अखिलेश यादव ने जताई एआई समिट के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर नाराजगी

अखिलेश यादव ने प्रदर्शन को गलत ठहराते हुए कहा कि विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में इस तरह का हंगामा देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत की प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

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अखिलेश यादव ने निशाना साधा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Feb 2026 06:42 PM
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UP News : भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं। अखिलेश यादव ने प्रदर्शन को गलत ठहराते हुए कहा कि विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में इस तरह का हंगामा देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत की प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने मेड इन चाइना रोबोट विवाद पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि मेक इन इंडिया के प्रतीकात्मक संदेश के बीच चीनी रोबोट लाना उचित नहीं था।

बटुकों की शिखा खींचने का विवाद

उत्तर प्रदेश में बटुकों की शिखा खींचने की घटना को लेकर भी अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे निंदनीय बताया और कहा कि गलती होने पर माफी मांगना साहस का काम है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस प्रदर्शन को शर्मनाक और देश के खिलाफ बड़ा पाप बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सुनियोजित तरीके से अपनी यूथ विंग को समिट में विरोध के लिए भेजा।

रिजिजू ने कहा कि जब देश तकनीकी प्रगति कर रहा है, तब ऐसे प्रदर्शन भारत की छवि को धूमिल करते हैं, और कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

पूरा मामला क्या है?

भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में कथित तौर पर यूथ कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा और अन्य नेताओं ने इसे विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारत की छवि खराब करने वाला कदम बताया, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पर अलग रुख सामने आ सकता है। यह मुद्दा अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन चुका है, जहां एक ओर देश की छवि और मर्यादा की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार की बहस भी उठ रही है। UP News


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पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण मामले में कोर्ट ने कड़ा कदम उठाया है। पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच करने का आदेश जारी किया।

avimukteshvranand
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Feb 2026 05:45 PM
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UP News : प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण मामले में कोर्ट ने कड़ा कदम उठाया है। पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच करने का आदेश जारी किया।

नाबालिगों के बयान और सुनवाई

13 फरवरी को आरोपित नाबालिगों के बयान कोर्ट में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे। साथ ही पुलिस की रिपोर्ट को भी अदालत ने देखा। इन सब दस्तावेजों और बयानों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का निर्णय सुनाया। अब झूंसी थाने में संबंधित आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

शिकायत और आरोप का विवरण

यह मामला शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत पर कोर्ट में आया था। उन्होंने दावा किया कि शंकराचार्य के आश्रम में नाबालिगों के साथ यौन शोषण की घटनाएँ होती थीं और इस संबंध में उन्होंने कोर्ट को सबूतस्वरूप एक सीडी भी सौंपी। कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस द्वारा पूरी जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एफआईआर दर्ज होने के साथ ही यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। आरोपकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह प्रयागराज से वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे, ताकि समाज के सामने सच्चाई उजागर हो सके। 




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रामभद्राचार्य ने यूजीसी की नई गाइडलाइंस को लेकर सरकार पर किया हमला

यह कानून लागू होने पर देश में गंभीर सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है और इसे तुरंत वापस लेना ही सरकार के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वे धर्माचार्य पद पर हैं, इस कानून को किसी भी हालत में लागू नहीं होने देंगे।

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जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Feb 2026 05:28 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में आयोजित रामकथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने यूजीसी की नई गाइडलाइंस को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कानून लागू होने पर देश में गंभीर सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है और इसे तुरंत वापस लेना ही सरकार के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वे धर्माचार्य पद पर हैं, इस कानून को किसी भी हालत में लागू नहीं होने देंगे।

लखनऊ में विरोध प्रदर्शन

साथ ही लखनऊ में सवर्ण मोर्चा के नेतृत्व में यूजीसी एक्ट के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और अपने विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया था, प्रदर्शन में शामिल हुए। भारी पुलिस बल तैनात किया गया और भीड़ को नियंत्रण में रखा गया।

ब्राह्मण समाज और जातिवाद पर विचार

रामभद्राचार्य ने अपने भाषण में ब्राह्मण समाज और जातिवाद पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि ब्राह्मण समाज कभी जातिवादी नहीं रहा। उन्होंने महाभारत के द्रोणाचार्य-कर्ण प्रसंग और गुरु वशिष्ठ के उदाहरण के जरिए यह बताया कि शिक्षा और सम्मान सभी वर्गों को समान मिलना चाहिए।

सामाजिक चेतावनी

जगद्गुरु ने समाज में फैली छुआछूत और कुरीतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को समान सम्मान और अवसर देने की आवश्यकता है। इसके अलावा, उन्होंने बस्ती जिले का नाम बदलकर वशिष्ठ नगर करने की मांग दोहराई और ब्राह्मण समाज को अपनी सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।


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