अलीगढ़ में कांग्रेस नेताओं की हाउस अरेस्ट, जिले में सुरक्षा कड़ी
कांग्रेस नेताओं द्वारा विधानसभा घेराव और विरोध प्रदर्शन की योजना बनाने के मद्देनजर पुलिस ने अग्रिम सुरक्षा कदम उठाते हुए कई वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी।

UP News : अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में 17 फरवरी 2026 को कांग्रेस नेताओं द्वारा विधानसभा घेराव और विरोध प्रदर्शन की योजना बनाने के मद्देनजर पुलिस ने अग्रिम सुरक्षा कदम उठाते हुए कई वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी।
नजरबंद किए गए प्रमुख नेता
* ठाकुर सोमबीर सिंह कांग्रेस जिला अध्यक्ष, अपने पैतृक गांव मूसेपुर, लोधा में नजरबंद
* विवेक बंसल पूर्व विधायक
* श्योराज जीवन वरिष्ठ नेता
* नावेद खान शहर अध्यक्ष
* शेरपाल सविता वरिष्ठ नेता
पुलिस ने इनके आवासों के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया ताकि ये नेता लखनऊ या अन्य स्थानों में होने वाले प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
नेताओं और प्रशासन की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। उनका मानना है कि सरकार विपक्ष की आवाज से डर रही है और जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने चेताया कि प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने बताया कि यह कदम जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जिले की सीमाओं और नेताओं के आवासों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
समान घटनाएं
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी कांग्रेस नेताओं के हाउस अरेस्ट की घटनाएं देखने को मिलीं। बाराबंकी, रायबरेली और मिजार्पुर में भी नेताओं को प्रदर्शन से पहले रोक दिया गया। कुछ स्थानों पर कांग्रेस कार्यकतार्ओं और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि प्रशासन ने विपक्षी नेताओं के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय पहले से ही सख्त कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
UP News : अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में 17 फरवरी 2026 को कांग्रेस नेताओं द्वारा विधानसभा घेराव और विरोध प्रदर्शन की योजना बनाने के मद्देनजर पुलिस ने अग्रिम सुरक्षा कदम उठाते हुए कई वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी।
नजरबंद किए गए प्रमुख नेता
* ठाकुर सोमबीर सिंह कांग्रेस जिला अध्यक्ष, अपने पैतृक गांव मूसेपुर, लोधा में नजरबंद
* विवेक बंसल पूर्व विधायक
* श्योराज जीवन वरिष्ठ नेता
* नावेद खान शहर अध्यक्ष
* शेरपाल सविता वरिष्ठ नेता
पुलिस ने इनके आवासों के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया ताकि ये नेता लखनऊ या अन्य स्थानों में होने वाले प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
नेताओं और प्रशासन की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। उनका मानना है कि सरकार विपक्ष की आवाज से डर रही है और जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने चेताया कि प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने बताया कि यह कदम जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जिले की सीमाओं और नेताओं के आवासों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
समान घटनाएं
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी कांग्रेस नेताओं के हाउस अरेस्ट की घटनाएं देखने को मिलीं। बाराबंकी, रायबरेली और मिजार्पुर में भी नेताओं को प्रदर्शन से पहले रोक दिया गया। कुछ स्थानों पर कांग्रेस कार्यकतार्ओं और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि प्रशासन ने विपक्षी नेताओं के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय पहले से ही सख्त कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।












