
UP Nikay Chunav 2023 :[/caption]
UP Nikay Chunav 2023 : वहीं, जिस तरह से ओपी राजभर ने अलका पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया है। उससे एक बात तो साफ कि वो लखनऊ की सीट पर जीत भले ही न दर्ज कर पाएं लेकिन कुछ अन्य विपक्षी दलों के वोटबैंक पर सेंधमारी करने का काम जरूर करेंगे। वहीं चर्चा यह भी है कि वो ब्राह्मणो के बीच अपनी राजनीति का एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। इसके अलावा वो सपा के वोटबैंक को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इन मुद्दों के साथ निकाय चुनाव लड़ रही सुभासपा
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि भगवान राम और कृष्ण की धरती पर शराब बंदी इस चुनाव में बड़ा मुद्दा होगा। इसी के साथ उन्होंने पत्रकार आयोग गठन के मुद्दे को भी लेकर जनता के सामने जाएगी। इसके अलावा इस चुनाव में घरेलू बिजली बिल माफी भी एक मुद्दा बड़ा होगा। इसके अलावा एक सामान फ्री शिक्षा के मुद्दे को भी उनकी पार्टी इस चुनाव में उठाने की कोशिश करेगी। इसके अलावा भी प्रदेश में कई मुद्दे हैं। राजभर ने कहा कि हम भाजपा, सपा, बसपा सबकी चुनौती स्वीकार करके चुनाव लड़ रहे हैं। जल्द ही अन्य नगर निकाय उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करेगी।
UP Nikay Chunav 2023 : सपा बीजेपी की है A टीम
राजभर ने कहा कि हमारे लिए कोई चुनौती नहीं हैं वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि हम लोगों के लिए चुनौती हैं। हमसे सपा को चिंता है
सपा हमें BJP की C टीम बता रहे हैं, लेकिन सपा BJP की A टीम है। अखिलेश ममता, केसीआर से समझौता कर यूपी में कितने वोट पाएंगे? रामगोपाल अपराधियों की पैरवी के लिए सीएम से मिले तो अखिलेश को पीड़ा नहीं हुई। हम अगर किसी के हक़-उत्पीड़न के लिए मिलते हैं तो अखिलेश को बुरा लगता है। अखिलेश भाजपा को जिताने के लिए A टीम बना रहे हैं। अगर वाकई दलितों की चिंता है तो दलित को पीएम क्यों नहीं बना रहे।
भाजपा से संबंध सुधारने की कोशिश में लगे थे राजभर
बता दें कि सपा से गठबंधन टूटने के बाद से ही राजभर और भाजपा के खराब संबंधों के सुधरने शुरू हो गए थे। मौके-मौके पर दोनों तरफ से इसके संकेत भी दिए गए। बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुए नोंकझोक के दौरान राजभर जिस तरह से सरकार के पक्ष में खड़े दिखे और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव की घेरेबंदी की, उससे भी भाजपा और सुभासपा के बीच सियासी खिचड़ी पकने के संकेत मिल रहे थे।