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कंपनी को तब संदेह हुआ जब ऋण स्वीकृत होने के बाद किसी भी ग्राहक की ओर से समय पर किश्तों का भुगतान नहीं किया गया। बार-बार संपर्क करने के बावजूद जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

UP News : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक निजी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि एक ही संपत्ति को आधार बनाकर छह अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर होम लोन स्वीकृत करा लिए गए। इस पूरे मामले में कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी की संलिप्तता भी पाई गई है।
कंपनी को तब संदेह हुआ जब ऋण स्वीकृत होने के बाद किसी भी ग्राहक की ओर से समय पर किश्तों का भुगतान नहीं किया गया। बार-बार संपर्क करने के बावजूद जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि जिन दस्तावेजों के आधार पर ऋण दिए गए थे, वे पूरी तरह फर्जी थे। इतना ही नहीं, एक ही मकान को अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर दिखाकर गिरवी रखा गया और उसी के आधार पर लोन पास करा लिए गए।
इस पूरे फजीर्वाड़े में कंपनी के पूर्व ब्रांच सेल्स मैनेजर विनय की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि उसने कंपनी के नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए गलत तरीके से ऋण स्वीकृत किए। दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर भी जांच में संदिग्ध पाए गए हैं।
कंपनी प्रबंधन की ओर से क्वार्सी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जिन लोगों के नाम शिकायत में शामिल हैं, उनमें:
* जिर्कुरहमान
* शादाब अहमद
* शोएब खान
* नीरज श्रीवास्तव
* फैजल
* शाहाना
शामिल हैं। इन सभी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन लेने का आरोप है।
इस मामले से जुड़ा एक अहम तथ्य यह भी है कि पहले जिर्कुरहमान नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके नाम का गलत इस्तेमाल कर किसी और ने ऋण ले लिया है और उसे किश्त जमा करने के लिए फोन आ रहे हैं। उस समय शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन बाद में हुई विस्तृत जांच में पूरा फजीर्वाड़ा उजागर हो गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। दोषियों की भूमिका तय होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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