बरेली में पैसे मांगने पर दलित युवक से कथित बर्बरता, FIR दर्ज
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तथ्यों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नवाबगंज थाना क्षेत्र में एक दलित युवक के साथ कथित तौर पर सिर्फ इसलिए बर्बरता की गई, क्योंकि उसने उधार दिए गए पैसे वापस मांग लिए थे। पीड़ित के मुताबिक दबंगों ने उसे बेरहमी से पीटा, फिर जबरन सिर मुंडवाया, मूंछ और भौंह के बाल काटे, और चेहरे पर कीचड़ पोतकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तथ्यों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
उधार के पैसे मांगने पर बढ़ा विवाद
सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के गरसौली गांव (बहेड़ी तहसील) निवासी पप्पू दिवाकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह इन दिनों नवाबगंज क्षेत्र के गेलटांडा गांव में रह रहा था। पप्पू का आरोप है कि कुछ समय पहले गांव के चंद्रसेन ने ट्रैक्टर खरीदने के नाम पर उससे करीब 4.5 लाख रुपये उधार लिए थे। लेकिन तय वक्त गुजरने के बावजूद रकम नहीं लौटाई गई। जब पप्पू ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो इसी मांग ने विवाद को हवा दे दी और मामला तनावपूर्ण टकराव में बदलता चला गया।
पैसे मांगने पर कथित तौर पर अमानवीय सलूक
पीड़ित का कहना है कि उधार की रकम वापस मांगना उसके लिए सजा बन गया। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के बरेली में रुपये मांगने से खफा होकर चंद्रसेन, उसका बेटा पप्पू और गोधनलाल चार–पांच साथियों के साथ उस पर टूट पड़े और बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, हमले के दौरान उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और गांव वालों के सामने उसे जानबूझकर अपमानित किया गया। युवक का दावा है कि दबंगों ने जबरन सिर मुंडवाया, फिर कैंची से मूंछ और भौंह के बाल काटे, और अंत में चेहरे पर कीचड़ पोतकर सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत किया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे वह दहशत में है।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
घटना के बाद घबराए और सहमे पप्पू दिवाकर ने शनिवार को नवाबगंज थाने पहुंचकर लिखित तहरीर देकर पूरी आपबीती दर्ज कराई। तहरीर मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए तीन नामजद आरोपियों के साथ चार–पांच अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बरेली के एसपी मुकेशचंद मिश्रा के मुताबिक, शिकायत के आधार पर एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस पंजीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है, और अगर घटना से जुड़ा कोई वीडियो/फुटेज सामने आता है तो उसे ठोस साक्ष्य के तौर पर विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे कड़ी कार्रवाई होगी। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नवाबगंज थाना क्षेत्र में एक दलित युवक के साथ कथित तौर पर सिर्फ इसलिए बर्बरता की गई, क्योंकि उसने उधार दिए गए पैसे वापस मांग लिए थे। पीड़ित के मुताबिक दबंगों ने उसे बेरहमी से पीटा, फिर जबरन सिर मुंडवाया, मूंछ और भौंह के बाल काटे, और चेहरे पर कीचड़ पोतकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तथ्यों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
उधार के पैसे मांगने पर बढ़ा विवाद
सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के गरसौली गांव (बहेड़ी तहसील) निवासी पप्पू दिवाकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह इन दिनों नवाबगंज क्षेत्र के गेलटांडा गांव में रह रहा था। पप्पू का आरोप है कि कुछ समय पहले गांव के चंद्रसेन ने ट्रैक्टर खरीदने के नाम पर उससे करीब 4.5 लाख रुपये उधार लिए थे। लेकिन तय वक्त गुजरने के बावजूद रकम नहीं लौटाई गई। जब पप्पू ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो इसी मांग ने विवाद को हवा दे दी और मामला तनावपूर्ण टकराव में बदलता चला गया।
पैसे मांगने पर कथित तौर पर अमानवीय सलूक
पीड़ित का कहना है कि उधार की रकम वापस मांगना उसके लिए सजा बन गया। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के बरेली में रुपये मांगने से खफा होकर चंद्रसेन, उसका बेटा पप्पू और गोधनलाल चार–पांच साथियों के साथ उस पर टूट पड़े और बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, हमले के दौरान उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और गांव वालों के सामने उसे जानबूझकर अपमानित किया गया। युवक का दावा है कि दबंगों ने जबरन सिर मुंडवाया, फिर कैंची से मूंछ और भौंह के बाल काटे, और अंत में चेहरे पर कीचड़ पोतकर सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत किया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे वह दहशत में है।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
घटना के बाद घबराए और सहमे पप्पू दिवाकर ने शनिवार को नवाबगंज थाने पहुंचकर लिखित तहरीर देकर पूरी आपबीती दर्ज कराई। तहरीर मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए तीन नामजद आरोपियों के साथ चार–पांच अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बरेली के एसपी मुकेशचंद मिश्रा के मुताबिक, शिकायत के आधार पर एससी/एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस पंजीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है, और अगर घटना से जुड़ा कोई वीडियो/फुटेज सामने आता है तो उसे ठोस साक्ष्य के तौर पर विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे कड़ी कार्रवाई होगी। UP News












