रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक दे सकता है। मुकेश अंबानी ने AGM में जून 2026 तक लिस्टिंग के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। ग्रे मार्केट में अभी से जियो IPO को लेकर जबरदस्त हलचल देखी जा रही है।

भारत के शेयर बाजार में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी में है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जून 2026 तक जियो शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। खास बात यह है कि यह IPO न सिर्फ रिलायंस ग्रुप के लिए बल्कि पूरे भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में खुद चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस बात की पुष्टि की थी कि जियो IPO की तैयारियां जोरों पर हैं। कंपनी का लक्ष्य कैलेंडर ईयर 2026 की पहली छमाही में लिस्टिंग का है बशर्ते सभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां समय पर मिल जाएं। निवेश बैंकों के अनुमान के मुताबिक, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से लेकर 170 अरब डॉलर तक हो सकता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो IPO के जरिए अपनी करीब 2.5% हिस्सेदारी बेच सकती है। इस हिस्सेदारी बिक्री से लगभग 4 अरब डॉलर जुटाए जाने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 3.3 अरब डॉलर का IPO सबसे बड़ा माना गया था जिसे जियो आसानी से पीछे छोड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि जियो IPO को लेकर निवेशकों के बीच उत्साह अभी से दिखने लगा है। बिगुल के मुताबिक, रिलायंस जियो IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इस समय करीब 93 रुपये प्रति शेयर चल रहा है। यानी DRHP दाखिल होने से पहले ही इसके शेयर ग्रे मार्केट में खरीदे-बेचे जा रहे हैं जो मजबूत डिमांड का संकेत माना जाता है।
अब अगर बात करें संभावित प्राइस बैंड की तो मिंट की एक रिपोर्ट में बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि अगर जियो का वैल्यूएशन 130 से 170 अरब डॉलर के बीच तय होता है और रिटेल निवेशकों को 15% से 20% तक की छूट मिलती है तो रिटेल निवेशकों के लिए शेयर की कीमत लगभग 1,048 रुपये से 1,457 रुपये प्रति शेयर के दायरे में हो सकती है। हालांकि, अंतिम कीमत कंपनी द्वारा तय किए गए वैल्यूएशन पर निर्भर करेगी।
वैल्यूएशन को लेकर अलग-अलग निवेश बैंकों के अलग-अलग अनुमान हैं। जेफरीज ने नवंबर 2025 में रिलायंस जियो का वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर आंका था। इस हिसाब से अगर 2.5% हिस्सेदारी बेची जाती है तो करीब 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। वहीं, कई दूसरे निवेश बैंकों का मानना है कि जियो का वैल्यूएशन थोड़ा कम, यानी 130 से 170 अरब डॉलर के बीच रह सकता है।
जियो की लिस्टिंग का असर सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि इसके बाद भारत के IPO बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। LSEG के आंकड़ों के मुताबिक, 18 दिसंबर तक 21.6 अरब डॉलर जुटाकर भारत 2025 में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी बाजार बन चुका है। ऐसे में रिलायंस जियो IPO इस रफ्तार को और मजबूती दे सकता है।