केंद्र सरकार ने यहां आइकॉनिक साइट और राष्ट्रीय संग्रहालय के निर्माण को स्वीकृति दे दी है, जिस पर लगभग 3150 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित प्राचीन नगरी हस्तिनापुर जल्द ही देश के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों में शामिल होने जा रही है। केंद्र सरकार ने यहां आइकॉनिक साइट और राष्ट्रीय संग्रहालय के निर्माण को स्वीकृति दे दी है, जिस पर लगभग 3150 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
इस परियोजना के अंतर्गत हस्तिनापुर को एक विश्वस्तरीय सांस्कृतिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग के अनुसार, यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुव्यवस्थित पर्यटन सुविधाएं और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाने वाले विशेष आकर्षण विकसित किए जाएंगे, जिससे देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंच सकेंगे।
राष्ट्रीय संग्रहालय की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मेरठ कार्यालय में संरक्षित 1400 से ज्यादा ऐतिहासिक और दुर्लभ अवशेषों को आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें महाभारत काल से जुड़े अवशेष, प्राचीन मूर्तियां, शिलालेख और कलाकृतियां शामिल होंगी, जो भारत की प्राचीन सभ्यता की झलक प्रस्तुत करेंगी।
प्रस्तावित राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए हस्तिनापुर वन्यजीव विहार के समीप लगभग 15 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। नगर पंचायत और जिला प्रशासन द्वारा भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जैसे ही भूमि औपचारिक रूप से पर्यटन विभाग को सौंप दी जाएगी, निर्माण कार्य तेजी से शुरू होने की संभावना है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल मेरठ बल्कि पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, गाइड सेवा जैसे पर्यटन आधारित व्यवसायों को मजबूती मिलेगी।
आइकॉनिक साइट योजना के तहत हस्तिनापुर की पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें हेरिटेज वॉक, इंटरएक्टिव गैलरी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच, डिजिटल सूचना केंद्र और पर्यटकों के लिए उन्नत सुविधाएं शामिल होंगी। यह राष्ट्रीय संग्रहालय विद्यार्थियों, शोधकतार्ओं और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित होगा। कुल मिलाकर, हस्तिनापुर आने वाले वर्षों में इतिहास, संस्कृति और पर्यटन का एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरने की ओर अग्रसर है। UP News