उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कड़ी कार्रवाई, 17 चिकित्साधिकारी बर्खास्त

कुछ चिकित्साधिकारियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतों के बाद 4 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Jan 2026 05:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने वाले 17 चिकित्साधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। यह कदम लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं में रुकावट डालने वाले मामलों के चलते उठाया गया। सरकार ने साफ कर दिया कि अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मरीजों के साथ अनुचित व्यवहार

कुछ चिकित्साधिकारियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतों के बाद 4 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना

डॉ. गजेंद्र सिंह ने नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसके कारण उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। सरकार ने इस प्रकार की अवहेलना को गंभीर अनुशासनहीनता बताया। बीकेटी ट्रॉमा सेंटर में तैनात 4 चिकित्साधिकारियों को मरीजों की देखभाल में लापरवाही के आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चेतावनी और वेतन वृद्धि रोक

3 चिकित्साधिकारियों को चेतावनी दी गई। 5 चिकित्साधिकारियों की वेतन वृद्धि रोक दी गई और उन्हें अनुशासनिक दंड दिया गया।

दवाओं की खरीद में अनियमितताओं के लिए दोषी पाए गए 2 चिकित्साधिकारियों की पेंशन में 10% की कटौती करने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और सरकारी धन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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उत्तर प्रदेश के गांव बनेंगे रोजगार हब, 15 लाख उद्यमों का रोडमैप तैयार

सरकार का फोकस साफ है उत्तर प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को अपने ही गांव में कमाई का टिकाऊ रास्ता मिले, ताकि पलायन घटे और गांवों की अर्थव्यवस्था भीतर से मजबूत हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Jan 2026 04:16 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा खाका तैयार किया है। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए योगी सरकार ने गांव-गांव उद्यमिता की बड़ी योजना पर काम तेज कर दिया है। अगले पांच वर्षों में प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 15 लाख उद्यम खड़े करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे करीब एक करोड़ नए उद्यमी तैयार होने का दावा है। इस मिशन की धुरी NRLM और स्वयं सहायता समूह (SHG) होंगे जहां समूहों को सिर्फ सहायता तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें ट्रेनिंग, फंडिंग, तकनीकी सपोर्ट और मार्केट लिंक देकर गांव में रोजगार का मजबूत इकोसिस्टम बनाया जाएगा। सरकार का फोकस साफ है उत्तर प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को अपने ही गांव में कमाई का टिकाऊ रास्ता मिले, ताकि पलायन घटे और गांवों की अर्थव्यवस्था भीतर से मजबूत हो।

यूपी के गांवों में रोजगार का नया मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तैयार इस योजना का लक्ष्य है कि हर स्वयं सहायता समूह से कम से कम एक सदस्य/समूह को उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाए। सरकार के मुताबिक, स्वयं सहायता समूह उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इन्हें चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं का पलायन भी कम होगा और गांवों में ही आय के स्थायी स्रोत विकसित होंगे।

लखपति दीदी मॉडल को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने इस बार एक प्रतीकात्मक लेकिन अहम पहल भी की है। प्रदेश की 14 ‘लखपति दीदियों’ को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए उद्यम खड़े कर हर साल लाखों रुपये की आय हासिल कर रही हैं और अपने-अपने इलाकों में दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि जब उत्तर प्रदेश की ऐसी सफल महिलाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी, तो गांवों में आत्मनिर्भरता का भरोसा और तेज़ी से बढ़ेगा। सरकार के अनुसार यह कार्यक्रम केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य उत्तर प्रदेश के गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

विकसित भारत जी–राम–जी पर भाजपा की प्रदेश कार्यशाला मंगलवार को

राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज है। ‘विकसित भारत जी–राम–जीअभियान को लेकर भाजपा मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित करेगी। इसमें केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और हरियाणा के पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ शामिल होंगे। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के सभी सांसद-विधायक, प्रदेश संगठन के पदाधिकारी और वरिष्ठ नेतृत्व को बुलाया गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के भी मौजूद रहने की संभावना है। UP News

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यूपी के इस जिले में बनेगा रेलवे ओवरब्रिज, जाम से मिलेगी राहत

इस ओवरब्रिज के निर्माण से कस्बे में लगने वाले भीषण जाम से निजात मिलेगी। अभी रेलवे लाइन पर ट्रेनों के लगातार आवागमन के कारण फाटक लंबे समय तक बंद रहता है, जिससे दोनों ओर घंटों जाम लग जाता है। इसका असर एम्बुलेंस, स्कूल बसों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ता है।

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निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Jan 2026 04:24 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में सड़क यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के सुमेरपुर-बांदा-तिंदवारी मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक संख्या 31-सी पर 74.35 करोड़ की लागत से टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना को उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज की सहमति मिल चुकी है।

इस ओवरब्रिज के निर्माण से जाम से मिलेगी निजात

इस ओवरब्रिज के निर्माण से कस्बे में लगने वाले भीषण जाम से निजात मिलेगी। अभी रेलवे लाइन पर ट्रेनों के लगातार आवागमन के कारण फाटक लंबे समय तक बंद रहता है, जिससे दोनों ओर घंटों जाम लग जाता है। इसका असर एम्बुलेंस, स्कूल बसों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ता है। ओवरब्रिज बनने के बाद न केवल यातायात सुचारू होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार ने इस परियोजना में अपने हिस्से का अंशदान देने की सहमति भी दे दी है।

अब स्थल चयन और डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद इस परियोजना को वर्क प्रोग्राम में शामिल किया गया है। प्रारंभिक एस्टीमेट उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भेज दिया गया है, और अब रेलवे व उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारी मिलकर स्थल चयन और डिजाइन को अंतिम रूप देंगे।

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