Saturday, 18 May 2024

UP में विपक्ष के नेताओं को BJP में शामिल करने की रणनीति तैयार, पढ़े पूरी खबर

भारतीय जनता पार्टी 2022 UP चुनाव में विपक्षी दलों मेँ नज़रअंदाज़ किए गए नेताओं को अपने साथ ले आई थी…

UP में विपक्ष के नेताओं को BJP में  शामिल करने की रणनीति तैयार, पढ़े पूरी खबर

भारतीय जनता पार्टी 2022 UP चुनाव में विपक्षी दलों मेँ नज़रअंदाज़ किए गए नेताओं को अपने साथ ले आई थी . भाजपा को विपक्षी दलों  के नेताओं  को बीजेपी में  शामिल करने में माहिर माना जाता है . भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अपनी 2022 की रणनीति को दोहराने का निर्णय लिया है. इस रणनीति के अनुसार, भाजपा ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party), बहुजन समाज पार्टी (BSP),  राष्ट्रिय लोक दल(RLD), और कांग्रेस में हासिये पर किए गए नेताओं में पार्टी का प्रभाव बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. आपको बता दें की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जिला और प्रदेश स्तर पर प्रभावशाली नेताओं की लिस्ट तैयार की है ताकि विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई जा  सके.

UP 2022 चुनाव में इस रणनीति से कई नेता BJP में शामिल

भारतीय जनता पार्टी ने 2022 में विपक्षी दलों से जुड़े हुए नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने की की रणनीति बनाई थी. इसी प्लान के तहत अपर्णा यादव, राकेश सचान जैसे विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को भाजपा में शामिल किया गया था. राकेश सचान को  बीजेपी की टिकट से चुनाव भी  लड़ाया गया और उन्हें बाद में मंत्रिमंडल में भी शामिल किआ गया था .

साइड लाइन किए गए बीजेपी के लिए सहायक

भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर लोकसभा चुनाव से पहले सभी 80 लोकसभा सीटों पर अन्य दलों के साइड लाइन नेताओं की सूची बनाने में  लगी है . इन नेताओं का खुद के क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है और यदि ये भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो पार्टी को फायदा हो सकता है. आपको बात दें कि  भाजपा इन सभी लोगों को अपने साथ लाना चाहती है ताकि वे 2024 के चुनाव में पार्टी के लिए सहायक हों.

जिलाअध्यक्ष इन नेताओं की लिस्ट बनाएंगे

भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री धर्मपाल सिंह ने एक समिति के प्रस्ताव पर सहमति जताई है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि अन्य दलों में मजबूत नेता जो साइड लाइन किए गए हैं उनको भाजपा में शामिल किया जाना चाहिए. पिछले कुछ दिनों पहले प्रदेश स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसके प्रस्ताव को प्रदेश के मुख्य नेताओं ने स्वीकार किया है. वहीं जिलाध्यक्षों को इन नेताओं की सूची तैयार करने का कार्यभार दिया गया .

 

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