International Trade Fair : मुख्य सचिव ने ट्रेड फेयर में यूपी पवेलियन का किया शुभारंभ

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Chief Secretary inspected the stall of Noida-Greno Authority
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calendar01 Dec 2025 01:21 AM
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International Trade Fair  नोएडा/ग्रेटर नोएडा। दिल्ली के प्रगति मैदान में सोमवार से शुरू हुए विश्व व्यापार मेले में नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी उत्तर प्रदेश पवेलियन में अपना स्टॉल लगाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद, डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज (यूपी) मयूर माहेश्वरी, नोएडा- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी व यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह की मौजूदगी में यूपी पवेलियन का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने नोएडा- ग्रेटर नोएडा के स्टॉल का जायजा लिया। नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने दोनों स्टॉल पर प्रदर्शित परियोजनाओं के बारे में मुख्य सचिव को जानकारी दी।

International Trade Fair :

दो हफ्ते तक चलने वाले इस ट्रेड फेयर में लगे स्टाल में प्राधिकरण ने नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा की सभी बड़ी परियोजनाएं प्रदर्शित की गई हैं। नोएडा प्राधिकरण द्वारा अपने स्टॉल में स्वच्छता के लिए किए गए प्रयासों को भी प्रदर्शित किया है। इसके अतिरिक्त नोएडा प्राधिकरण ने अपने स्टॉल में औद्योगिक प्रगति, निवेश व आवंटन की ताजा स्थिति को दिखाया है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा के स्टॉल पर गंगाजल, वन मैप ग्रेटर नोएडा, मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक हब, डाटा सेंटर, स्मार्ट एलईडी लाइट, आईआईटीजीएनएल की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब आदि परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्रदर्शित की गई है। नोएडा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से निवेशकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण डेस्क बनाये गये हैं। मुख्य सचिव ने अपने निरीक्षण के दौरान इसे चला कर भी देखा। इसमें दोनों प्राधिकरणों के अंतर्गत उपलब्ध लैंड बैंक का भी ब्योरा दिया गया है। निवेशक रजिस्ट्रेशन डेस्क के जरिए अपना ब्योरा दे सकते हैं, जिससे कि आगामी योजनाओं में दोनों प्राधिकरण इन निवेशकों से संपर्क कर जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। दोनों प्राधिकरण की तरफ से स्टॉल में स्क्रीन भी लगाई गई है, जिसके जरिए दोनों प्राधिकरणों की अब तक की उपलब्धियों, इंफ्रास्ट्रक्चर व भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। मुख्य सचिव ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों और निवेशकों से आगामी 10 से 12 फरवरी के बीच प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट में निवेशकों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। वहीं, दोनों प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने मुख्य सचिव को बताया कि ग्रेटर नोएडा वर्तमान में औद्योगिक निवेश का केंद्र तो है ही, अब डाटा सेंटर का भी हब बनकर उभर रहा है। देश-विदेश की तमाम बड़ी कंपनियां नोएडा ग्रेटर नोएडा में निवेश करने को इच्छुक हैं। उनके लिए लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने दोनों प्राधिकरण से उपलब्ध लैंड बैंक को ऑनलाइन पर काम पर प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए। ग्रेटर नोएडा के स्टॉल पर ‘आई लव ग्रेटर नोएडा’ का सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जहां आगंतुक अपनी सेल्फी भी ले सकते हैं।
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World Diabetes Day : डायबिटिक रेटिनोपैथी से आंखों को गंभीर खतरा

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Diabetic retinopathy is a serious threat to the eyes
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calendar15 Nov 2022 04:39 PM
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World Diabetes Day : नोएडा। लगभग 10-12 साल तक अनियंत्रित किस्म के डायबिटीज से पीड़ित 3 में से एक मरीज डायबिटिक रेटोनोपैथी का शिकार हो जाता है। अगर समय पर इसका उपचार ना किया जाए तो मरीज की आंखों को गहरी क्षति हो सकती है और वो हमेशा के लिए देखने की क्षमता तक गंवा सकता है। भारत में मोतियाबिंद और ग्लूकोमा के बाद नेत्रहीनता का तीसरा सबसे बड़ा कारण है डायबिटिक रेटोनोपैथी। ज्यादातर भारतीयों को इस बात का अंदाजा तक नहीं है कि डायबिटीज से किसी तरह से उनकी आंखें भी क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। इस बारे में बात करते हुए नोएडा स्थित आईकेयर आई हॉस्पिटल के डॉ. सौरभ चौधरी ने कहा कि लोगों को इस संबंध में जागृत करने और उनकी धारणाओं को बदले जाने की सख्त आवश्यकता है।

World Diabetes Day:

हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. सौरभ चौधरी कहते हैं कि हाल ही में किये गये एक सर्वे के मुताबिक 63 फीसदी लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि डायबिटीज के चलते उनकी देखने की क्षमता को गहरा नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं, भारत में 93 प्रतिशत लोग तभी किसी ऑप्थलमॉलॉजिस्ट या नेत्र विशेषज्ञ के पास जाते हैं, जब उन्हें आंखों से संबंधित किसी तरह की कोई समस्या होती है, मगर तब तक आंखों को गहरी क्षति हो चुकी होती है और फिर ऐसे में मरीजों का इलाज कर उन्हें ठीक करना बहुत मुश्किल साबित होता है। नियमित रूप से आंखों के परीक्षण के चलते डायबिटीज से प्रभावित होने वाली आंखों की वस्तु स्थिति बारे में पहले ही पता लगाना संभव होता है। फिर भले ही मरीज को किसी तरह के लक्षण हो या ना हों। डॉ. चौधरी कहते हैं कि डायबिटिक रेटोनोपैथी के मरीजों को ड्राइविंग, पठन-पाठन और अन्य तरह के काम करने के दौरान देखने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जांच के जरिए पहले ही बीमारी का पता लगा लेने, शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने और लेसर ट्रीटमेंट के जरिए मरीजों की देखने की क्षमता को उम्रभर के लिए सुरक्षित किया जा सकता है। यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग के ज्यादातर मरीज ना तो आंखों का परीक्षण कराते हैं और ना ही डायबिटीज संबंधी जांच कराने में वो कोई रूचि लेते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग इलाज के लिए अस्पताल में तब पहुंचते हैं, जब उनकी बीमारी बेहद एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है। ऐसे में मरीजों का इलाज करना किसी भी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता है। दुनियाभर के 95 मिलियन यानि 9.5 करोड़ व्यस्क डायबिटिक रेटिनोपैथी से पीड़ित हैं। इनमें से 80 फीसदी लोगों को ठीक से दिखाई नहीं देने के कारण ड्राइविंग, पठन-पाठन अथवा किसी अन्य तरह का काम के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। डायबिटिक रेटिनोपैथी के अलावा डायबिटीज की वजह से आंखों में शुष्कता और मोतियाबिंद होने के आसार भी बढ़ जाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों को 50-55 साल की उम्र में मोतियाबिंद होने की आशंका रहती है। जबकि बिना डायबिटीज वाले लोगों को इसके 10 साल बाद ही मोतियाबंद होने की आशंका रहती है।

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Delhi Traffic Alert: 27 नवंबर तक बंद रहेंगी दिल्ली ये सड़कें, जानें वजह

Delhi traffic
Delhi Traffic Alert
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calendar01 Dec 2025 09:39 PM
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Delhi Traffic Alert: देश की राजधानी दिल्ली में आज से अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला शुरु होने जा रहा है। इसी के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक को लेकर सूचना जारी की है। इस सूचना के अनुसार दिल्ली की कुछ सड़कें 27 नवंबर तक बंद रहेगी। इस यातायात सूचना में कहा गया है कि मथुरा रोड, भैरों मार्ग, रिंग रोड, शेरशाह रोड और पुराना किला रोड पर यातायात की समस्या हो सकती है। व्यापारी आगंतुकों के लिए 14 से 27 नवंबर तक मेले में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

Delhi Traffic Alert

जानकारी के अनुसार, आम लोगों को 19 से 27 नवंबर तक मेले में जाने की अनुमति होगी। यातायात पुलिस ने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर रविवार को ट्वीट किया आगंतुकों का प्रवेश द्वार संख्या 5-ए और 5-बी से नहीं होगा। वे द्वार संख्या 01, 04, 10, 11 और शिल्प संग्रहालय द्वार से प्रवेश करेंगे। मीडियाकर्मियों के लिए प्रवेश द्वार संख्या 4 और 10 से होगा। आईटीपीओ अधिकारी द्वार संख्या 4 और 10 से प्रवेश कर सकेंगे। शाम 6 बजे के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

ट्रैफिक एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रगति मैदान पर टिकटों की बिक्री नहीं होगी। टिकटों की बिक्री ऑनलाइन और चुनिंदा मेट्रो स्टेशन पर होगी। चालक चालित वाहन और टैक्सियों के लिए रुकने की जगह गेट संख्या 4 के सामने होगी। मथुरा रोड़ और भैरों मार्ग पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। आगंतुकों को शेरशाह रोड, पुराना किला रोड, भगवान दास रोड और तिलक मार्ग पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। पार्क किए गए वाहनों को उठा लिया जाएगा और नेशनल स्टेडियम में ले जा कर खड़ा कर दिया जाएगा।

इसके अलावा मथुरा रोड से भगवान दास रोड और सुब्रमण्यम भारती मार्ग के लिए दाहिने मुड़ने की अनुमति नहीं होगी। यातायात परामर्श में यात्रियों को डब्ल्यू-प्वाइंट से मथुरा रोड-सुब्रमण्यम भारती मार्ग क्रॉसिंग तक भैरों, पुराना किला रोड, शेरशाह रोड-मथुरा रोड से बचने के लिए कहा गया है।

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