आतिशी वीडियो केस में नया मोड़, FSL जांच ने खोली पोल

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर पंजाब पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

Forensic investigation revealed...
फॉरेंसिक जांच में खुलासा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Jan 2026 03:08 PM
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बता दें कि पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो गया है कि आतिशी ने अपने भाषण में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया था। सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो एडिटेड और डॉक्टर्ड था, जिसे धार्मिक भावनाएं भड़काने के उद्देश्य से फैलाया गया।

फॉरेंसिक जांच में सामने आई सच्चाई

पंजाब के जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, वायरल वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), पंजाब भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि वीडियो के ऑडियो के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी और ऐसे शब्द जोड़े गए, जिन्हें आतिशी ने कभी नहीं कहा।

कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट हुआ वीडियो

यह वीडियो दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) से पोस्ट किया गया था। वीडियो में कथित तौर पर आतिशी को गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक और ईशनिंदा वाली टिप्पणी करते हुए दिखाया गया, साथ ही बेहद भड़काऊ कैप्शन भी लगाए गए थे। वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई और बीजेपी के कई नेताओं ने आतिशी पर निशाना साधा।

जालंधर पुलिस में दर्ज हुई एफआईआर

इस मामले में इकबाल सिंह की शिकायत पर जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आतिशी का एडिटेड और डॉक्टर्ड वीडियो जानबूझकर अपलोड और सर्कुलेट किया गया, ताकि सामाजिक और धार्मिक तनाव पैदा किया जा सके।

जांच के बाद बढ़ी कार्रवाई

विवाद बढ़ने के बाद पंजाब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का कहना है कि वीडियो पूरी तरह से छेड़छाड़ किया हुआ है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे किन लोगों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, इस खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है और सोशल मीडिया पर फैलाए गए भ्रामक कंटेंट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।


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दिल्ली विधानसभा में सियासी घमासान, शिक्षा मंत्री ने आप पार्टी को घेरा

दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आप पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है।

Education Minister Ashish Sood & kejriwal
शिक्षा मंत्री आशीष सूद (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar09 Jan 2026 08:57 PM
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बता दें कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने विपक्ष पर जनता के बीच भ्रम और झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उपराज्यपाल के भाषण से साफ है कि वर्तमान सरकार अपने लक्ष्यों की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही है। मंत्री सूद ने विधानसभा में आप पार्टी नेता गोपाल राय की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रहा और बेवजह जनता को गुमराह करने का काम कर रहा है।

‘मेनिफेस्टो सिर्फ कागजों तक सीमित रहा’

बता दें कि आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में विधायक और ब्यूरोक्रेसी मिलकर ईमानदारी से दिल्ली में बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने आप पार्टी के 70 सूत्रीय एजेंडे पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज गिनाने के लिए सिर्फ 10 बिंदु बचे हैं, जिनमें भी यमुना की सफाई और प्रदूषण जैसे मुद्दे केवल कागजों तक सीमित रह गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार को अपने “शीशमहल” से बाहर निकलने की फुर्सत ही नहीं मिली, जिस कारण जनता से किए गए वादे जमीन पर नहीं उतर सके।

‘झूठ बोलने वालों को जनता ने सत्ता से किया बेदखल’

मंत्री सूद ने कहा कि आप पार्टी और अरविंद केजरीवाल झूठ बोलकर राजनीति करने में विश्वास रखते हैं। दिल्ली की जनता ने परेशान होकर ही उन्हें सत्ता से बाहर किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार द्वारा जनता से किए गए वादे धीरे-धीरे पूरे किए जा रहे हैं और सरकार पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर ठोस कदम उठाए गए हैं, लाइसेंसिंग की समय-सीमा घटाई गई है और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

‘आप पार्टी ने झुग्गी-झोपड़ी वालों को ठगा’

बता दें कि झुग्गी-झोपड़ी और बजट को लेकर भी मंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि आप पार्टी सरकार रात में बजट लाई और 12 बजे वह लैप्स हो गया, जिसमें एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। इसे उन्होंने अपने आप में रिकॉर्ड बताया। अटल कैंटीन का जिक्र करते हुए सूद ने कहा कि 25 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक 3.76 लाख से ज्यादा लोगों ने अटल कैंटीन में भोजन किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अटल कैंटीन का पौष्टिक भोजन “शीशमहल में खाने वालों” को शायद पच न पाए।

शिक्षा और सफाई व्यवस्था पर जोर

मंत्री आशीष सूद ने मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले अपने ही विधायक मुख्यमंत्री कार्यालय तक नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब व्यवस्था बदली है। शिक्षा और सफाई व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चे सरकार के लिए समान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान शिक्षक और सफाई कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण हड़ताल पर रहते थे। उन्होंने कहा कि अब नगर निगम और दिल्ली सरकार के बीच टकराव नहीं है और सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली 11 साल की सरकार ने कॉलेजों की मरम्मत तक पर ध्यान नहीं दिया।

‘हम सेवा के भाव से काम कर रहे हैं’

अपने बयान के अंत में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मौजूदा सरकार दिल्ली के रखवाले के रूप में सेवा भाव से काम कर रही है और राजधानी में वास्तविक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामला: तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने अहम कदम उठाते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर पुलिस से जवाब मांगा है।

Near Faiz-e-Ilahi Mosque
फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar09 Jan 2026 07:00 PM
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तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने अहम कदम उठाते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर पुलिस से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।

जमानत याचिका दाखिल करने वाले आरोपियों में अरीब, कैफ, काशिफ, अदनान और समीर शामिल हैं। कोर्ट ने जेल अधीक्षक को भी नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि आरोपियों के मेडिकल रिकॉर्ड और जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज अगली सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किए जाएं।

जेल में मारपीट का आरोप

आरोपियों के वकील ने अदालत में दावा किया कि सभी पांचों आरोपियों के साथ जेल के अंदर मारपीट की गई है। इसी को देखते हुए कोर्ट ने मेडिकल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज तलब करने का आदेश दिया है।

विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति

इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से पैरवी करने के लिए एडवोकेट अतुल श्रीवास्तव को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) नियुक्त किया गया है। वह फैज-ए-इलाही मस्जिद पत्थरबाजी मामले में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत पर फैसला सुरक्षित

इसके अलावा, तीस हजारी कोर्ट ने इस मामले में दोबारा गिरफ्तार किए गए 8 अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश और उकसावे से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का मामला

इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अफवाह फैलाने के मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने 10 सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर’ की पहचान की है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान फैज-ए-इलाही मस्जिद को तोड़े जाने की झूठी खबर फैलाई।

इनमें से एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, सोशल मीडिया निगरानी टीमों को एक वीडियो मिला था, जिसमें महिला ने दावा किया था कि अदालत के आदेश पर दिल्ली के रामलीला मैदान में स्थित मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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