उत्तर प्रदेश में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सिर मुंडवाकर किया विरोध प्रदर्शन
लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार के फैसले के प्रति नाराजगी जताई। पीलीभीत शहर में सवर्ण समाज से जुड़े समाजसेवी हरिओम वाजपेई ने प्रतीकात्मक रूप से मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने काला टीका लगाकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

UP News : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बुधवार को विरोध देखने को मिला। अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार के फैसले के प्रति नाराजगी जताई। पीलीभीत शहर में सवर्ण समाज से जुड़े समाजसेवी हरिओम वाजपेई ने प्रतीकात्मक रूप से मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने काला टीका लगाकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सुबह से ही नकटादाना चौराहे पर लोग एकत्र होने लगे और बाद में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी टनकपुर हाईवे होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की गई
प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की गई और चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने फैसला नहीं बदला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस विरोध में संयुक्त बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता शामिल हुए, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया
उधर, बीसलपुर तहसील क्षेत्र में भी यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। नगर और ग्रामीण इलाकों से आए लोगों ने जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च किया। युवा विकास मंच के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में लोगों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडेय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
UP News : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बुधवार को विरोध देखने को मिला। अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार के फैसले के प्रति नाराजगी जताई। पीलीभीत शहर में सवर्ण समाज से जुड़े समाजसेवी हरिओम वाजपेई ने प्रतीकात्मक रूप से मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने काला टीका लगाकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सुबह से ही नकटादाना चौराहे पर लोग एकत्र होने लगे और बाद में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी टनकपुर हाईवे होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की गई
प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की गई और चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने फैसला नहीं बदला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस विरोध में संयुक्त बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता शामिल हुए, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया
उधर, बीसलपुर तहसील क्षेत्र में भी यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। नगर और ग्रामीण इलाकों से आए लोगों ने जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च किया। युवा विकास मंच के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में लोगों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडेय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।












