राज्य सरकार और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से अब ग्रामीण विद्यार्थियों तक अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक की पढ़ाई पहुँचाई जा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने महोबा जिले के 40 सरकारी विद्यालयों में विशेष स्पेस लैब स्थापित की हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रक्षा क्षेत्र में एक साथ बड़े बदलाव की शुरुआत हो रही है। राज्य सरकार और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से अब ग्रामीण विद्यार्थियों तक अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक की पढ़ाई पहुँचाई जा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने महोबा जिले के 40 सरकारी विद्यालयों में विशेष स्पेस लैब स्थापित की हैं। यह पहल स्थानीय प्रशासन और लखनऊ की व्योमिका फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रणाली और उभरती तकनीकों से परिचित कराना है।
इन लैब्स में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एक वर्ष के संरचित पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों की नियमित मूल्यांकन प्रक्रिया होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को इसरो के अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण करने का अवसर भी मिल सकता है।
* आधुनिक दूरबीन
* 3डी प्रिंटर
* अंतरिक्ष मिशनों के मॉडल
* रोबोटिक्स किट
* ड्रोन उपकरण
* एसटीईएम आधारित प्रयोग सामग्री
इस पहल से बुंदेलखंड क्षेत्र के हजारों छात्रों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच तकनीकी अंतर कम करने में मदद मिलेगी।
रक्षा और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मेरठ में देश का पहला समर्पित मानव रहित विमान (ड्रोन) और ड्रोन रनवे विकसित किया जाएगा। यह परियोजना लगभग 406 करोड़ रुपये की लागत से 900 एकड़ क्षेत्र में तैयार की जाएगी। रनवे की लंबाई लगभग 2110 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित है। यहाँ ड्रोन संचालन, परीक्षण और प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर परिवहन विमानों का संचालन भी संभव होगा।
सैन्य निगरानी, सीमा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव अभियान और दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध और सुरक्षा रणनीतियों में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह परियोजना देश की हवाई सुरक्षा क्षमता को नई मजबूती देगी। एक ओर जहां महोबा के सरकारी स्कूलों में अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की पढ़ाई शुरू हो रही है, वहीं दूसरी ओर मेरठ में ड्रोन रनवे जैसी रणनीतिक परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इन पहलों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश तकनीकी शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में नई दिशा की ओर कदम बढ़ा रहा है। UP News