Sensex Update: बैंकिंग स्टाॅक से बढ़ी शेयर बाज़ार में तेजी
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 11:32 AM
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 11:32 AM
नई दिल्ली :शेयर बाजार में शुरुआत के समय काफी तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी में ताजा आकड़ों के मुताबिक मंगलवार को बेहतरीन शुरुआत हुई थी। सेंसेक्स में काफी तेजी से उछाल आया। जारी हुए आंकड़ो के मुताबिक सेंसेक्स 58,482.62 पर शुरु हो गया। वहीं बैंकिंग शेयरों में अच्छा कारोबार हो रहा है। देश में मौजूदा लगभग सभी तरह के बैंकिंग स्टाॅक आधी फीसदी से 1 फीसदी तक ऊपर पहुँच गए। वहीं निफ्टी इंडेक्स से भी 50 अंक से ज्यादा ऊपर तक चला गया। जानकारी के मुताबिक शुरुआती उछाल के दौरान 17409 अंक ऊपर कारोबार करना शुरु किया था।
हालांकि इससे पहले सोमवार को शेयर मा्र्केट में काफी गिरावट और बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों कम नुकसान पर बंद हो गए थे। सूचकांक की माने तो मजबूत हिस्सेदारी में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) में गिरावट का प्रभाव बाजार पर देखा गया। कंपनी के सस्ता स्मार्टफोन की लाँन्चिंग में देरी आने से शेयर में काफी गिरावट हुई।
देश में मौजूद 30 शेयरों पर आधारित रहने वाले बीएसई सेंसेक्स 127.31 अंक यानी 0.22 प्रतिशत टूटकर 58,177.76 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 13.95 अंक यानी 0.08 प्रतिशत फिसलकर 17,355.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में 2.22 की गिरावट आने के बाद सबसे अधिक नुकसान में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर हो गया है। कंपनी ने गूगल से हाथ मिलाकर विकसित होने वाले स्मार्टफोन को पेश किए जाने वाला कार्यक्रम दीवाली के समय तक टाल चुके हैं जिससे कंपनी के शेयर में गिरावट आई थी। सेमीकंडक्टर की समस्या की वजह से यह कदम उठाया का फैसला लिया गया था। जियो फोन नेक्स्ट को पिछले हफ्ते 10 सितंबर को पेश करने की योजना बनाई गई थी।
इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक और टेक महिंद्रा में भी 1.79 प्रतिशत तक की गिरावट हुई थी।
दूसरी तरफ देखा जाएव तो, फायदे में रहने वाले शेयरों में टीसीएस, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, मारुति और कोटक बैंक शामिल हो चुका है । इनमें 1.38 प्रतिशत की तेजी हुई थी। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 शेयरों में काफी तेजी आई थी।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि, ‘‘मुद्रास्फीति आंकड़ा आने के पहले ही उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में भारतीय शेयर बाजार नुकसान में रहे थे। बेहतर संकेत के बावजूद, वैश्विक बाजार एशियाई बाजारों को गति देने में सफलता नहीं मिली है।"