Thursday, 18 April 2024

दो मंजिला मकान गिरने से तीन पशु मलबे के नीचे दबे, गौवंश की मौत

जेवर (चेतना मंच)। दो दिन से लगातार हो रही तेज बारिश के चलते गांव कर्रोल में दो मंजिला मकान भरभराकर…

दो मंजिला मकान गिरने से तीन पशु मलबे के नीचे दबे, गौवंश की मौत

जेवर (चेतना मंच)। दो दिन से लगातार हो रही तेज बारिश के चलते गांव कर्रोल में दो मंजिला मकान भरभराकर जमीन पर गिर गया जिसमें दो भैस व एक गौवंश दब गये परिजनों की चीखपुकार के बाद घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने दबे हुए तीनों पशुओं को बडी मशक्कत के बाद मलबे से निकाला गया जहां गौवंश ने दम तोड और परिजनों की जान जान बाल बची। गांव कर्रोल निवासी अनिल मीणा (32 वर्ष) ने बताया की बारिस में गिरे मकान में पांच परिवार रहते है जिसमें चार भाई शादीशुदा व एक अविवाहित है। घटना के दौरान मकान में माता जुगेन्द्री देवी अपने पुत्र अनिल (30 वर्ष), रहीशपाल उर्फ  पप्पू (28 वर्ष), बौबी (22 वर्ष), ग्रीश (18 वर्ष) व पुत्रवधु संतोष देवी, राजकुमारी देवी, अनिता देवी, रचना देवी के अलावा मासूम बच्चे मकान में मौजूद थे। वारदात के दौरान बडा बेटा खेत से पशुओं के लिये चारा लेने गया था जबकि छोटा बेटा नरेन्द्र कम्पनी में ग्रेटर नोएडा में था दो मंजिला पक्के मकान का आगे का हिस्सा गिरने से जहां तीन पशु दब गये और एक गौंवंश की मौत हो गयी।

ग्रामीणों की मदद से मलबे बडी मशक्कत के बाद तीनों पशुओं को निकाला गया जहां दोनो भैस मलबे के नीचे दबने से बुरी तरह से घायल हो गयी घटना को भांपते हुए परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से मकान को खाली कर अपना घरेलु सामान पडोसियों के मकान में सिफ्ट कर दिया ।

मात्र दस वर्ष पुराना था मकान
पीडित किसान अनिल मीणा ने बताया की उक्त मकान मात्र दस साल पुराना था जिसको सभी भाईयों के सहयोग से मजदूरी के एकत्र किये गये रूपये से बनवाया था जिसमें पांच परिवार के सदस्य साथ रहते थे मकान के गिरने से परिजनों के सामने भारी संकट पैदा हो गया है मकान का दुसरा हिस्सा कभी भी गिर सकता है ।

मकान का पीछे का हिस्सा गिरता तो होती गंभीर घटना
परिजनों व ग्रामीणों की माने तो बारिस के कहर से भरभराकर गिरा दो मंजिला मकान का अगर पीछे का हिस्सा गिरता तो परिवार में बडा हादसा हो सकता था घटना के दौरान परिवार के सभी सदस्य मकान में मौजूद थे मकान गिरने के बाद से परिवार के सदस्य भयभीत है पुरानी कहावत है जिसको राखें साईयां मार सके ने कोय यह कहानी इस परिवार पर सही साबित हुई है ।

तहसीलदार ने लेखपाल को घटनास्थल पर भेजा
तहसीलदार विनय प्रताप सिंह भदौरिया ने हल्के के लेखपाल जितेन्द्र भाटी को तत्काल घटनास्थल पर भेजकर जांच रिर्पोट मांगी है जिससे पीडित परिवार की आर्थिक मदद शासन स्तर से करायी जा सके।

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