उत्तर प्रदेश के इस लाड़ले बेटे ने लाखों युवाओं के सामने यह मिसाल पेश की है कि यदि हौंसला हो तथा पक्का ईरादा हो तो कोई भी युवा भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवा IAS में जा सकता है। उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की यह कहानी बेहद प्रेरणादायक है।

UP News : एक चाय बेचने वाला साधारण सा युवक भी IAS अधिकारी बन सकता है। चाय बेचकर IAS बनने की यह कहानी उत्तर प्रदेश के एक IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की कहानी है। उत्तर प्रदेश के इस लाड़ले बेटे ने लाखों युवाओं के सामने यह मिसाल पेश की है कि यदि हौंसला हो तथा पक्का ईरादा हो तो कोई भी युवा भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवा IAS में जा सकता है। उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की यह कहानी बेहद प्रेरणादायक है।
उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता की IAS की यात्रा से पहले बता दें कि हिमांशु गुप्ता वर्ष-2021 बैच के IAS अधिकारी हैं। UPSC की रैंक के हिसाब से उन्हें उड़ीसा कैडर मिला था। उत्तर प्रदेश की IAS अधिकारी शिवा सिंह के साथ विवाह करने के बाद उन्होंने अपनी तैनाती उत्तर प्रदेश में करा ली थी। वह लगातार उत्तर प्रदेश में ही अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
IAS अधिकारी हिमांशु गुप्ता उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के रहने वाले हैं। हिमांशु गुप्ता के पिता बरेली में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे और हिमांशु स्कूल से लौटने के बाद उसी दुकान पर हाथ बंटाते थे। ग्राहकों को चाय परोसना, खाली कप धोना और तानों को चुपचाप सहना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। चाय की दुकान पर बैठे-बैठे ही हिमांशु ने अपने जीवन को बदलने का सपना देखा। वहीं रखे अखबारों के जरिए उन्होंने दुनिया को समझना शुरू किया। गरीबी और अभाव ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बनाया। उन्होंने तय कर लिया था कि वे इस हालात से बाहर निकलेंगे और अपने परिवार को एक बेहतर जीवन देंगे।
हिमांशु की प्रतिभा का प्रमाण उनकी स्कूली सफलता से ही मिलने लगा था। पढ़ाई में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में दाखिला हासिल किया। दिल्ली पहुंचना उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था न पैसे थे, न रहने की सुविधा और न ही अंग्रेजी भाषा पर पकड़। लेकिन उन्होंने हालात के आगे घुटने नहीं टेके। ट्यूशन पढ़ाकर, स्कॉलरशिप हासिल करके और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान हिमांशु ने किसी भी महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने इंटरनेट, किताबों और लाइब्रेरी को ही अपना गुरु बनाया। खुद नोट्स तैयार किए और घंटों एकांत में पढ़ाई की। उनका सफर आसान नहीं था। उन्होंने तीन बार परीक्षा दी। पहले प्रयास में IRTS, दूसरे में IPS और आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल करते हुए IAS बनने का सपना पूरा किया। इन दिनों हिमांशु गुप्ता IAS के तौर पर जनता की भरपूर सेवा कर रहे हैं। UP News