Copper Prices की तेजी के पीछे ये चार बड़े कारण हैं, जानकर रह जाएंगे हैरान

सोने और चांदी के बाद निवेशकों की नजर अब कॉपर पर टिक गई है। पिछले एक साल में कॉपर ने भी तेज रिटर्न दिखाए हैं। शेयर बाजार की सुस्ती के बीच यह कमोडिटी चर्चा में है। हालांकि, रिटेल निवेशकों के लिए सीधे और सुरक्षित विकल्प अभी सीमित हैं।

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userअसमीना
calendar11 Jan 2026 09:52 AM
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सोने और चांदी की रौनक के बीच अब निवेशकों की नजर कॉपर (तांबा) पर टिक गई है। पिछले एक साल में गोल्ड और सिल्वर ने रिकॉर्ड रिटर्न दिए हैं। शेयर बाजार की सुस्ती के दौरान निवेशकों का रुझान कमोडिटी में निवेश की ओर बढ़ा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कॉपर अगला बड़ा दांव बन सकता है और क्या इसमें रिटेल निवेशक भी शामिल हो सकते हैं।

गोल्ड-सिल्वर की रैली के बाद कॉपर की चर्चा

पिछले कुछ महीनों में गोल्ड और सिल्वर की तेज उछाल ने निवेशकों का ध्यान खींचा। ETF और म्यूचुअल फंड के जरिए इन धातुओं में निवेश में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। अब निवेशक अगली संभावित कमोडिटी की तलाश कर रहे हैं और इसी वजह से कॉपर चर्चा में आया है।

रिकॉर्ड स्तर पर कॉपर की कीमतें

लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) के आंकड़ों के अनुसार, कॉपर मार्च 2022 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका के COMEX एक्सचेंज पर 6 जनवरी 2026 को कॉपर ने $6.069 प्रति पाउंड का नया रिकॉर्ड बनाया। पिछले एक साल में इसकी कीमत लगभग 60% बढ़ी है। भारत में भी कॉपर फ्यूचर्स ने पिछले साल लगभग 36% की तेजी दिखाई है।

तेजी के पीछे के कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक, कॉपर की कीमतों में तेजी के कई कारण हैं। जैसे- EV सेक्टर का विस्तार, डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती मांग, डिफेंस सेक्टर में मजबूत जरूरत, कॉपर की सीमित सप्लाई । VT Markets के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि “कॉपर की तेजी यह दिखाती है कि फिजिकल सप्लाई सीमित है जबकि इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़ी मांग लगातार बढ़ रही है। कमजोर डॉलर और नरम ब्याज दरों की उम्मीदों ने भी निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता बढ़ाई है।

रिटेल निवेशक कॉपर में कैसे निवेश कर सकते हैं?

भारत में फिलहाल कॉपर ETF या म्यूचुअल फंड उपलब्ध नहीं हैं। फिजिकल कॉपर बार या कॉइन में निवेश का कोई संगठित विकल्प भी नहीं है। रिटेल निवेशकों के लिए एकमात्र रास्ता कॉपर फ्यूचर्स हैं। यह ट्रेडिंग MCX पर होती है लेकिन ध्यान रहे फ्यूचर्स में एक्सपोजर बहुत बड़ा होता है। एक कॉन्ट्रैक्ट में 2.5 टन कॉपर शामिल होता है। मार्जिन देकर निवेश किया जा सकता है लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण नुकसान भी तेज हो सकता है। इसलिए इसे केवल उन्हीं निवेशकों के लिए सुझाया जाता है जिन्हें कमोडिटी मार्केट और रिस्क मैनेजमेंट की अच्छी समझ हो।

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Globus Spirits ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड, शेयर मार्केट में बन सकता है बड़ा ट्रेंड

Globus Spirits ने Q3 2025 में शुद्ध मुनाफे में जबरदस्त उछाल दर्ज किया। कंपनी का रेवेन्यू भी पिछले साल की तुलना में बढ़ा है। शेयर बाजार में सोमवार को इसके शेयरों में तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। Globus Spirits के पोर्टफोलियो में कई लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं।

Globus Spirits
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locationभारत
userअसमीना
calendar11 Jan 2026 10:33 AM
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ब्रूअरीज और डिस्टिलरीज सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Globus Spirits ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3) में ऐसे नतीजे पेश किए हैं, जिन्होंने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा इस तिमाही में कई गुना बढ़कर करीब ₹30 करोड़ पहुंच गया है। इसी वजह से माना जा रहा है कि सोमवार, 12 जनवरी को शेयर बाजार खुलते ही Globus Spirits के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

क्या है वजह?

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा ₹30.44 करोड़ रहा। यह आंकड़ा पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले बेहद मजबूत है जब कंपनी ने सिर्फ ₹41.12 लाख का मुनाफा दर्ज किया था। मुनाफे में इस बड़ी छलांग की मुख्य वजह कंपनी के रेवेन्यू में आई मजबूती मानी जा रही है।

मुनाफे में जोरदार उछाल

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, दिसंबर 2025 तिमाही में Globus Spirits का रेवेन्यू बढ़कर ₹938.36 करोड़ हो गया जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹882.96 करोड़ था। वहीं, कंपनी का कुल खर्च भी बढ़ा है और यह ₹899.22 करोड़ रहा जो दिसंबर 2024 तिमाही में ₹884.04 करोड़ था। इसके बावजूद मुनाफे में जोरदार उछाल निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है।

87 से ज्यादा देशों में किए जाते हैं एक्सपोर्ट

Globus Spirits के ब्रांड पोर्टफोलियो की बात करें तो कंपनी दोआब, सेवनथ हैवन ब्लू और तेराई जैसे कई मशहूर ब्रांड्स की मालिक है। इसके अलावा, कंपनी के पास वोदका, कॉन्यैक, वाइन, लो-एल्कोहल प्रोडक्ट्स और एनर्जी ड्रिंक जैसे सेगमेंट्स भी हैं। Globus Spirits के प्रोडक्ट्स 87 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दिखाता है।

मार्केट कैप ₹3000 करोड़ से ज्यादा

शेयर की परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो Globus Spirits का शेयर फिलहाल BSE पर ₹1058.25 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹3000 करोड़ से ज्यादा है और यह BSE का एक स्मॉलकैप स्टॉक है। पिछले एक साल में इस शेयर ने करीब 28% की बढ़त दर्ज की है। BSE पर इसका 52-वीक हाई ₹1303.95 और 52-वीक लो ₹751.05 रहा है।

कंपनी शेयर बाजार में 2009 में हुई थी लिस्ट

कंपनी सितंबर 2009 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसके लिस्टेड कॉम्पिटीटर्स में United Spirits और Allied Blenders and Distillers जैसे बड़े नाम शामिल हैं। शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो सितंबर 2025 के अंत तक प्रमोटर्स के पास कंपनी की 50.76% हिस्सेदारी थी। पूरे वित्त वर्ष 2025 में Globus Spirits ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹3517.50 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24.97 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स को खुश करते हुए वित्त वर्ष 2025 के लिए ₹2.76 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी दिया था जिसकी रिकॉर्ड डेट 11 अगस्त 2025 थी।

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मुकेश अंबानी का अगला मास्टरस्ट्रोक! रिलायंस जियो IPO से मचेगा तहलका

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक दे सकता है। मुकेश अंबानी ने AGM में जून 2026 तक लिस्टिंग के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। ग्रे मार्केट में अभी से जियो IPO को लेकर जबरदस्त हलचल देखी जा रही है।

Ambani
जल्द आएगा अंबानी कंपनी का आईपीओ
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userअसमीना
calendar11 Jan 2026 11:46 AM
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भारत के शेयर बाजार में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी में है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जून 2026 तक जियो शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। खास बात यह है कि यह IPO न सिर्फ रिलायंस ग्रुप के लिए बल्कि पूरे भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।

जोरों पर जियो IPO की तैयारियां

रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में खुद चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस बात की पुष्टि की थी कि जियो IPO की तैयारियां जोरों पर हैं। कंपनी का लक्ष्य कैलेंडर ईयर 2026 की पहली छमाही में लिस्टिंग का है बशर्ते सभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां समय पर मिल जाएं। निवेश बैंकों के अनुमान के मुताबिक, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से लेकर 170 अरब डॉलर तक हो सकता है।

बनेगा भारत सबसे बड़ा IPO!

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो IPO के जरिए अपनी करीब 2.5% हिस्सेदारी बेच सकती है। इस हिस्सेदारी बिक्री से लगभग 4 अरब डॉलर जुटाए जाने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 3.3 अरब डॉलर का IPO सबसे बड़ा माना गया था जिसे जियो आसानी से पीछे छोड़ सकता है।

निवेशकों के बीच उत्साह

दिलचस्प बात यह है कि जियो IPO को लेकर निवेशकों के बीच उत्साह अभी से दिखने लगा है। बिगुल के मुताबिक, रिलायंस जियो IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इस समय करीब 93 रुपये प्रति शेयर चल रहा है। यानी DRHP दाखिल होने से पहले ही इसके शेयर ग्रे मार्केट में खरीदे-बेचे जा रहे हैं जो मजबूत डिमांड का संकेत माना जाता है।

निवेशकों को मिलती है 15% से 20% तक की छूट

अब अगर बात करें संभावित प्राइस बैंड की तो मिंट की एक रिपोर्ट में बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि अगर जियो का वैल्यूएशन 130 से 170 अरब डॉलर के बीच तय होता है और रिटेल निवेशकों को 15% से 20% तक की छूट मिलती है तो रिटेल निवेशकों के लिए शेयर की कीमत लगभग 1,048 रुपये से 1,457 रुपये प्रति शेयर के दायरे में हो सकती है। हालांकि, अंतिम कीमत कंपनी द्वारा तय किए गए वैल्यूएशन पर निर्भर करेगी।

जुटाए जा सकते हैं 4.5 अरब डॉलर

वैल्यूएशन को लेकर अलग-अलग निवेश बैंकों के अलग-अलग अनुमान हैं। जेफरीज ने नवंबर 2025 में रिलायंस जियो का वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर आंका था। इस हिसाब से अगर 2.5% हिस्सेदारी बेची जाती है तो करीब 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। वहीं, कई दूसरे निवेश बैंकों का मानना है कि जियो का वैल्यूएशन थोड़ा कम, यानी 130 से 170 अरब डॉलर के बीच रह सकता है।

दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी

जियो की लिस्टिंग का असर सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि इसके बाद भारत के IPO बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। LSEG के आंकड़ों के मुताबिक, 18 दिसंबर तक 21.6 अरब डॉलर जुटाकर भारत 2025 में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी बाजार बन चुका है। ऐसे में रिलायंस जियो IPO इस रफ्तार को और मजबूती दे सकता है।

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