संभल हिंसा प्रकरण : पूर्व डीएसपी अनुज चौधरी को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत

अदालत ने तत्कालीन डीएसपी/सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने संबंधी सीजेएम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक सीजेएम के आदेश के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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अनुज चौधरी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Feb 2026 03:11 PM
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UP News : संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश पारित किया है। अदालत ने तत्कालीन डीएसपी/सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने संबंधी सीजेएम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक सीजेएम के आदेश के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस याचिका पर अदालत अब लगभग पांच सप्ताह बाद विस्तृत सुनवाई करेगी।

क्या है पूरा मामला

संभल में जामा मस्जिद को लेकर चल रहे सर्वे के दौरान हिंसक झड़पें हुई थीं, जिनमें चार लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद निचली अदालत (सीजेएम कोर्ट) ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और अन्य 22 पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट में क्यों पहुंचा मामला

सीजेएम कोर्ट के इस आदेश को अनुज चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अलग से याचिका दाखिल की थी। दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया। फिलहाल एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा। हाईकोर्ट के इस आदेश से आरोपी पुलिस अधिकारियों को अस्थायी राहत मिली है, हालांकि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।


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“घर कैसे चलेगा, बच्चे कैसे पढ़ेंगे?” अखिलेश ने सरकार पर साधा निशाना

अखिलेश ने चिंता जताई कि अगर जरूरत की चीजें भी लगातार विदेश से आने लगें, तो यूपी का किसान आखिर उगाएगा क्या, बेचेगा किसे और कमाएगा कैसे? उन्होंने कहा कि किसान की आमदनी कमजोर हुई तो इसका असर सिर्फ खेत तक सीमित नहीं रहेगा।

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Feb 2026 02:14 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश ने चिंता जताई कि अगर जरूरत की चीजें भी लगातार विदेश से आने लगें, तो यूपी का किसान आखिर उगाएगा क्या, बेचेगा किसे और कमाएगा कैसे? उन्होंने कहा कि किसान की आमदनी कमजोर हुई तो इसका असर सिर्फ खेत तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि इससे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों का इलाज और बेटियों की शादी जैसे जिम्मेदारियों पर सीधा बोझ बढ़ेगा। 

सपा प्रमुख का BJP पर तंज

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि किसानों को नुकसान पहुंचाकर किसी भी सरकार का टिकना आसान नहीं है। उन्होंने भाजपा से यह भी पूछा कि आखिर देश-प्रदेश के हितों को छोड़कर विदेशियों के सामने समर्पण जैसी मजबूरी क्या है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा की नीति खेती-किसानी को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करने वाली है कभी भूमि अधिग्रहण जैसे कदमों से किसान की जमीन पर दबाव, तो कभी ऐसे कानूनों/नीतियों से किसानों को संकट में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने “बिचौलियों” का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा की सोच उत्पादन बढ़ाने से ज्यादा कमीशनखोरी और मध्यस्थता को बढ़ावा देती है, और किसान हितों के नाम पर बैठे “कृषि-बिचौलियों” का पर्दाफाश होना चाहिए।

राज्यपाल के अभिभाषण पर भी साधा निशाना

इससे पहले सोमवार को भी अखिलेश यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अभिभाषण जनहित के समाधान से ज्यादा “सरकारी उपलब्धियों की तारीफ” का मंच दिखता है और कागजों पर हरियाली उगाने से जनता भ्रमित नहीं होने वाली। सपा प्रमुख का आरोप है कि भाजपा शासन में उत्तर प्रदेश की प्रगति में गतिरोध आया है और सरकार ने विश्वास व सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने का काम किया। अखिलेश ने दावा किया कि समाजवादी सरकार के समय मेट्रो परियोजनाएं जितनी आगे बढ़ीं, उसके बाद रफ्तार थमी। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसा नया मॉडल खड़ा करने के बजाय सरकार प्रचार में आगे है। साथ ही उन्होंने अन्नदाता किसानों की बदहाली और युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नौकरियां नहीं हैं, उद्योग बंद हो रहे हैं और निवेश के नाम पर आयोजन ज्यादा हो रहे हैं। अखिलेश यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण को आंकड़ों और जुमलों का प्रदर्शन बताते हुए कहा कि युवाओं को नौकरी का लॉलीपॉप दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हालात अलग हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, छेड़छाड़/लूटपाट जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्रों की दुर्दशा पर ठोस समाधान नजर नहीं आता। गन्ना किसानों के बकाये के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने के बजाय पुराने वर्षों का जबानी हिसाब गिना रही है। UP News

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पूर्व मंत्री मदन चौहान पर जानलेवा हमले की कोशिश, ऐन वक्त पर टली अनहोनी

उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री मदन चौहान अपने एक परिचित के सगाई समारोह में शामिल होने के लिए हिरणपुरा गांव जा रहे थे। आरोप है कि गांव में प्रवेश से पहले कार सवार कुछ युवक रास्ते में खड़े मिले और उनमें से एक ने पिस्टल तानकर फायर करने का प्रयास किया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री मदन चौहान
उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री मदन चौहान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Feb 2026 01:28 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सोमवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पूर्व राज्य मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके मदन चौहान पर कथित तौर पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई। उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री मदन चौहान अपने एक परिचित के सगाई समारोह में शामिल होने के लिए हिरणपुरा गांव जा रहे थे। आरोप है कि गांव में प्रवेश से पहले कार सवार कुछ युवक रास्ते में खड़े मिले और उनमें से एक ने पिस्टल तानकर फायर करने का प्रयास किया। हालांकि, पिस्तौल ऐन वक्त पर जाम हो गई और गोली नहीं चल सकी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। मामले में पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांव की ओर बढ़ते ही रास्ते में हुआ आमना-सामना

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, पूर्व मंत्री मदन चौहान सोमवार रात अपनी गाड़ी से हिरणपुरा गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में अचानक कुछ युवक कार के आसपास दिखाई दिए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। चौहान का आरोप है कि इन्हीं में से एक युवक ने अचानक पिस्टल निकालकर निशाना साधा और फायर करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते हथियार से गोली नहीं निकल सकी। घटना के दौरान उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, मगर सभी युवक अंधेरे और अफरातफरी का फायदा उठाकर भाग निकले।

हमलावरों की तलाश जारी - SP

हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानजंय सिंह ने बताया कि पूर्व मंत्री से जुड़े प्रकरण में अज्ञात युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीमों को आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने मामले में फॉर्च्यूनर कार के मालिक रामकिशोर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि फॉर्च्यूनर का उपयोग उसका भांजा करता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे रोडरेज या किसी पुराने विवाद जैसी वजह तो नहीं थी। UP News

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