सुप्रीम कोर्ट ने राजा भैया-भानवी सिंह विवाद पर हाईकोर्ट को दिया 4 महीने में निपटाने का निर्देश
यह विवाद घरेलू हिंसा और वैवाहिक कलह से जुड़ा हुआ है और करीब आठ वर्षों से अदालतों में लंबित है। भानवी सिंह ने इस मामले में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि राजा भैया ने उनके साथ हिंसा की और उनके पास अवैध हथियार हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के कुंडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि यह मामला चार महीनों के भीतर निपटाया जाए।
पत्नी ने कहा-राजा भैया ने उनके साथ हिंसा की
यह विवाद घरेलू हिंसा और वैवाहिक कलह से जुड़ा हुआ है और करीब आठ वर्षों से अदालतों में लंबित है। भानवी सिंह ने इस मामले में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि राजा भैया ने उनके साथ हिंसा की और उनके पास अवैध हथियार हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट को इस विवाद का अंतिम निर्णय चार माह के भीतर देना होगा
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भानवी के वकील ने यह भी कहा कि राजा भैया काफी प्रभावशाली हैं, इसलिए अदालत को इस तथ्य का ध्यान रखना चाहिए। पहले निचली अदालत ने राजा भैया को समन जारी किया था, लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। अब, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट को इस विवाद का अंतिम निर्णय चार माह के भीतर देना होगा।
UP News : उत्तर प्रदेश के कुंडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि यह मामला चार महीनों के भीतर निपटाया जाए।
पत्नी ने कहा-राजा भैया ने उनके साथ हिंसा की
यह विवाद घरेलू हिंसा और वैवाहिक कलह से जुड़ा हुआ है और करीब आठ वर्षों से अदालतों में लंबित है। भानवी सिंह ने इस मामले में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि राजा भैया ने उनके साथ हिंसा की और उनके पास अवैध हथियार हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट को इस विवाद का अंतिम निर्णय चार माह के भीतर देना होगा
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भानवी के वकील ने यह भी कहा कि राजा भैया काफी प्रभावशाली हैं, इसलिए अदालत को इस तथ्य का ध्यान रखना चाहिए। पहले निचली अदालत ने राजा भैया को समन जारी किया था, लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। अब, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट को इस विवाद का अंतिम निर्णय चार माह के भीतर देना होगा।












