फेरों से ठीक पहले ‘टॉयलेट’ के बहाने दूल्हा फरार, रातभर चली पंचायत

देखते ही देखते बारात का माहौल सन्नाटे में बदल गया और दुल्हन पक्ष के अरमानों पर पानी फिर गया। देर रात तक गांव में पंचायत चलती रही, वहीं पुलिस भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।जानकारी के मुताबिक, गांव में दो सगी बहनों की शादी एक साथ तय थी।

शादी समारोह में सन्नाटा
शादी समारोह में सन्नाटा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Feb 2026 03:04 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मथुरा में शादी के मंडप से जुड़ा एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। गोवर्धन थाना क्षेत्र के एक गांव में फेरों से ठीक पहले दूल्हा “पेशाब करने जा रहा हूं” कहकर स्टेज से उतरा और फिर वापस नहीं लौटा। देखते ही देखते बारात का माहौल सन्नाटे में बदल गया और दुल्हन पक्ष के अरमानों पर पानी फिर गया। देर रात तक गांव में पंचायत चलती रही, वहीं पुलिस भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।जानकारी के मुताबिक, गांव में दो सगी बहनों की शादी एक साथ तय थी। राजस्थान के कामा क्षेत्र के एक गांव से दो सगे भाई बारात लेकर पहुंचे थे। समारोह में नाच-गाना, दावत और जयमाला जैसी रस्में पूरी हो चुकी थीं। दोनों दुल्हनें स्टेज पर थीं और घर-परिवार में खुशी का माहौल था। इसी बीच बड़े भाई जो दूल्हा बना था फेरों से पहले अचानक “टॉयलेट जाना है” कहकर स्टेज से नीचे उतरा। शुरुआत में किसी ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को शक हुआ।

खोजबीन के बाद खुली पोल

वर पक्ष और रिश्तेदारों ने आस-पास तलाश की, लेकिन दूल्हे का कहीं पता नहीं चला। कुछ देर बाद पुष्टि हुई कि वह शादी स्थल से फरार हो चुका है। दूल्हे के गायब होने से शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। एक तरफ मंडप तैयार था, दूसरी तरफ दुल्हन पक्ष पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हाथों की मेंहदी सूखती रह गई और परिवार की खुशियां पलभर में चिंता में बदल गईं। दूल्हे के अचानक फरार होने के बाद ग्रामीणों ने स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए लड़के पक्ष के कुछ लोगों को गांव में ही रोक लिया। देर रात तक पंचायत चली और दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी रहा। बताया जा रहा है कि समझौते और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी चर्चा हुई।

जांच में जुटी पुलिस

ग्रामीणों के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि दूल्हा शेरगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़े किसी स्थान की ओर गया है और उसके किसी दूसरी युवती के साथ भागने की बातें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि उन्हें मौखिक शिकायत/तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है और दूल्हे की तलाश जारी है। युवक के मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मौजूद है। UP News

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी की चुनावी तैयारी, एमवाईके फॉर्मूला से साधेंगे वोटर

महिलाओं के हित में अलग-अलग योजनाओं के लिए भारी राशि का प्रावधान। युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर जोर। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश। सब्सिडी, सौर पंप, कृषि उत्पादकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम। किसानों की आमदनी और उत्पादन बढ़ाने के उपाय।

yogi chunav
चुनावी चर्चा के दौरान योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Feb 2026 03:05 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एमवाईके फॉमूर्ला अपनाया है। इसका मतलब है:

* एम = महिलाएं

* वाई = युवा

* के = किसान

सरकार का उद्देश्य इन तीन बड़े वोटबैंकों को लक्षित करके अपनी चुनावी पकड़ मजबूत करना है।

बजट में तीनों समूहों के लिए मुख्य प्रावधान

*1 महिलाओं के लिए:

* महिलाओं के हित में अलग-अलग योजनाओं के लिए भारी राशि का प्रावधान।

* लड़कियों की शादी, महिला स्वरोजगार और कौशल विकास के लिए विशेष अनुदान।

* महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए रोजगार और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना।

*2 युवाओं के लिए :

* युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर जोर।

* तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल सशक्तिकरण और कौशल केंद्रों का विस्तार।

* युवा उद्यमिता और स्वरोजगार योजनाओं के लिए समर्थन।

*3 किसानों के लिए:

* कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश।

* सब्सिडी, सौर पंप, कृषि उत्पादकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम।

* किसानों की आमदनी और उत्पादन बढ़ाने के उपाय।

सरकार का लक्ष्य सिर्फ विकास नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति भी है। एम वाई के फॉमूर्ला के जरिए महिला, युवा और किसान वर्ग को सीधे लाभ पहुंचाकर उनका समर्थन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। UP News


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चर्चा में है उत्तर प्रदेश का ठकुराइन Vs पंडिताइन वाला मामला

वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर यह विवाद ठकुराइन बनाम पंडिताइन जैसे टैग और शीर्षकों के साथ जातीय बहस में बदलता दिखा। आस्था सिंह का कहना है कि बिना पूरा सच जाने उनके खिलाफ चरित्र-हनन तक की टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे वे मानसिक रूप से टूट रही हैं और खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही हैं।

आस्था सिंह–ऋतु त्रिपाठी विवाद
आस्था सिंह–ऋतु त्रिपाठी विवाद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Feb 2026 02:28 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में HDFC बैंक शाखा से जुड़ा एक विवाद अब बैंक की चारदीवारी से निकलकर सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग कोर्ट तक पहुंच गया है। रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह और पूर्व कैशियर ऋतु त्रिपाठी मिश्रा के बीच शुरू हुई तकरार एक वायरल वीडियो क्लिप के बाद इतनी बढ़ी कि मामला पनकी थाने तक जा पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर आमने-सामने बैठकर पूछताछ करने की बात कही है। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर यह विवाद ठकुराइन बनाम पंडिताइन जैसे टैग और शीर्षकों के साथ जातीय बहस में बदलता दिखा। आस्था सिंह का कहना है कि बिना पूरा सच जाने उनके खिलाफ चरित्र-हनन तक की टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे वे मानसिक रूप से टूट रही हैं और खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

जानकारी के अनुसार 6 जनवरी को पूर्व कैशियर ऋतु त्रिपाठी बैंक में इस्तीफा देने पहुंचीं, इसी दौरान उनके पति ऋषि त्रिपाठी भी वहां आए। यहीं से विवाद ने तूल पकड़ा। रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह का आरोप है कि बातचीत के दौरान उनके साथ अभद्रता, धमकी और मानसिक दबाव बनाया गया। आस्था का कहना है कि इसी बहस के बीच उनसे जाति पूछी गई, जिस पर उन्होंने जवाब में कहा— “मैं ठाकुर हूं।” इसी एक लाइन की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और उत्तर प्रदेश में अक्सर देखी जाने वाली टैग-लाइन बहस ने मामले को और भड़का दिया। आस्था सिंह का दावा है कि वायरल वीडियो अधूरा है, पूरा घटनाक्रम दिखाए बिना ही लोगों ने निष्कर्ष निकाल लिए। दूसरी तरफ, ऋतु त्रिपाठी के पति ऋषि त्रिपाठी ने जन सूचना पोर्टल पर आस्था के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही है और दावा किया है कि बैंक में पहले से कुछ मुद्दों को लेकर तनाव था, जिसका असर इस दिन की घटना पर पड़ा। वहीं, ऋतु त्रिपाठी मिश्रा ने भी वीडियो जारी कर कहा कि पूरे प्रकरण में उनके परिवार की प्रतिष्ठा को निशाना बनाया गया है; उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी वीडियो को वायरल करने की कोशिश नहीं की और अपनी पहचान के स्तर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वे ब्राह्मण हैं और सम्मान के साथ न्याय चाहती हैं।

थाने की चौखट तक पहुंचा विवाद

आस्था सिंह ने पनकी थाने में लिखित शिकायत देकर ऋतु त्रिपाठी और उनके पति पर धमकाने, मानसिक उत्पीड़न और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। थाना प्रभारी योगेंद्र भदौरिया के मुताबिक, दोनों पक्षों से शिकायत/प्रतिशिकायत की जानकारी सामने आई है और मामले की तथ्यपरक जांच की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ होगी और जरूरत पड़ी तो आमने-सामने बैठाकर बातचीत भी कराई जाएगी। उधर, उत्तर प्रदेश में तेजी से फैलने वाली वायरल बहस ने इस मामले को और उग्र बना दिया। वायरल क्लिप के बाद चर्चा ने जातीय रंग पकड़ लिया, जिस पर आस्था सिंह का आरोप है कि बिना पूरी जानकारी के उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और “चरित्र” तक को निशाना बनाया गया, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गईं। दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष का कहना है कि विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और उनकी छवि भी नुकसान में गई। आस्था के मुताबिक, यह घटना सिर्फ इस्तीफे की बात नहीं थीउन्होंने दावा किया कि उसी दिन सुबह ऋतु त्रिपाठी की बहन के बैंक आने पर कहासुनी हुई थी, और दोपहर में ऋतु पति के साथ पहुंचीं तो विवाद बढ़ गया। आस्था ने नौकरी से निकलवाने की धमकी तक का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ लोग इसे राजनीतिक-जातीय एंगल देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनके मुताबिक असली मुद्दा वर्कप्लेस की गरिमा, सुरक्षा और महिला कर्मचारी के सम्मान से जुड़ा है। UP News

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