उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP ने किया बड़ा दावा, बताया पुराना सच

उन्होंने बताया है कि एक जमाना ऐसा भी था जब भारत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की निगरानी का काम भारत की बड़ी खुफिया एजेंसी IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) को सौंपा गया था। IB के अधिकारी या कर्मचारी RSS में स्वयं सेवक संघ बनकर RSS के ऊपर निगाह रखने का काम करते थे।

पूर्व DGP प्रकाश सिंह
पूर्व DGP प्रकाश सिंह
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Jan 2026 05:29 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP प्रकाश सिंह एक प्रसिद्ध पुलिस अधिकारी रहे हैं। पूर्व IPS अधिकारी प्रकाश सिंह ने भारतीय पुलिस व्यवस्था में बदलाव के लिए बहुत सार्थक प्रयास किए हैं। उत्तर प्रदेश के DGP रहे प्रकाश सिंह ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया है कि एक जमाना ऐसा भी था जब भारत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की निगरानी का काम भारत की बड़ी खुफिया एजेंसी IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) को सौंपा गया था। IB के अधिकारी या कर्मचारी RSS में स्वयं सेवक संघ  बनकर RSS के ऊपर निगाह रखने का काम करते थे।

मीडिया संस्थान के साथ इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP का दावा

आपको बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP प्रकाश सिंह ने एक मीडिया हाउस को इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP ने बताया है कि जब भारत में कांग्रेस का शासन था तो भारत की गुप्तचर एजेंसी IB के द्वारा RSS की गतिविधियों पर खूब नजर रखी जाती थी। RSS को साथ ही जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों की निगरानी के लिए भी IB को तैनात रखा जाता था। उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP प्रकाश सिंह ने इंटरव्यू में बताया कि उस वक्त की भारत सरकार RSS को सांप्रदायिक संगठन मानती थी। यही कारण था कि भारत सरकार की तरफ से RSS तथा जमाते इस्लामी आदि संगठनों के पीछे IB को लगाया गया था। उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP प्रकाश सिंह ने इंटरव्यू में बताया कि IB के एजेंट कई मामलों में उन संगठनों के भीतर काडर बनकर भी दाखिल हो जाते थे। उन्होंने कहा कि IB  की कार्यशैली ह्यूमन इंटेलिजेंस पर आधारित थी। एजेंसी के लोग कभी सीधे संगठन का हिस्सा बनकर तो कभी उससे जुड़े लोगों से दोस्ती कर अहम जानकारियां जुटाते थे। मुखबिरों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाता था, जो संवेदनशील इलाकों और संगठनों से इनपुट देते थे। 

उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP ने साझा किया निजी अनुभव 

उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP प्रकाश सिंह ने इस इंटरव्यू में अपने सेवा काल से जुड़ा एक अहम अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर लगाम कसने की बात बताई। इसके लिए भारत-पाक सीमा पर कंटीले तार लगवाने की पहल की गई थी, जिससे घुसपैठ की घटनाओं में बड़ी कमी आई। इसी योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। आपको बता दें कि प्रकाश सिंह 1959 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी रहे हैं। वे सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक रह चुके हैं। असम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने का उनका अनुभव देश में पुलिस सुधारों की दिशा में बेहद अहम माना जाता है। उन्होंने उन्होंने छह किताबें भी लिखी हैं। इसमें 'इंडियाज नॉर्थईस्ट : द फ्रंटियर इन फर्मेंट' प्रमुख किताब है। UP News

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शंकराचार्य के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने लिया यूटर्न

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बाकायदा कहा है कि हम शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम अर्पित करते हैं। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान को उत्तर प्रदेश सरकार का यूटर्न माना जा रहा है।

प्रयागराज मेला विवाद
प्रयागराज मेला विवाद
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Jan 2026 03:37 PM
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UP News : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ अधिकारी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को फर्जी शंकराचार्य साबित करने की कोशिश कर रहे थे। अब उत्तर प्रदेश की सरकार शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में समर्पित होती हुई नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बाकायदा कहा है कि हम शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम अर्पित करते हैं। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान को उत्तर प्रदेश सरकार का यूटर्न माना जा रहा है।

शंकराचार्य को क्या बोले उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मेला में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रशासन द्वारा अभद्रता को लेकर सियासी पारा गरम है। इस मुद्दे पर उठे विवाद के बीच उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद को समाप्त करते हुए स्नान करने की प्रार्थना की है। साथ ही स्वामी जी के साथ अभद्रता करने वाले अफसरों पर कार्रवाई के मामले में उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी होगा कार्रवाई भी होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का यह संस्कार नहीं है कि वह किसी भी संत का अनादर करे। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रणाम करते हुए अनुरोध किया है कि वह अपना विरोध खत्म करके सँगम में स्नान करें।

शंकराचार्य के मामले में शुरू हुई नई चर्चा

आपको बता दें कि प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के स्नान को लेकर  शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन आमने सामने आ गए थे। मेला प्रशासन ने उन्हें पालकी पर सवार होकर स्नान के लिए जाने से रोक दिया था। इसके बाद शंकराचार्य समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई थी। इस घटना से नाराज होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धरना शुरू कर दिया था। अब डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बयान सामने आया है, जिसे कई मायनों में अहम माना जा रहा है। उन्होंने सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पूरे विवाद को समाप्त करने की बात कही। उनके बयान से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। UP News

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गोरखपुर की रिवॉल्वर रानी का खौफनाक सच आया सामने

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार शाम जन्मदिन की पार्टी के दौरान फायरिंग करने वाली अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद सामने आए खुलासों ने न केवल पुलिस महकमे बल्कि आम जनता को भी चौंका दिया है।

The Revolver Queen of Gorakhpur
गोरखपुर से अयोध्या तक फैला था नेटवर्क (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar23 Jan 2026 03:18 PM
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UP News : इंस्टाग्राम पर ‘रिवॉल्वर रानी’ के नाम से चर्चित अंशिका पर हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का संगठित नेटवर्क चलाने का आरोप है। घटना कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया इलाके की है, जहां अंशिका अपने दोस्तों के साथ सड़क पर जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान दूसरे गुट से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर अंशिका ने पिस्टल निकाल ली। छीना-झपटी के दौरान चली गोली एक युवक के ड्राइवर को जा लगी। घायल को गंभीर अवस्था में एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है।

इंस्टाग्राम स्टार से अपराध की दुनिया तक

बता दें कि पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अंशिका सिंह के इंस्टाग्राम पर करीब 75 हजार फॉलोअर्स हैं। वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाती थी। आरोप है कि वह अश्लील वीडियो कॉल के जरिए लोगों को रिकॉर्ड करती और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलती थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले पांच वर्षों में वह दरोगा, डीसीपी समेत करीब 150 लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है।

पुलिस विभाग में मची खलबली

बता दें कि अंशिका के मोबाइल फोन से बरामद WhatsApp चैट और कॉल डिटेल ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के अनुसार, वह एक CO, अयोध्या में तैनात DSP और गीडा थाना प्रभारी समेत 15 से अधिक पुलिसकर्मियों के संपर्क में थी। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से अंशिका के खाते में धनराशि ट्रांसफर हुई। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं कुछ पुलिसकर्मी इस अवैध वसूली के खेल में उसके सहयोगी तो नहीं थे।

महंगे शौक बने अपराध की वजह

अंशिका मूल रूप से गोरखपुर के हरपुर बुदहट की रहने वाली है। वह वर्तमान में कैंट थाना क्षेत्र के सिंघानिया इलाके में किराए के कमरे में रह रही थी। लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगे कपड़े, नए मोबाइल फोन और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने का शौक उसकी कमजोर कड़ी बताया जा रहा है। इन्हीं शौकों को पूरा करने के लिए उसने अपने परिवार से दूरी बना ली और अपराध की राह पकड़ ली।

पुलिस का बयान

एसपी सिटी ने बताया कि अंशिका के खिलाफ हत्या के प्रयास और वाहन चोरी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। ब्लैकमेलिंग के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि अभी तक किसी पीड़ित ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। यदि कोई पीड़ित सामने आता है तो उसके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News

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