अयोध्या से प्रयागराज माघ मेले जाना हुआ आसान, रोडवेज चलाएगा सीधी बसें
माघ मेले के दौरान दोनों तरफ लगातार बस संचालन होगा, यानी सुविधा शटल जैसी रहेगी और यात्रियों की चिंता कम होगी। खास तौर पर मुख्य स्नान पर्वों और पीक-डेज में बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर भीड़ को संभालने की तैयारी है, ताकि उत्तर प्रदेश की यह आस्था-यात्रा सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनी रहे।

UP News : उत्तर प्रदेश में माघ मेले को लेकर यात्रियों की भीड़ हर साल नए रिकॉर्ड बनाती है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज संगम में गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यूपी रोडवेज (अयोध्या डिपो) ने इस बार पहले ही ट्रैवल मैनेजमेंट का मास्टर प्लान तैयार कर मैदान में उतार दिया है। रोडवेज के मुताबिक अयोध्या–प्रयागराज रूट पर 270 बसें लगाई जा रही हैं, ताकि रामनगरी से संगम नगरी तक का सफर श्रद्धालुओं के लिए आसान बने। माघ मेले के दौरान दोनों तरफ लगातार बस संचालन होगा, यानी सुविधा शटल जैसी रहेगी और यात्रियों की चिंता कम होगी। खास तौर पर मुख्य स्नान पर्वों और पीक-डेज में बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर भीड़ को संभालने की तैयारी है, ताकि उत्तर प्रदेश की यह आस्था-यात्रा सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनी रहे।
पूर्वांचल के यात्रियों के लिए भी राहत
यह सुविधा केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहने वाली। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से माघ मेले की ओर बढ़ने वाले श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर समेत आसपास के जिलों से भी रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को अपने ही जिले से सीधे प्रयागराज के लिए कनेक्शन मिल सकेगा और अयोध्या बस अड्डे पर एक साथ उमड़ने वाली भीड़ का दबाव भी कम होगा। वहीं यूपी रोडवेज ने भीड़ के अनुमान को देखते हुए प्लान को फ्लेक्सिबल रखा है । जरूरत पड़ने पर रिजर्व फ्लीट को भी सड़क पर उतारने की तैयारी है, ताकि पीक-आवर्स में भी आवागमन रुके नहीं और उत्तर प्रदेश की इस आस्था-यात्रा में किसी श्रद्धालु को घंटों कतार में खड़ा न रहना पड़े।
संगम स्नान के बाद रामनगरी में दर्शन
माघ मेले में संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं की एक बड़ी धारा उत्तर प्रदेश की आस्था-राजधानी अयोध्या की ओर लौटती है। संगम से रामनगरी पहुंचकर लोग श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी और प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं। इसी संभावित भीड़ को देखते हुए अयोध्या शहर के भीतर भी एंट्री-एग्जिट और लोकल मूवमेंट के लिए रूट मैनेजमेंट को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। यूपी रोडवेज का कहना है कि चारों दिशाओं से बस संचालन को व्यवस्थित तरीके से चलाकर जाम और अव्यवस्था को कम करने की कोशिश होगी। वहीं भीड़ नियंत्रण और बसों के ठहराव/टर्नअराउंड को आसान बनाने के लिए साकेत पेट्रोल पंप के पास अस्थायी बस स्टेशन भी तैयार किया गया है, ताकि मुख्य बस अड्डों पर दबाव घटे और संचालन तेज, सुचारू और यात्री-अनुकूल बना रहे।
रोडवेज अफसर का बयान
अयोध्या परिक्षेत्र के आरएम विमल रंजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में माघ मेले को लेकर हर साल श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहता है और इस बार भी तस्वीर कुछ अलग नहीं है। रोडवेज को अनुमान है कि बड़ी संख्या में यात्री अयोध्या से प्रयागराज संगम के लिए रवाना होंगे और स्नान के बाद रामनगरी लौटकर दर्शन-पूजन करेंगे। इसी संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अयोध्या–प्रयागराज कॉरिडोर पर 270 बसें तैनात की गई हैं, जो अलग-अलग स्टेशनों/रूट्स से संचालित होंगी ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के दौरान अयोध्या में होने वाले मेलों के चलते शहर में भी अतिरिक्त दबाव बनता है, इसलिए जरूरत के हिसाब से बस संचालन और फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की भी तैयारी है।
यात्रियों के लिए अपील
यूपी रोडवेज ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान केवल निर्धारित बस स्टेशनों और अस्थायी बस स्टेशन का ही इस्तेमाल करें, ताकि भीड़ प्रबंधन और बस संचालन दोनों व्यवस्थित रह सकें। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जारी रूट-गाइडलाइन और दिशा-निर्देशों का पालन करने से यात्रियों को अनावश्यक भटकाव, जाम और देरी से बचाया जा सकेगा। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश में माघ मेले को लेकर यात्रियों की भीड़ हर साल नए रिकॉर्ड बनाती है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज संगम में गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यूपी रोडवेज (अयोध्या डिपो) ने इस बार पहले ही ट्रैवल मैनेजमेंट का मास्टर प्लान तैयार कर मैदान में उतार दिया है। रोडवेज के मुताबिक अयोध्या–प्रयागराज रूट पर 270 बसें लगाई जा रही हैं, ताकि रामनगरी से संगम नगरी तक का सफर श्रद्धालुओं के लिए आसान बने। माघ मेले के दौरान दोनों तरफ लगातार बस संचालन होगा, यानी सुविधा शटल जैसी रहेगी और यात्रियों की चिंता कम होगी। खास तौर पर मुख्य स्नान पर्वों और पीक-डेज में बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर भीड़ को संभालने की तैयारी है, ताकि उत्तर प्रदेश की यह आस्था-यात्रा सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनी रहे।
पूर्वांचल के यात्रियों के लिए भी राहत
यह सुविधा केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहने वाली। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से माघ मेले की ओर बढ़ने वाले श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर समेत आसपास के जिलों से भी रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को अपने ही जिले से सीधे प्रयागराज के लिए कनेक्शन मिल सकेगा और अयोध्या बस अड्डे पर एक साथ उमड़ने वाली भीड़ का दबाव भी कम होगा। वहीं यूपी रोडवेज ने भीड़ के अनुमान को देखते हुए प्लान को फ्लेक्सिबल रखा है । जरूरत पड़ने पर रिजर्व फ्लीट को भी सड़क पर उतारने की तैयारी है, ताकि पीक-आवर्स में भी आवागमन रुके नहीं और उत्तर प्रदेश की इस आस्था-यात्रा में किसी श्रद्धालु को घंटों कतार में खड़ा न रहना पड़े।
संगम स्नान के बाद रामनगरी में दर्शन
माघ मेले में संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं की एक बड़ी धारा उत्तर प्रदेश की आस्था-राजधानी अयोध्या की ओर लौटती है। संगम से रामनगरी पहुंचकर लोग श्रीराम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी और प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं। इसी संभावित भीड़ को देखते हुए अयोध्या शहर के भीतर भी एंट्री-एग्जिट और लोकल मूवमेंट के लिए रूट मैनेजमेंट को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। यूपी रोडवेज का कहना है कि चारों दिशाओं से बस संचालन को व्यवस्थित तरीके से चलाकर जाम और अव्यवस्था को कम करने की कोशिश होगी। वहीं भीड़ नियंत्रण और बसों के ठहराव/टर्नअराउंड को आसान बनाने के लिए साकेत पेट्रोल पंप के पास अस्थायी बस स्टेशन भी तैयार किया गया है, ताकि मुख्य बस अड्डों पर दबाव घटे और संचालन तेज, सुचारू और यात्री-अनुकूल बना रहे।
रोडवेज अफसर का बयान
अयोध्या परिक्षेत्र के आरएम विमल रंजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में माघ मेले को लेकर हर साल श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहता है और इस बार भी तस्वीर कुछ अलग नहीं है। रोडवेज को अनुमान है कि बड़ी संख्या में यात्री अयोध्या से प्रयागराज संगम के लिए रवाना होंगे और स्नान के बाद रामनगरी लौटकर दर्शन-पूजन करेंगे। इसी संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अयोध्या–प्रयागराज कॉरिडोर पर 270 बसें तैनात की गई हैं, जो अलग-अलग स्टेशनों/रूट्स से संचालित होंगी ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के दौरान अयोध्या में होने वाले मेलों के चलते शहर में भी अतिरिक्त दबाव बनता है, इसलिए जरूरत के हिसाब से बस संचालन और फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की भी तैयारी है।
यात्रियों के लिए अपील
यूपी रोडवेज ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान केवल निर्धारित बस स्टेशनों और अस्थायी बस स्टेशन का ही इस्तेमाल करें, ताकि भीड़ प्रबंधन और बस संचालन दोनों व्यवस्थित रह सकें। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जारी रूट-गाइडलाइन और दिशा-निर्देशों का पालन करने से यात्रियों को अनावश्यक भटकाव, जाम और देरी से बचाया जा सकेगा। UP News












