गाजियाबाद में हाफ एनकाउंटर, ढाबा हत्याकांड में दो बदमाश घायल
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात वैष्णो ढाबे पर खाना खाने पहुंचे सत्यम और श्रीपाल का खाना मांगने और बिल को लेकर कर्मचारियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि बात बढ़ते ही ढाबे के स्टाफ ने दोनों और उनके साथ मौजूद एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्तिथ खोड़ा में वैष्णो भोजनालय पर हुए डबल मर्डर केस में गाजियाबाद पुलिस ने सोमवार सुबह बड़ी कामयाबी हासिल की। इंदिरापुरम अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने इस वारदात में फरार चल रहे दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध बाइक सवारों ने रोकने पर भागने की कोशिश की और पीछा करने पर टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात वैष्णो ढाबे पर खाना खाने पहुंचे सत्यम और श्रीपाल का खाना मांगने और बिल को लेकर कर्मचारियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि बात बढ़ते ही ढाबे के स्टाफ ने दोनों और उनके साथ मौजूद एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में सत्यम और श्रीपाल ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक बड़ा ब्रेकथ्रू मानी जा रही है, क्योंकि केस की सबसे अहम कड़ी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अब पुलिस के हाथ लग चुकी है।
जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में लगी गोली
इस मामले में पुलिस ने ढाबा मालिक धर्मेंद्र को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। इसी कड़ी में सोमवार सुबह इंदिरापुरम अंडरपास के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि डबल मर्डर में फरार दो आरोपी इलाके में किसी और वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने चौकसी बढ़ाई और संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि बाइक सवारों ने खुद को घिरता देख रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की, लेकिन बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपी नहर की ओर दौड़ पड़े और पीछा करने पर पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने लगे। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े।
खोड़ा में रहकर चला रहे थे खेल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन पुत्र महेशचंद और सचिन पुत्र बनवारी के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बदायूं जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और वर्तमान में खोड़ा क्षेत्र में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि 30 जनवरी को खोड़ा के अंबेडकर गेट के पास हुई वारदात में वे शामिल थे, जिसमें सत्यम और श्रीपाल की हत्या की गई थी और एक युवक घायल हुआ था। पुलिस अब पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका, ढाबे से जुड़े कर्मचारियों की पहचान और वारदात की साजिश के एंगल पर भी जांच आगे बढ़ा रही है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्तिथ खोड़ा में वैष्णो भोजनालय पर हुए डबल मर्डर केस में गाजियाबाद पुलिस ने सोमवार सुबह बड़ी कामयाबी हासिल की। इंदिरापुरम अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने इस वारदात में फरार चल रहे दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध बाइक सवारों ने रोकने पर भागने की कोशिश की और पीछा करने पर टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात वैष्णो ढाबे पर खाना खाने पहुंचे सत्यम और श्रीपाल का खाना मांगने और बिल को लेकर कर्मचारियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि बात बढ़ते ही ढाबे के स्टाफ ने दोनों और उनके साथ मौजूद एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में सत्यम और श्रीपाल ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक बड़ा ब्रेकथ्रू मानी जा रही है, क्योंकि केस की सबसे अहम कड़ी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अब पुलिस के हाथ लग चुकी है।
जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में लगी गोली
इस मामले में पुलिस ने ढाबा मालिक धर्मेंद्र को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। इसी कड़ी में सोमवार सुबह इंदिरापुरम अंडरपास के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि डबल मर्डर में फरार दो आरोपी इलाके में किसी और वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने चौकसी बढ़ाई और संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि बाइक सवारों ने खुद को घिरता देख रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की, लेकिन बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपी नहर की ओर दौड़ पड़े और पीछा करने पर पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने लगे। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े।
खोड़ा में रहकर चला रहे थे खेल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन पुत्र महेशचंद और सचिन पुत्र बनवारी के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बदायूं जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और वर्तमान में खोड़ा क्षेत्र में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि 30 जनवरी को खोड़ा के अंबेडकर गेट के पास हुई वारदात में वे शामिल थे, जिसमें सत्यम और श्रीपाल की हत्या की गई थी और एक युवक घायल हुआ था। पुलिस अब पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका, ढाबे से जुड़े कर्मचारियों की पहचान और वारदात की साजिश के एंगल पर भी जांच आगे बढ़ा रही है। UP News












