हैं कि वह पार्टी की स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए चुनाव मैदान में उतरेंगी। उनका फोकस पारंपरिक समर्थकों को फिर से सक्रिय करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर है।

आगे क्या?

भाजपा और सपा दोनों ही दलित मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं, लेकिन अगर बसपा अपने कोर वोट बैंक को समेटने में सफल होती है तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। दलित वोटों का झुकाव किस दिशा में जाएगा, यह काफी हद तक स्थानीय नेतृत्व, उम्मीदवार चयन और जमीनी मुद्दों पर निर्भर करेगा। संक्षेप में, 2027 का चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं होगा, बल्कि यह तय करेगा कि उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति का अगला केंद्र कौन बनेगा भाजपा, सपा या फिर मायावती की बसपा।UP News


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संभल में पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन : एसपी ने एसओजी की पूरी टीम को निलंबित किया

जिले के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्पेशल आपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसपी को टीम द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के बारे में पता चला, जांच करने पर वह सही पाया गया।

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पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar16 Feb 2026 06:44 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्पेशल आपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसपी को टीम द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के बारे में पता चला, जांच करने पर वह सही पाया गया। इसके बाद एसपी ने यह एक्शन लिया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली शिकायतों के अनुसार एसओजी टीम पर अवैध वसूली और दबाव बनाकर पैसे लेने के आरोप लगे थे। बताया गया कि टीम के कुछ सदस्यों ने एक कबाड़ी से रकम की मांग की और कथित रूप से उससे पैसे भी लिए। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो एसपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए।

क्यों है यह कार्रवाई अहम?

प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी टीम को एक साथ सस्पेंड कर दिया। इस टीम में प्रभारी समेत हेड कॉन्स्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं। पूरी टीम को एक साथ निलंबित करना यह दशार्ता है कि विभाग भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के मामलों में सख्ती बरत रहा है। संदेश साफ है कि अवैध वसूली या पद के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। UP News



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उत्तर प्रदेश की अंतरिक्ष में उड़ान, 40 विद्यालयों में स्पेस लैब स्थापित

राज्य सरकार और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से अब ग्रामीण विद्यार्थियों तक अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक की पढ़ाई पहुँचाई जा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने महोबा जिले के 40 सरकारी विद्यालयों में विशेष स्पेस लैब स्थापित की हैं।

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ग्रामीण विद्यार्थियों तक अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक की पढ़ाई
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar16 Feb 2026 06:00 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रक्षा क्षेत्र में एक साथ बड़े बदलाव की शुरुआत हो रही है। राज्य सरकार और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से अब ग्रामीण विद्यार्थियों तक अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक की पढ़ाई पहुँचाई जा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने महोबा जिले के 40 सरकारी विद्यालयों में विशेष स्पेस लैब स्थापित की हैं। यह पहल स्थानीय प्रशासन और लखनऊ की व्योमिका फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रणाली और उभरती तकनीकों से परिचित कराना है।

विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा

इन लैब्स में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एक वर्ष के संरचित पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों की नियमित मूल्यांकन प्रक्रिया होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को इसरो के अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण करने का अवसर भी मिल सकता है।

लैब की प्रमुख सुविधाएँ

* आधुनिक दूरबीन

* 3डी प्रिंटर

* अंतरिक्ष मिशनों के मॉडल

* रोबोटिक्स किट

* ड्रोन उपकरण

* एसटीईएम आधारित प्रयोग सामग्री

इस पहल से बुंदेलखंड क्षेत्र के हजारों छात्रों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच तकनीकी अंतर कम करने में मदद मिलेगी।

मेरठ में बनेगा समर्पित ड्रोन रनवे

रक्षा और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मेरठ में देश का पहला समर्पित मानव रहित विमान (ड्रोन) और ड्रोन रनवे विकसित किया जाएगा। यह परियोजना लगभग 406 करोड़ रुपये की लागत से 900 एकड़ क्षेत्र में तैयार की जाएगी। रनवे की लंबाई लगभग 2110 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित है। यहाँ ड्रोन संचालन, परीक्षण और प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर परिवहन विमानों का संचालन भी संभव होगा।

संभावित उपयोग

सैन्य निगरानी, सीमा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव अभियान और दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध और सुरक्षा रणनीतियों में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह परियोजना देश की हवाई सुरक्षा क्षमता को नई मजबूती देगी। एक ओर जहां महोबा के सरकारी स्कूलों में अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की पढ़ाई शुरू हो रही है, वहीं दूसरी ओर मेरठ में ड्रोन रनवे जैसी रणनीतिक परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इन पहलों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश तकनीकी शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में नई दिशा की ओर कदम बढ़ा रहा है। UP News


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