उत्तर प्रदेश में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सिर मुंडवाकर किया विरोध प्रदर्शन

लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार के फैसले के प्रति नाराजगी जताई। पीलीभीत शहर में सवर्ण समाज से जुड़े समाजसेवी हरिओम वाजपेई ने प्रतीकात्मक रूप से मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने काला टीका लगाकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

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मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar28 Jan 2026 06:44 PM
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UP News : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बुधवार को विरोध देखने को मिला। अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार के फैसले के प्रति नाराजगी जताई। पीलीभीत शहर में सवर्ण समाज से जुड़े समाजसेवी हरिओम वाजपेई ने प्रतीकात्मक रूप से मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने काला टीका लगाकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सुबह से ही नकटादाना चौराहे पर लोग एकत्र होने लगे और बाद में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी टनकपुर हाईवे होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की गई

प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की गई और चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने फैसला नहीं बदला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस विरोध में संयुक्त बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता शामिल हुए, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया

उधर, बीसलपुर तहसील क्षेत्र में भी यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। नगर और ग्रामीण इलाकों से आए लोगों ने जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च किया। युवा विकास मंच के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में लोगों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडेय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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69000 शिक्षक भर्ती : अभ्यर्थी 2 फरवरी से धरना और विधानसभा घेराव करेंगे

69,000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 2फरवरी से लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनके पक्ष में पर्याप्त पहल नहीं कर रही, जिसके कारण मामला लटकता जा रहा है।

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अभ्यर्थी 2फरवरी से लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने जा रहे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar28 Jan 2026 06:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 2फरवरी से लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनके पक्ष में पर्याप्त पहल नहीं कर रही, जिसके कारण मामला लटकता जा रहा है। आंदोलन के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान सभा का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।

आरक्षित वर्ग अभ्यर्थियों की मुख्य मांग

आंदोलन के प्रमुख संगठकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण प्रभावित समूहों के साथ अन्याय हुआ है और समस्या का समाधान नहीं निकला है, इसलिए इसे लेकर सरकार को एक ठोस कदम उठाना चाहिए। अभ्यर्थियों की मांग है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला

इस भर्ती मामले की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सितंबर 2024 में हुई थी, जिसके बाद लगातार नई तारीख दी जा रही है। अगली सुनवाई 4 फरवरी को तय है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार समय पर कोर्ट में पोजीशन पेश नहीं कर रही, जिससे मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

धरना-आंदोलन की तैयारी और परिजन शामिल होंगे

आंदोलन के नेतृत्व में रहे अमरेन्द्र पटेल और धनंजय गुप्ता ने कहा है कि सभी जिला और ब्लॉक स्तर के सहयोगियों से संपर्क कर आने वाले अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की सूची तैयार की जा रही है। आंदोलन की शुरुआत में ही यह निर्णायक कदम उठाने की योजना बनाई गई है।

विधानसभा घेराव से पहले कार्रवाई

आंदोलन के एक हिस्से के तौर पर 31 जनवरी को विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। अभ्यर्थी इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि वे मांगों के पूरा होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। आंदोलन के दावों के मुताबिक, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, मुख्यमंत्री जांच समिति की रिपोर्ट और हाईकोर्ट डबल बेंच का निर्णय उनके पक्ष में है, लेकिन फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिला। पिछले लगभग छह वर्षों से अभ्यर्थी इसी मुद्दे पर संघर्षरत हैं।

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बंटवारा : तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के पास रहेगा पति, साप्ताहिक अवकाश भी मिलेगा

पंचायत ने तय किया कि पति सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के पास रहेंगे, जबकि रविवार को वह अकेले एकांत में रहेगा। विशेष परिस्थितियों में एक दिन आगे-पीछे करने की भी अनुमति दी गई है।

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युवक की दो पत्नियां
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar28 Jan 2026 05:30 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के अजीमनगर थाना क्षेत्र में पति को लेकर दोनों पत्नियों के बीच चल रहे झगड़े को पंचायत ने सुलझा दिया। पंचायत ने तय किया कि पति सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के पास रहेंगे, जबकि रविवार को वह अकेले एकांत में रहेगा। विशेष परिस्थितियों में एक दिन आगे-पीछे करने की भी अनुमति दी गई है। समझौते के मुताबिक, पति सोमवार, मंगलवार और बुधवार को पहली पत्नी के साथ रहेगा। दूसरी पत्नी के साथ वह गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को समय बिताएगा। रविवार को पति दोनों पत्नियों से दूर अपने लिए समय निकाल सकेगा।

झगड़े का कारण

गांव निवासी युवक की दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी अरेंज मैरिज से है, जबकि दूसरी लव मैरिज से। दोनों पत्नियां पति को अपने पास रखने की जिद करती थीं, जिससे आए दिन विवाद होते रहते थे। झगड़ों के चलते पति काफी परेशान था। झगड़े को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई। इसमें कुछ रिश्तेदार और सम्मानित गांववासी शामिल हुए। दोनों पत्नियों और पति की बात सुनने के बाद पंचों ने सप्ताह के अनुसार समय बंटवारा तय किया। समझौते पर सभी पक्षों के हस्ताक्षर लिए गए।

विशेष परिस्थितियों में बदलाव की छूट

समझौते में यह भी तय हुआ कि यदि विशेष परिस्थितियां उत्पन्न हों तो पति के रहने के दिनों में बदलाव किया जा सकता है। पंचायत का यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। इस समझौते के जरिए पंचायत ने न केवल परिवार में शांति स्थापित की बल्कि एक नई मिसाल भी पेश की कि विवादों को सामूहिक और पारंपरिक तरीकों से सुलझाया जा सकता है।

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