संभल हिंसा प्रकरण : पूर्व डीएसपी अनुज चौधरी को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत
अदालत ने तत्कालीन डीएसपी/सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने संबंधी सीजेएम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक सीजेएम के आदेश के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

UP News : संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश पारित किया है। अदालत ने तत्कालीन डीएसपी/सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने संबंधी सीजेएम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक सीजेएम के आदेश के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस याचिका पर अदालत अब लगभग पांच सप्ताह बाद विस्तृत सुनवाई करेगी।
क्या है पूरा मामला
संभल में जामा मस्जिद को लेकर चल रहे सर्वे के दौरान हिंसक झड़पें हुई थीं, जिनमें चार लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद निचली अदालत (सीजेएम कोर्ट) ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और अन्य 22 पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट में क्यों पहुंचा मामला
सीजेएम कोर्ट के इस आदेश को अनुज चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अलग से याचिका दाखिल की थी। दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया। फिलहाल एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा। हाईकोर्ट के इस आदेश से आरोपी पुलिस अधिकारियों को अस्थायी राहत मिली है, हालांकि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
UP News : संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश पारित किया है। अदालत ने तत्कालीन डीएसपी/सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने संबंधी सीजेएम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक सीजेएम के आदेश के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस याचिका पर अदालत अब लगभग पांच सप्ताह बाद विस्तृत सुनवाई करेगी।
क्या है पूरा मामला
संभल में जामा मस्जिद को लेकर चल रहे सर्वे के दौरान हिंसक झड़पें हुई थीं, जिनमें चार लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद निचली अदालत (सीजेएम कोर्ट) ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और अन्य 22 पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट में क्यों पहुंचा मामला
सीजेएम कोर्ट के इस आदेश को अनुज चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अलग से याचिका दाखिल की थी। दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया। फिलहाल एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा। हाईकोर्ट के इस आदेश से आरोपी पुलिस अधिकारियों को अस्थायी राहत मिली है, हालांकि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।












