नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित सात अन्य नेता सपा में शामिल हुए

यहां पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित सात अन्य नेता सपा में शामिल हुए। इस अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान विरोधियों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं।

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अखिलेश यादव पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Feb 2026 06:15 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना हुई। यहां पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित सात अन्य नेता सपा में शामिल हुए। इस अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान विरोधियों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं और उनकी भाषा ऐसी है कि जब मुंह खोला, तब बुरा बोला। उन्होंने दिल्ली और लखनऊ की हवा की स्थिति, वोटर लिस्ट में घोटाले, पंचायत चुनावों में देरी और राफेल डील को लेकर सरकार की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नसीमुद्दीन सहित सात अन्य नेता समाजवादी पार्टी में शामिल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण घटना हुई। यहां पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी में शामिल होकर अटकलों को समाप्त किया। इस अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। उनके अलावा इस मौके पर तीन महिला नेताओं समेत कुल सात अन्य नेता भी सपा में शामिल हुए। सिद्दीकी पहले बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके सपा में शामिल होने पर प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

अखिलेश यादव से पुराने और मजबूत रिश्ते

सिद्दीकी ने कहा कि उनके और अखिलेश यादव के बीच पुराने और मजबूत रिश्ते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह पार्टी के मार्गदर्शन में काम करेंगे और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब पार्टी मजबूत होगी, तब प्रदेश और समाज भी मजबूत होंगे। सिद्दीकी ने सपा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेरोजगारी भत्ता देना, छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध कराना और युवाओं को रोजगार देना सपा की प्रमुख कोशिशें रही हैं। इस दौरान उन्होंने शेरो-शायरी का सहारा लेकर कार्यक्रम को और जीवंत बनाया और अंत में जय समाजवाद का नारा दिया।

पार्टी को एक मजबूत मुस्लिम नेता का लाभ मिला

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने से पार्टी को एक मजबूत मुस्लिम नेता का लाभ मिला। यह खास महत्व रखता है क्योंकि लंबे समय से पार्टी के पास जमीनी स्तर पर सक्रिय मुस्लिम चेहरा नहीं था, विशेषकर आजम खां के जेल में रहने के कारण। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इससे सपा को आगामी चुनाव में राजनीतिक बढ़त मिल सकती है। संक्षेप में, इस घटना से सपा को न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती मिली है, बल्कि मुस्लिम वोट बैंक में भी उसकी स्थिति और मजबूत हुई है। अखिलेश यादव ने इसे अवसर बनाकर विरोधियों पर भी सीधे कटाक्ष किए और पार्टी की उपलब्धियों को उजागर किया।UP News



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अखिलेश ने कसा तंज : कुछ लोगों की भाषा जब मुंह खोला, तब बुरा बोला

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान विरोधियों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं और उनकी भाषा ऐसी है कि जब मुंह खोला, तब बुरा बोला।

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अखिलेश और योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Feb 2026 05:58 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना हुई। यहां पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित सात अन्य नेता सपा में शामिल हुए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान विरोधियों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं और उनकी भाषा ऐसी है कि जब मुंह खोला, तब बुरा बोला। अखिलेश ने मुख्यमंत्री के लिए नया अर्थ भी गढ़ा और कहा: आजकल सीएम का मतलब करप्ट माउथ भी हो गया है। उन्होंने दिल्ली और लखनऊ की हवा की स्थिति, वोटर लिस्ट में घोटाले, पंचायत चुनावों में देरी और राफेल डील को लेकर सरकार की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी में शामिल

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना हुई। यहां पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी में शामिल होकर अटकलों को समाप्त किया। इस अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। उनके अलावा इस मौके पर तीन महिला नेताओं समेत कुल सात अन्य नेता भी सपा में शामिल हुए। सिद्दीकी पहले बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके सपा में शामिल होने पर प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

अखिलेश यादव से पुराने और मजबूत रिश्ते

सिद्दीकी ने कहा कि उनके और अखिलेश यादव के बीच पुराने और मजबूत रिश्ते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह पार्टी के मार्गदर्शन में काम करेंगे और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब पार्टी मजबूत होगी, तब प्रदेश और समाज भी मजबूत होंगे। सिद्दीकी ने सपा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेरोजगारी भत्ता देना, छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध कराना और युवाओं को रोजगार देना सपा की प्रमुख कोशिशें रही हैं। इस दौरान उन्होंने शेरो-शायरी का सहारा लेकर कार्यक्रम को और जीवंत बनाया और अंत में जय समाजवाद का नारा दिया।

राजनीतिक महत्व

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने से पार्टी को एक मजबूत मुस्लिम नेता का लाभ मिला। यह खास महत्व रखता है क्योंकि लंबे समय से पार्टी के पास जमीनी स्तर पर सक्रिय मुस्लिम चेहरा नहीं था, विशेषकर आजम खां के जेल में रहने के कारण। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इससे सपा को आगामी चुनाव में राजनीतिक बढ़त मिल सकती है। संक्षेप में, इस घटना से सपा को न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती मिली है, बल्कि मुस्लिम वोट बैंक में भी उसकी स्थिति और मजबूत हुई है। अखिलेश यादव ने इसे अवसर बनाकर विरोधियों पर भी सीधे कटाक्ष किए और पार्टी की उपलब्धियों को उजागर किया। UP News



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अखिलेश यादव ने कहा-कुछ लोग शंकराचार्य का लगातार अपमान कर रहे

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान विरोधियों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं और उनकी भाषा ऐसी है कि जब मुंह खोला, तब बुरा बोला। अखिलेश ने मुख्यमंत्री के लिए नया अर्थ भी गढ़ा और कहा: आजकल सीएम का मतलब करप्ट माउथ भी हो गया है।

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अखिलेश यादव शंकराचार्य
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Feb 2026 05:43 PM
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UP News : लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना हुई। यहां पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित सात अन्य नेता सपा में शामिल हुए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान विरोधियों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं और उनकी भाषा ऐसी है कि जब मुंह खोला, तब बुरा बोला। अखिलेश ने मुख्यमंत्री के लिए नया अर्थ भी गढ़ा और कहा: आजकल सीएम का मतलब करप्ट माउथ भी हो गया है। उन्होंने दिल्ली और लखनऊ की हवा की स्थिति, वोटर लिस्ट में घोटाले, पंचायत चुनावों में देरी और राफेल डील को लेकर सरकार की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नसीमुद्दीन समाजवादी पार्टी में शामिल

लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना हुई। यहां पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी में शामिल होकर अटकलों को समाप्त किया। इस अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। उनके अलावा इस मौके पर तीन महिला नेताओं समेत कुल सात अन्य नेता भी सपा में शामिल हुए। सिद्दीकी पहले बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके सपा में शामिल होने पर प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

सिद्दीकी का बयान

सिद्दीकी ने कहा कि उनके और अखिलेश यादव के बीच पुराने और मजबूत रिश्ते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह पार्टी के मार्गदर्शन में काम करेंगे और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब पार्टी मजबूत होगी, तब प्रदेश और समाज भी मजबूत होंगे। सिद्दीकी ने सपा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेरोजगारी भत्ता देना, छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध कराना और युवाओं को रोजगार देना सपा की प्रमुख कोशिशें रही हैं। इस दौरान उन्होंने शेरो-शायरी का सहारा लेकर कार्यक्रम को और जीवंत बनाया और अंत में जय समाजवाद का नारा दिया।

राजनीतिक महत्व

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने से पार्टी को एक मजबूत मुस्लिम नेता का लाभ मिला। यह खास महत्व रखता है क्योंकि लंबे समय से पार्टी के पास जमीनी स्तर पर सक्रिय मुस्लिम चेहरा नहीं था, विशेषकर आजम खां के जेल में रहने के कारण। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इससे सपा को आगामी चुनाव में राजनीतिक बढ़त मिल सकती है। संक्षेप में, इस घटना से सपा को न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती मिली है, बल्कि मुस्लिम वोट बैंक में भी उसकी स्थिति और मजबूत हुई है। अखिलेश यादव ने इसे अवसर बनाकर विरोधियों पर भी सीधे कटाक्ष किए और पार्टी की उपलब्धियों को उजागर किया। UP News



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