उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल केस-स्टडी, 20 देशों के एक्सपर्ट्स होंगे शामिल

तेल अवीव के सम्मेलन में इन्हीं पहलों को इनोवेटिव और प्रैक्टिकल केस-स्टडी मॉडल के तौर पर पेश किया जाएगा, ताकि दुनिया देख सके कि बड़ा राज्य भी डिजिटल चुनौतियों से लड़ने के लिए कैसे स्मार्ट सिस्टम खड़ा कर सकता है।

UP बनेगा ग्लोबल बेंचमार्क
UP बनेगा ग्लोबल बेंचमार्क
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 03:02 PM
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UP News : तेल अवीव में होने जा रहा Cybertech Global Tel Aviv 2026 इस बार भारत के लिए केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं, बल्कि दुनिया के सामने अपनी साइबर ताकत का दमदार प्रदर्शन करने का बड़ा मंच बन रहा है। 26 से 28 जनवरी 2026 तक इजराइल में होने वाले इस ग्लोबल इवेंट में भारत की मौजूदगी का सबसे खास पहलू उत्तर प्रदेश रहेगा। जहां राज्य के साइबर सिक्योरिटी मॉडल, जमीनी स्तर पर की जा रही त्वरित कार्रवाई और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मॉनिटरिंग सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सामने रखा जाएगा। 

उत्तर प्रदेश का साइबर मॉडल अब ग्लोबल स्टेज पर

उत्तर प्रदेश ने बीते कुछ समय में साइबर सुरक्षा को सिर्फ तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्राथमिकता बनाकर जिस तरह सिस्टम को धार दी है, अब उसी मॉडल को ग्लोबल मंच पर दिखाने की तैयारी है। सोशल मीडिया पर फैलते दुष्प्रचार, डीपफेक के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिशें, डार्क वेब की छिपी गतिविधियां और बढ़ते साइबर अपराध इन सबके बीच यूपी ने साइबर सेफ उत्तर प्रदेश अभियान के जरिए जागरूकता, रियल-टाइम निगरानी और त्वरित कार्रवाई तीनों मोर्चों पर अपनी पकड़ मजबूत की है। तेल अवीव के सम्मेलन में इन्हीं पहलों को इनोवेटिव और प्रैक्टिकल केस-स्टडी मॉडल के तौर पर पेश किया जाएगा, ताकि दुनिया देख सके कि बड़ा राज्य भी डिजिटल चुनौतियों से लड़ने के लिए कैसे स्मार्ट सिस्टम खड़ा कर सकता है।

दो भारतीय दिग्गज मुख्य मेंटर भूमिका में

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से दो अनुभवी और भरोसेमंद चेहरों को “मुख्य मेंटर” की भूमिका में आगे किया जा रहा है। एक तरफ माधवन उन्नीकृष्णन नायर भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक, जिनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर साइबर नीति और रणनीति गढ़ने वाले अहम विशेषज्ञों में रही है। दूसरी तरफ प्रो. त्रिवेणी सिंह उत्तर प्रदेश के चर्चित साइबर विशेषज्ञ, जो फील्ड-लेवल चुनौतियों से लेकर सिस्टम-बिल्डिंग तक का व्यावहारिक अनुभव रखते हैं। दोनों विशेषज्ञ दुनिया के शीर्ष साइबर वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और टेक इंडस्ट्री लीडर्स के सामने नई पीढ़ी के साइबर खतरों जैसे डीपफेक, फाइनेंशियल फ्रॉड, डेटा ब्रीच और डिजिटल प्रोपेगैंडा पर भारत की तैयारी और जमीनी समाधान को विस्तार से सामने रखेंगे।

20+ देशों की भागीदारी

इस सम्मेलन की ग्लोबल स्केल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अमेरिका, जापान, स्पेन, इटली, इंग्लैंड, जर्मनी, साइप्रस, रोमानिया, फिलीपींस, यूएई, बेल्जियम, लातविया, नीदरलैंड, अल्बानिया, उरुग्वे, हंगरी समेत 20 से ज्यादा देशों के साइबर विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और टेक लीडर्स एक ही मंच पर जुटेंगे। ऐसे में तेल अवीव का यह प्लेटफॉर्म उत्तर प्रदेश के लिए भी बेहद अहम बन जाता है क्योंकि यहां यूपी की रणनीति सिर्फ प्रस्तुत नहीं होगी, बल्कि दुनिया के अलग-अलग मॉडल्स के साथ तुलना, अनुभवों की साझेदारी और संभावित अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नजरिए से भी परखी जाएगी। यही वजह है कि यूपी का साइबर मॉडल इस बार स्थानीय पहल से आगे बढ़कर वैश्विक चर्चा का हिस्सा बनने जा रहा है।

साइबर सेफ यूपी के उपायों की होगी ग्लोबल प्रेजेंटेशन

प्रो. त्रिवेणी सिंह अपने 25 वर्षों के अनुभव के आधार पर बताएंगे कि कैसे उत्तर प्रदेश ने साइबर अपराध, वित्तीय ठगी और टेक्नोलॉजी आधारित अपराधों पर लगाम कसने के लिए मजबूत और बहुस्तरीय प्रणाली विकसित की। दूसरी ओर माधवन उन्नीकृष्णन नायर भारत के राष्ट्रीय साइबर फ्रेमवर्क, नीतिगत अनुभव और भविष्य की दिशा पर अपने इनपुट साझा करेंगे। सम्मेलन में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने की बात कही गई है। इस दौरान भारत सहित कई देशों के बीच साइबर सुरक्षा सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और साइबर बिजनेस की संभावनाओं पर बातचीत होगी।

क्यों अहम है यह मंच?

Cybertech Global 2026 भारत के लिए एक ऐसा मौका है, जहां देश अपनी साइबर क्षमता, नीति और टेक्नोलॉजी विजन को दुनिया के सामने मजबूती से रख सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश के लिए यह मंच एक साफ संदेश देगा कि राज्य की पहचान अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रही उत्तर प्रदेश अब डिजिटल सुरक्षा, साइबर गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन के मोर्चे पर भी नई लकीर खींच रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस सम्मेलन से निकलने वाली साझेदारियां, रणनीतिक बातचीत और तकनीकी सहयोग भारत को आने वाले वर्षों में ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब के तौर पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम और व्यावहारिक कदम साबित हो सकते हैं। UP News


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सम लैंगिक संबंध में रोड़ा बने पति की करवा दी हत्या

शुरुआत में पुलिस के सामने यह एक अंधा हत्याकांड था, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी। रेनू का एक अन्य महिला मालती देवी उर्फ बुद्धी के साथ बीते डेढ़ साल से गहरा संबंध था।

sam langik
सम लैंगिक संबंध के लिए हत्या कराने वाली महिला पुलिस गिरफ्त में
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Jan 2026 02:25 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सामने आया यह हत्याकांड रिश्तों, विश्वास और कानून तीनों को झकझोर देने वाला है। पति की मौजूदगी को अपनी राह का रोड़ा मान चुकी एक महिला ने अपनी महिला साथी के साथ मिलकर ऐसी साजिश रची, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। असोथर थाना क्षेत्र में 14 जनवरी की सुबह खेत में एक किसान का खून से सना शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान 45 वर्षीय रामसुमेर के रूप में हुई, जो खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। शरीर पर गहरे चोट के निशान और गला रेतने के घाव साफ तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहे थे।

हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी

शुरुआत में पुलिस के सामने यह एक अंधा हत्याकांड था, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी। रेनू का एक अन्य महिला मालती देवी उर्फ बुद्धी के साथ बीते डेढ़ साल से गहरा संबंध था। दोनों के बीच भावनात्मक और निजी रिश्ता बन चुका था और वे एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहती थीं।

पति ने इस रिश्ते की भनक लगी तो उसने इसका खुलकर विरोध किया

रामसुमेर को जब इस रिश्ते की भनक लगी तो उसने इसका खुलकर विरोध किया। वह अक्सर मालती के घर आने-जाने पर नाराजगी जताता था। एक दिन विवाद इतना बढ़ गया कि उसने मालती को डांटकर घर से भगा दिया। इसके बाद दोनों महिलाओं ने फोन के जरिए संपर्क बनाए रखा और पति को रास्ते से हटाने का खतरनाक फैसला ले लिया।

मालती ने रामसुमेर की हत्या के बदले 60 हजार रुपये देने का वादा किया

हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए मालती देवी ने अपने परिचित ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता से संपर्क किया। दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी और लेन-देन भी होता रहता था। मालती ने जितेंद्र को रामसुमेर की हत्या के बदले 60 हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया। सौदे के तहत आठ हजार रुपये एडवांस दिए गए और साथ ही एक प्लॉट दिलाने का लालच भी दिया गया। 13 जनवरी की रात जब रामसुमेर रोज की तरह खेत की ओर जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे रोक लिया। रस्सी से गला दबाकर उसे बेहोश किया गया और फिर चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और शव खेत में ही छोड़ दिया गया।

मुख्य आरोपी जितेंद्र गुप्ता और उसका साथी अभी भी फरार

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए रेनू, मालती देवी और राजू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश और उसकी पूरी योजना कबूल की। वहीं मुख्य आरोपी जितेंद्र गुप्ता और उसका साथी रामप्रकाश अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की रस्सी, खून से सने कपड़े और दो कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू अभी तक नहीं मिल सका है।

हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और इसमें आर्थिक लालच के साथ-साथ निजी संबंधों की भूमिका अहम रही। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह घटना समाज के उस अंधेरे पहलू को उजागर करती है, जहां अवैध और जटिल रिश्ते इंसान को अपराध की ऐसी हद तक ले जाते हैं, जिससे न केवल एक परिवार उजड़ जाता है, बल्कि कई जिंदगियां हमेशा के लिए प्रभावित हो जाती हैं।

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मुलायम परिवार में बड़ी हलचल, अपर्णा यादव से तलाक लेंगे प्रतीक यादव

वहीं, इस पूरे प्रकरण पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे मामले को लेकर असमंजस और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।

अपर्णा यादव-प्रतीक यादव
अपर्णा यादव-प्रतीक यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 01:36 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली माने जाने वाले यादव परिवार से जुड़ी एक निजी खबर ने सोमवार को नई हलचल पैदा कर दीभाजपा नेता अपर्णा यादव और उनके पति प्रतीक यादव के वैवाहिक रिश्ते को लेकर तलाक की अटकलें तेज हो गई हैं। इसकी वजह प्रतीक यादव का सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने अलगाव की ओर बढ़ने का संकेत देते हुए अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल अपर्णा यादव की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी चर्चा

सोमवार सुबह प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डालकर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव से जल्द अलग होने यानी तलाक की प्रक्रिया शुरू करनेका संकेत दिया और अपनी बात बेहद तीखे शब्दों में रखी। प्रतीक यादव का कहना है कि वह इस समय मानसिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे हैं और उनके पारिवारिक रिश्तों पर गहरा असर पड़ा है। हालांकि, यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए दावों तक सीमित है,इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक दस्तावेजी पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

आरोपों में क्या कहा गया?

उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव पर पारिवारिक मर्यादाओं को नजरअंदाज करने और परिवार की एकजुटता को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन्हीं आरोपों को आधार बनाते हुए उन्होंने रिश्ते को कानूनी मोड़ देने यानी तलाक की प्रक्रिया की ओर बढ़ने का संकेत दिया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे मामले को लेकर असमंजस और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।

राजनीति और वैचारिक दूरी भी बनी वजह?

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि मामला सिर्फ घरेलू मतभेद तक सीमित नहीं हो सकता। यादव परिवार की पहचान लंबे समय से समाजवादी राजनीति से जुड़ी रही है, जबकि अपर्णा यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा का दामन थाम लिया था। जानकारों का मानना है कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद भी रिश्तों में तनाव की एक वजह बन सकते हैं हालांकि इसे लेकर कोई ठोस पुष्टि अभी नहीं है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की शादी 2011 में हुई थी। कहा जाता है कि दोनों करीब 10 साल तक रिलेशनशिप में रहे, फिर विवाहबंधन में बंधे। प्रतीक यादव को राजनीति से दूर रहने वाला व्यवसायी बताया जाता है। इतने लंबे रिश्ते के बाद तलाक की खबरों ने समर्थकों और यूपी की सियासत पर नजर रखने वालों को चौंका दिया है।

कानूनी पुष्टि का इंतजार

फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम माने जाने वाले यादव परिवार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई भी बड़ा चेहरा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। न कैमरे पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है, न ही तलाक की अर्जी कोर्ट में दाखिल होने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। ऐसे में यह मामला फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट, मीडिया रिपोर्टों और चर्चाओं के दायरे में ही है कानूनी या दस्तावेजी तस्वीर साफ होने का इंतजार अभी बाकी है। UP News

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