खामेनेई की मौत पर भारत के शिया धर्मगुरु का विरोध
मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने कहा, "अयातुल्ला खामेनेई भी हमेशा यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हों।

Opposition from India's Shia cleric : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत के शिया धर्मगुरुओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने अमेरिका और इजराइल के इस हमले को 'आतंकवादी कार्रवाई' और 'कायरतापूर्ण' करार दिया है। उन्होंने खामेनेई की मौत को 'शहादत' बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर तीखा हमला बोला है।
'शहादत सबसे बड़ा मर्तबा'
मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने कहा, "अयातुल्ला खामेनेई भी हमेशा यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हों। वे जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं और उनके साथ कई उलेमा भी शहीद हुए हैं।" उन्होंने कहा कि खामेनेई ने हमेशा मजलूमों (मज़लूमों) का साथ दिया। जिस तरह उनका खून बहाया गया है, वह कभी रायगा नहीं जाएगा। खून के इसी कतरे से इंकलाब पैदा होता है और जालिम उसमें डूब जाते हैं।
'ट्रंप और नेतन्याहू ने खुद के डेथ वारंट पर किए हस्ताक्षर'
अमेरिका और इजराइल के इस हमले पर गुस्से का इजहार करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया है, बल्कि उन्होंने खुद अपने 'डेथ वारंट' पर दस्तखत कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू की मौत बेहद बत्तरीन (बुरी) होगी।
3 दिन का शोक और अपील
मौलाना ने घोषणा की है कि खामेनेई की शहादत पर शिया समुदाय 3 दिनों तक शोक मनाएगा। उन्होंने समुदाय से अपील की है कि इन तीन दिनों तक अपने कारोबार और दुकानों को बंद रखें तथा खामेनेई के लिए अल्लाह से दुआ खैर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात का पालन किसी जबरदस्ती से नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर किया जाना चाहिए।
'इंसानियत का नुकसान'
खामेनेई के जाने को मौलाना ने इंसानियत का बड़ा नुकसान बताया। उन्होंने कहा, "वे मजलूमों की आवाज थे और अकेले फिलिस्तीन के लोगों के लिए लड़ रहे थे। उनका जाना सिर्फ शिया समुदाय का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए नुकसान है।"
लखनऊ में कैंडल मार्च और शोक सभा
इस बीच, लखनऊ में भी इस घटना के विरोध और शोक में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मौलाना ने बताया कि आज रात लखनऊ के इमामबाड़ों में लोग जमा होकर शोक मनाएंगे और रात 8 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने पूरे भारत के मुसलमानों से अपील की है कि वे शोक सभा और कैंडल मार्च का आयोजन करें। यदि कैंडल मार्च संभव न हो, तो कम से कम शोक सभा जरूर आयोजित की जाए। मौलाना ने कहा कि वे खामेनेई के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Opposition from India's Shia cleric
Opposition from India's Shia cleric : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत के शिया धर्मगुरुओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने अमेरिका और इजराइल के इस हमले को 'आतंकवादी कार्रवाई' और 'कायरतापूर्ण' करार दिया है। उन्होंने खामेनेई की मौत को 'शहादत' बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर तीखा हमला बोला है।
'शहादत सबसे बड़ा मर्तबा'
मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है और हर कोई शहादत की दुआ करता है। उन्होंने कहा, "अयातुल्ला खामेनेई भी हमेशा यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हों। वे जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं और उनके साथ कई उलेमा भी शहीद हुए हैं।" उन्होंने कहा कि खामेनेई ने हमेशा मजलूमों (मज़लूमों) का साथ दिया। जिस तरह उनका खून बहाया गया है, वह कभी रायगा नहीं जाएगा। खून के इसी कतरे से इंकलाब पैदा होता है और जालिम उसमें डूब जाते हैं।
'ट्रंप और नेतन्याहू ने खुद के डेथ वारंट पर किए हस्ताक्षर'
अमेरिका और इजराइल के इस हमले पर गुस्से का इजहार करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया है, बल्कि उन्होंने खुद अपने 'डेथ वारंट' पर दस्तखत कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू की मौत बेहद बत्तरीन (बुरी) होगी।
3 दिन का शोक और अपील
मौलाना ने घोषणा की है कि खामेनेई की शहादत पर शिया समुदाय 3 दिनों तक शोक मनाएगा। उन्होंने समुदाय से अपील की है कि इन तीन दिनों तक अपने कारोबार और दुकानों को बंद रखें तथा खामेनेई के लिए अल्लाह से दुआ खैर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात का पालन किसी जबरदस्ती से नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर किया जाना चाहिए।
'इंसानियत का नुकसान'
खामेनेई के जाने को मौलाना ने इंसानियत का बड़ा नुकसान बताया। उन्होंने कहा, "वे मजलूमों की आवाज थे और अकेले फिलिस्तीन के लोगों के लिए लड़ रहे थे। उनका जाना सिर्फ शिया समुदाय का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए नुकसान है।"
लखनऊ में कैंडल मार्च और शोक सभा
इस बीच, लखनऊ में भी इस घटना के विरोध और शोक में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मौलाना ने बताया कि आज रात लखनऊ के इमामबाड़ों में लोग जमा होकर शोक मनाएंगे और रात 8 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने पूरे भारत के मुसलमानों से अपील की है कि वे शोक सभा और कैंडल मार्च का आयोजन करें। यदि कैंडल मार्च संभव न हो, तो कम से कम शोक सभा जरूर आयोजित की जाए। मौलाना ने कहा कि वे खामेनेई के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Opposition from India's Shia cleric












