BPL और केल्विनटर का बाजार में कमबैक, ग्लोबल ब्रांड्स को देंगे टक्कर?

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईशा अंबानी के नेतृत्व में कैंपा-कोला, बीपीएल और केल्विनटर जैसे पुराने भारतीय ब्रांडों को नए जमाने की रणनीति के साथ दोबारा लॉन्च किया है। कम कीमत, मजबूत रिटेल नेटवर्क और नॉस्टैल्जिया मार्केटिंग के जरिए रिलायंस FMCG और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

ISHA AMBANI
Isha Ambani Business Strategy
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Jan 2026 05:09 PM
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भारत के कंज्यूमर मार्केट में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर ग्लोबल ब्रांड्स प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस कर रहे हैं वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज ‘ओल्ड इज गोल्ड’ की सोच को नए जमाने के बिजनेस मॉडल में बदल रही है। कैंपा-कोला, बीपीएल, केल्विनटर और वेलवेट जैसे पुराने भारतीय ब्रांड्स को दोबारा लॉन्च कर रिलायंस न सिर्फ लोगों की पुरानी यादों को ताजा कर रही है बल्कि कम कीमत, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन और बड़े पैमाने पर निवेश के दम पर बाजार में बड़ी हलचल भी मचा रही है।

क्यों काम कर रहा है ‘रेट्रो फॉर्मूला’?

भारतीय उपभोक्ता भावनाओं से जुड़ा हुआ है। बचपन में देखे या इस्तेमाल किए गए ब्रांड्स आज भी भरोसे का एहसास कराते हैं। रिलायंस इसी भावनात्मक जुड़ाव को आधुनिक पैकेजिंग, बेहतर सप्लाई चेन और आक्रामक प्राइसिंग के साथ जोड़ रही है। नतीजा यह है कि उपभोक्ताओं को कम दाम में जाना-पहचाना नाम मिल रहा है।

एफएमसीजी में तेज रफ्तार

रिलायंस का फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) बिजनेस इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। वित्त वर्ष 2024 में जहां इस सेगमेंट की बिक्री करीब 3,000 करोड़ रुपये थी वहीं अगले ही साल यह बढ़कर लगभग 11,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। जुलाई से सितंबर 2026 की एक ही तिमाही में 5,400 करोड़ रुपये की बिक्री इस बात का सबूत है कि उपभोक्ता इन ब्रांड्स को हाथों-हाथ ले रहे हैं।

सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक नहीं पूरा कंज्यूमर इकोसिस्टम

रिलायंस ने अपनी रणनीति को केवल कैंपा तक सीमित नहीं रखा। कन्फेक्शनरी में रावलगांव, पर्सनल केयर में वेलवेट और अब इलेक्ट्रॉनिक्स में बीपीएल व केल्विनटर की वापसी इसी सोच का हिस्सा है। टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे प्रोडक्ट्स में रिलायंस वही फॉर्मूला लागू कर रहा है। FMCG के मुकाबले इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। एलजी, सैमसंग और सोनी जैसी कंपनियां दो दशकों से भारतीय बाजार में जमी हुई हैं। सवाल यह है कि क्या 20-30 साल का युवा कंज्यूमर बीपीएल टीवी या केल्विनटर फ्रिज को चुन पाएगा? विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ सस्ती कीमत काफी नहीं होगी। ब्रांड को भरोसा, क्वालिटी और आधुनिक डिजाइन के साथ पेश करना होगा।

रिलायंस की सबसे बड़ी ताकत

रिलायंस के पास दो ऐसे हथियार हैं जो किसी भी प्रतिस्पर्धी को परेशान कर सकते हैं मजबूत बैलेंस शीट और विशाल रिटेल नेटवर्क। थर्ड आईसाइट के CEO देवांगशु दत्ता के अनुसार, रिलायंस जिस भी सेक्टर में उतरती है वहां लीडर बनने की कोशिश करती है। कंपनी नुकसान सहकर भी लंबे समय तक निवेश कर सकती है जब तक कि स्केल और मुनाफा दोनों हासिल न हो जाएं।

टियर-2 और टियर-3 शहरों पर बड़ा दांव

जहां ग्लोबल ब्रांड प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस करते हैं वहीं रिलायंस की नजर छोटे शहरों पर है। भारत में अब भी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और AC की पैठ कम है जिससे ग्रोथ की जबरदस्त संभावनाएं मौजूद हैं। ई-कॉमर्स, रीजनल रिटेल चेन और लोकल आउटलेट्स के जरिए रिलायंस तेजी से विस्तार की तैयारी में है।

FMCG में 1 लाख करोड़ का सपना

ईशा अंबानी ने AGM में साफ किया कि रिलायंस का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में FMCG रेवेन्यू को 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। कंपनी 30 लाख आउटलेट तक डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने, 40,000 करोड़ रुपये के फूड पार्क और भारी मैन्युफैक्चरिंग निवेश की योजना पर काम कर रही है। कैंपा-कोला की दो अंकों की बाजार हिस्सेदारी ने कोका-कोला और पेप्सिको जैसे दिग्गजों को सीधी चुनौती दी है।

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होले-होले बहरूपिए तक पहुंच रही आपकी प्राइवेसी, जल्दी बंद करें ये सेटिंग

Gmail के Smart Features और AI टूल्स आपके निजी ईमेल और अटैचमेंट्स तक एक्सेस कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आसान स्टेप‑बाय‑स्टेप तरीके से बताएंगे कि कैसे इन फीचर्स को बंद करके आप अपनी प्राइवेसी सुरक्षित रख सकते हैं।

Gmail
Gmail Smart Features
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Jan 2026 03:15 PM
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आज के डिजिटल युग में प्राइवेसी की चिंता हर यूजर को होती है। खासकर Gmail जैसे प्लेटफॉर्म पर जहां हम अपने निजी ईमेल और महत्वपूर्ण अटैचमेंट्स भेजते हैं। हाल ही में टेक एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि Gmail के कुछ स्मार्ट फीचर्स और AI आधारित टूल्स आपके ईमेल डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। हालांकि Google इन आरोपों से इनकार करता है लेकिन कई साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ मानते हैं कि यूजर्स को अपनी प्राइवेसी खुद सुनिश्चित करनी चाहिए।

Gmail AI फीचर्स और प्राइवेसी का मसला

Gmail में Smart Features और Workspace Smart Features ऐसे टूल हैं जो Ask Gemini, कंटेंट समरी, स्मार्ट सजेशन और Google Assistant जैसे फीचर्स को सपोर्ट करते हैं। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये फीचर्स आपके इनबॉक्स डेटा पर काफी हद तक निर्भर करते हैं। इसका मतलब है कि यदि ये ऑन हैं तो आपके निजी ईमेल और अटैचमेंट्स AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए एक्सेस हो सकते हैं।

कौन से फीचर्स हैं चिंता की वजह?

1. Smart Features in Gmail- यह फीचर आपके ईमेल और चैट के डेटा का इस्तेमाल करके बेहतर सुझाव और ऑटोमेटिक रिस्पांस देता है।

2. Workspace Smart Features- Google Workspace से जुड़े टूल्स में यह फीचर AI आधारित टूल्स को सपोर्ट करता है और इनबॉक्स डेटा तक एक्सेस रखता है।

इन दोनों फीचर्स की वजह से AI मॉडल आपके डेटा को उपयोग कर सकता है जिससे प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है।

Gmail में Smart Features कैसे बंद करें?

अगर आप चाहते हैं कि आपका डेटा AI मॉडल तक न पहुंचे तो नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:

1. डेस्कटॉप/लैपटॉप पर Gmail खोलें।

2. ऊपरी दाईं तरफ ‘Settings’ में जाकर ‘See all settings’ क्लिक करें।

3. Smart Features सेक्शन में जाएं।

4. ‘Turn on smart features in Gmail, Chat, and Meet’ का चेकबॉक्स अनचेक करें।

5. इसके बाद ‘Manage Workspace smart feature settings’ पर क्लिक करें।

6. Google Products और Google Workspace से जुड़े सभी स्मार्ट फीचर्स बंद करें।

इन स्टेप्स को फॉलो करने के बाद Gmail का AI एक्सेस आपके डेटा तक पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

AI टूल्स जरूरत से ज्यादा इनवेसिव

Google ने साफ कहा है कि Gmail डेटा का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए नहीं किया जाता। कंपनी के अनुसार, यूजर डेटा केवल फीचर फंक्शन और प्रोसेसिंग के लिए उपयोग होता है। फिर भी कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि Gemini जैसे AI टूल्स जरूरत से ज्यादा इनवेसिव हैं और जटिल सेटिंग्स आम यूजर्स के लिए भ्रम पैदा कर सकती हैं।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को लगी बड़ी चपत

साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज कंपनी के शेयर खरीदने वालों को भी मोटा घाटा उठाना पड़ा है। एक ही दिन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को बड़ा घाटा होने से एक दूसरे पूंजीपति के मजे आ गए हैं।

मुकेश अंबानी की कंपनी को बड़ा झटका
मुकेश अंबानी की कंपनी को बड़ा झटका, RIL शेयर डाउन
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar07 Jan 2026 02:09 PM
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Mukesh Ambani : भारत की प्रसिद्ध कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को बहुत बड़ी चपत लगी है। मुकेश अंबानी को 10-20 करोड़ रूपए नहीं बल्कि एक लाख करोड़ रूपए की चपट लगी है। साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज कंपनी के शेयर खरीदने वालों को भी मोटा घाटा उठाना पड़ा है। एक ही दिन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को बड़ा घाटा होने से एक दूसरे पूंजीपति के मजे आ गए हैं।

क्या है मुकेश अंबानी को लगी चपत का पूरा मामला

यह पूरा मामला शेयर मार्केट से जुड़ा हुआ है। दरअसल मंगलवार को मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर चार प्रतिशत से भी अधिक गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट से मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज  का मार्केट कैप में एक लाख करोड़ रूपए की कमी आ गई। मार्केट कैप में कमी आ जाने के कारण मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की नेटवर्थ पूरी तरह से लुढक़ गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की नेटवर्थ लुढकने के कारण अब मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 103 अरब डॉलर पर आ गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की नेटवर्थ लुढक़ने से मुकेश अंबानी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में नीचे खिसक कर 18वें नम्बर पर आ गए हैं। 

गौतम अडानी को भी लगा बड़ा झटका

शेयर मार्केट में चल रही बड़ी उथल-पुथल के कारण अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी को भी बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बीच अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप 20 से बाहर हो गए हैं। मंगलवार को उनकी नेटवर्थ में 313 मिलियन डॉलर की गिरावट आई। वह 85.4 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ 21वें नंबर पर खिसक गए हैं। अमेरिका के थॉमस पीटरफी (87 अरब डॉलर) अब उनसे आगे निकल गए हैं। एलन मस्क इस लिस्ट में पहले नंबर पर जमे हुए हैं। हालांकि मंगलवार को उनकी नेटवर्थ 13.4 अरब डॉलर गिरकर 630 अरब डॉलर रह गई। गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज 270 अरब डॉलर के साथ इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर बने हुए हैं।

दुनिया के टॉप-10 अमीरों में एक भी भारतीय नहीं

इस बीच भारत के लिए एक और बुरी खबर आई है। दुनिया के टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में अब एक भी भारतीय अमीर का नाम शामिल नहीं रहा है। दुनिया भर के अमीरों की बात करें तो ऐमजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस की नेटवर्थ में मंगलवार को 7.18 अरब डॉलर की तेजी आई। वह 262 अरब डॉलर की तेजी के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन ($251 अरब) चौथे, ओरेकल के फाउंडर लैरी एलिसन ($246 अरब) पांचवें, फेसबुक के मार्क जकरबर्ग ($233 अरब) छठे, बर्नार्ड आरनॉल्ट ($207 अरब) सातवें, माइक्रोसॉफ्ट के स्टीव बालमर ($167 अरब) आठवें, एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग ($155 अरब) नौवें और दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे ($150 अरब) दसवें नंबर पर हैं। Mukesh Ambani


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