गाजियाबाद में हाफ एनकाउंटर, ढाबा हत्याकांड में दो बदमाश घायल

एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात वैष्णो ढाबे पर खाना खाने पहुंचे सत्यम और श्रीपाल का खाना मांगने और बिल को लेकर कर्मचारियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि बात बढ़ते ही ढाबे के स्टाफ ने दोनों और उनके साथ मौजूद एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

गाजियाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गाजियाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Feb 2026 12:32 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्तिथ खोड़ा में वैष्णो भोजनालय पर हुए डबल मर्डर केस में गाजियाबाद पुलिस ने सोमवार सुबह बड़ी कामयाबी हासिल की। इंदिरापुरम अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने इस वारदात में फरार चल रहे दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध बाइक सवारों ने रोकने पर भागने की कोशिश की और पीछा करने पर टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात वैष्णो ढाबे पर खाना खाने पहुंचे सत्यम और श्रीपाल का खाना मांगने और बिल को लेकर कर्मचारियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि बात बढ़ते ही ढाबे के स्टाफ ने दोनों और उनके साथ मौजूद एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में सत्यम और श्रीपाल ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक बड़ा ब्रेकथ्रू मानी जा रही है, क्योंकि केस की सबसे अहम कड़ी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अब पुलिस के हाथ लग चुकी है।

जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में लगी गोली

इस मामले में पुलिस ने ढाबा मालिक धर्मेंद्र को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। इसी कड़ी में सोमवार सुबह इंदिरापुरम अंडरपास के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि डबल मर्डर में फरार दो आरोपी इलाके में किसी और वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने चौकसी बढ़ाई और संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि बाइक सवारों ने खुद को घिरता देख रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की, लेकिन बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपी नहर की ओर दौड़ पड़े और पीछा करने पर पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने लगे। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े।

खोड़ा में रहकर चला रहे थे खेल

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन पुत्र महेशचंद और सचिन पुत्र बनवारी के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बदायूं जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और वर्तमान में खोड़ा क्षेत्र में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि 30 जनवरी को खोड़ा के अंबेडकर गेट के पास हुई वारदात में वे शामिल थे, जिसमें सत्यम और श्रीपाल की हत्या की गई थी और एक युवक घायल हुआ था। पुलिस अब पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका, ढाबे से जुड़े कर्मचारियों की पहचान और वारदात की साजिश के एंगल पर भी जांच आगे बढ़ा रही है। UP News

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मोमोज के लालच में बच्चा लुटा बैठा घर की जूलरी

उत्तर प्रदेश के एक गांव में कक्षा 7 के बच्चे को मोमोज खिलाने के बहाने फुसलाकर घर से करीब 85 लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए गए। पुलिस ने शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी है।

The child lost his momos
मासूमियत का फायदा उठाकर लाखों की ठगी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 11:55 AM
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UPNews : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मोमोज खिलाने के बहाने कक्षा 7 में पढ़ने वाले एक बच्चे को फुसलाकर घर से करीब 85 लाख रुपये के जेवरात हड़प लिए गए। मामला रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के भगवानपुर तिवारी गांव का है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मोमोज की लत बनी कमजोरी

बता दें कि पीड़ित पिता विमलेश मिश्र वाराणसी में एक मंदिर में पुजारी हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा मोमोज खाने का बेहद शौकीन है। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए देवरिया–कसया मार्ग स्थित डुमरी चौराहे पर मोमोज की दुकान लगाने वाले तीन युवकों ने बच्चे को धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाया। आरोप है कि आरोपी कई दिनों तक बच्चे को मुफ्त में मोमोज खिलाते रहे और फिर बहला-फुसलाकर घर से गहने लाने के लिए उकसाते रहे।

ऐसे हुआ ठगी का खुलासा

घटना का खुलासा तब हुआ जब विमलेश मिश्र की बहन अपने जेवर लेने घर आईं। आलमारी खोलते ही वह सन्न रह गईं—अंदर रखा लगभग पूरा जूलरी गायब था। परिवार ने जब बच्चे से पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह मोमोज खाने के बदले गहने डुमरी चौराहे स्थित मोमोज दुकानदारों को दे चुका है।

85 लाख रुपये के जेवर होने का दावा

पीड़ित परिवार के अनुसार, आलमारी में करीब 85 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर रखे थे। ठगी की जानकारी मिलते ही परिवार ने रामपुर कारखाना थाने में तीनों संदिग्ध युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ और जेवरों की बरामदगी को लेकर पुलिस की टीमें सक्रिय हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इलाके में सनसनी

घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किस तरह एक नाबालिग बच्चे को लंबे समय तक बहकाकर इतनी बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया। UPNews

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सपा खेमे में भी कन्फ्यूजन! अलीगढ़ के सलाउद्दीन की शक्ल ने बढ़ाई सियासी चर्चा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से सामने आए एक शख्स की शक्ल उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से इतनी मिलती-जुलती बताई जा रही है कि कई लोग पहली नजर में ही भ्रम में पड़ जा रहे हैं।

राजकुमार भाटी से मुलाकात के बाद सलाउद्दीन चर्चा में
राजकुमार भाटी से मुलाकात के बाद सलाउद्दीन चर्चा में
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Feb 2026 11:00 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में इस बार चर्चा किसी बड़े बयान या चुनावी ऐलान की नहीं, बल्कि एक ऐसे चेहरे की है जिसने सोशल मीडिया पर अचानक हलचल मचा दी है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से सामने आए एक शख्स की शक्ल उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से इतनी मिलती-जुलती बताई जा रही है कि कई लोग पहली नजर में ही भ्रम में पड़ जा रहे हैं। यही वजह है कि यह चेहरा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और यूपी के राजनीतिक गलियारों तक इसकी चर्चा पहुंच गई है।

शाह जमाल के सलाउद्दीन बने वायरल चेहरा

मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव के हमशक्ल बताए जा रहे इस शख्स का नाम सलाउद्दीन है। वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित शाह जमाल इलाके का रहने वाला है और शहर में हार्डवेयर का कारोबार संभालता है। इन दिनों सलाउद्दीन की तस्वीरें और छोटे-छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर ऐसे घूम रहे हैं जैसे कोई ब्रेकिंग स्टोरी हो हर प्लेटफॉर्म पर लोग उन्हें देखकर चौंक रहे हैं। कई यूजर्स का दावा है कि चेहरे की बनावट, हाव-भाव और अंदाज इतना मिलता है कि कई बार कट्टर सपाई कार्यकर्ता भी पलभर के लिए भ्रम में पड़ जाते हैं, और यही अलीगढ़ वाला चेहरा अब अलीगढ़ से निकलकर लखनऊ तक सियासी चर्चा का हिस्सा बन चुका है।

मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा

हाल ही में सलाउद्दीन एक पार्षद के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी से मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान राजकुमार भाटी ने उन्हें अखिलेश यादव का हमशक्ल बताते हुए सम्मानित किया। इसी मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया और इसके बाद सलाउद्दीन की पहचान सिर्फ अलीगढ़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में लोगों की नजरें उन पर टिक गईं। चर्चा है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने सलाउद्दीन को लखनऊ बुलाया था और उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात कराने की योजना भी बनी थी। हालांकि किसी वजह से अब तक यह मुलाकात नहीं हो पाई है, सलाउद्दीन की इच्छा है कि वे एक बार सपा प्रमुख से जरूर मिलें । UP News

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