जामिया मिलिया में फैकल्टी पर एसटी कर्मचारी का गंभीर आरोप

मीणा ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें अपमानजनक शब्दों से अभद्र भाषा का शिकार बनाया। 16 जनवरी को कथित तौर पर प्रोफेसर ने फिर मीणा के कार्यालय में आकर उन पर हमला किया और जातिसूचक गालियाँ दीं।

Working Scheduled Tribes
जामिया प्रशासन पर भी सवाल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar20 Jan 2026 06:55 PM
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जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग में कार्यरत अनुसूचित जनजाति (ST) कर्मचारी राम फूल मीणा ने आरोप लगाया है कि सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन ने उनके साथ कार्यालय में हिंसक व्यवहार किया और उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला है।

हिंसक व्यवहार और गालियाँ

बता दें कि मीणा ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें अपमानजनक शब्दों से अभद्र भाषा का शिकार बनाया। 16 जनवरी को कथित तौर पर प्रोफेसर ने फिर मीणा के कार्यालय में आकर उन पर हमला किया और जातिसूचक गालियाँ दीं। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर ने कहा, "तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे खिलाफ शिकायत करो? तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के इदारे में रहकर मेरे खिलाफ शिकायत करने की जुर्रत कैसे की?"

धर्म परिवर्तन का दबाव

राम फूल मीणा ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से इस्लाम अपनाने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दबाव डाला गया। उनका कहना है कि उन्हें परिसर में कई बार काफिर कहकर अपमानित किया गया और केवल उनकी हिंदू व आदिवासी पहचान के कारण निशाना बनाया गया।

तबादले का आरोप

बता दें कि मीणा ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन प्रशासन ने उसी दिन यानी 16 जनवरी 2026 को उन्हें दंडात्मक तबादले का आदेश जारी कर दिया। मीणा का कहना है कि यह कार्रवाई सच को दबाने की कोशिश है।

छात्र पर हिंसा का वीडियो वायरल

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के आरोपी प्रोफेसर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह क्लासरूम में एक छात्र को लात मारते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो विश्वविद्यालय में उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस जांच जारी

दिल्ली पुलिस ने राम फूल मीणा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन जारी है। फिलहाल आरोपी प्रोफेसर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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दिल्ली में गणतंत्र दिवस रिहर्सल के चलते ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

26 जनवरी 2026 को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए कड़े प्रबंध किए हैं। गणतंत्र दिवस की रिहर्सल परेड के कारण सेंट्रल दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया।

Republic Day rehearsal traffic advisory
गणतंत्र दिवस रिहर्सल ट्रैफिक एडवाइजरी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar20 Jan 2026 06:23 PM
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गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। परेड की रिहर्सल को ध्यान में रखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। रिहर्सल परेड के कारण 19, 20 और 21 जनवरी को सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रिहर्सल परेड का रूट विजय चौक से इंडिया गेट तक होगा, जो कर्तव्य पथ से होते हुए सी-हेक्सागन तक जाएगा। इस दौरान पूरे इलाके में ट्रैफिक कंट्रोल और डायवर्जन लागू रहेगा।

इन मार्गों पर रहेगा ट्रैफिक प्रतिबंध

रिहर्सल के दौरान कर्तव्य पथ से जुड़े कई प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह बंद या नियंत्रित रहेगा। इनमें शामिल हैं—

  • कर्तव्य पथ–रफी मार्ग
  • कर्तव्य पथ–जनपथ
  • कर्तव्य पथ–मान सिंह रोड
  • कर्तव्य पथ–सी-हेक्सागन

इसके अलावा विजय चौक से इंडिया गेट तक कर्तव्य पथ को पूरी तरह बंद रखा जाएगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। साथ ही परेड देखने आने वाले लोगों को निजी वाहनों के बजाय बस और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

एनक्लोजर के नाम नदियों के नाम पर

इस बार परेड देखने वाले दर्शकों के लिए बनाए गए एनक्लोजर के नाम देश की प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए हैं। दक्षिणी हिस्से में बीस, ब्रह्मपुत्र, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु और झेलम नाम के एनक्लोजर होंगे। इन एनक्लोजर में बैठने वाले दर्शकों को उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर उतरने की सलाह दी गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा और सुचारू आयोजन के लिए ये व्यवस्थाएं जरूरी हैं।

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नितिन नबीन भाजपा के सबसे कम उम्र के सारथी, शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल पर टिकी सबकी नजरें

नितिन नबीन का जन्म भाजपा की स्थापना के कुछ ही समय बाद हुआ। वर्ष 2006 में पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है और यह 2006 से अब तक बांकीपुर विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं।

Nitin Naveen BJP Delhi
भाजपा पार्टी को आज नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (फाइल फोटो)
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userऋषि तिवारी
calendar20 Jan 2026 12:25 PM
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भाजपा पार्टी को आज नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। बिहार के वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक नितिन नबीन ने मंगलवार 20 जनवरी 2026 से भाजपा अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल की शुरुआत कर दी है। 45 वर्षीय नितिन नबीन निर्विरोध पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। उनके नाम का औपचारिक ऐलान आज किया गया। इससे पहले वर्ष 2020 से जगत प्रकाश नड्डा इस पद पर थे। नितिन नबीन का नामांकन बिना किसी विरोध के स्वीकार किया गया। उनके समर्थन में नामांकन पत्रों के 37 सेट दाखिल किए गए, जिन्हें वैध पाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा उनके प्रस्तावकों में शामिल थे।

संगठन की कमान ऐसे वक्त में

बता दें कि नितिन नबीन को ऐसे समय में पार्टी की कमान सौंपी गई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत एनडीए सरकार लगातार 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में है। भाजपा आज 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और 20 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सदस्य संगठन से जुड़े हैं।

पहले 100 दिनों में 5 बड़ी चुनौतियां

1. असम विधानसभा चुनाव 2026

बता दें कि मार्च–अप्रैल 2026 में असम विधानसभा चुनाव होने हैं। पिछले 10 वर्षों से राज्य में भाजपा की सरकार है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी हैट्रिक लगाने की तैयारी में है।

2. पश्चिम बंगाल की सियासी जंग

बता दें कि 2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव भाजपा के लिए बड़ी चुनौती होंगे। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है। पूर्वी भारत में बंगाल भाजपा के लिए सबसे कठिन रणक्षेत्र बना हुआ है।

3. केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी

बता दें कि केरल में भाजपा को करीब 20 प्रतिशत वोट मिल रहा है, लेकिन यह सीटों में तब्दील नहीं हो पा रहा। तिरुवनंतपुरम में मेयर पद जीतने के बाद पार्टी खुद को तीसरी बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करना चाहती है। तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन एक दशक से सत्ता में है। यहां भाजपा गठबंधन राजनीति के सहारे वापसी की रणनीति पर काम कर रही है। पुडुचेरी में सत्ता बचाए रखना भी बड़ी चुनौती है।

4. युवाओं को साधने की जिम्मेदारी

बता दें कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। सबसे युवा भाजपा अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन के सामने जेन-जी और युवा मतदाताओं को पार्टी से जोड़े रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

5. यूपी चुनाव 2027 की तैयारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने हैं। लोकसभा चुनाव के बाद यूपी का चुनाव हमेशा ‘सेमीफाइनल’ माना जाता है। पार्टी यहां योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश करेगी।

नितिन नबीन की सबसे बड़ी ताकत

नितिन नबीन की उम्र और संगठनात्मक अनुभव उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है और बता दें कि नितिन नबीन न केवल भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, बल्कि दूसरे प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं की तुलना में भी काफी युवा हैं। जहां ममता बनर्जी 71, मल्लिकार्जुन खड़गे 83 और नीतीश कुमार 74 वर्ष के हैं, वहीं नितिन नबीन महज 45 वर्ष के हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

बता दें कि 23 मई 1980 को जन्मे नितिन नबीन का जन्म भाजपा की स्थापना के कुछ ही समय बाद हुआ। वर्ष 2006 में पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है और यह 2006 से अब तक बांकीपुर विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। इसके अलावा वे सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के चुनाव प्रभारी भी रह चुके हैं।

20 से अधिक राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकार

बता दें कि वर्तमान में भाजपा 13 राज्यों में सीधे सत्ता में है, जबकि 7 राज्यों में एनडीए की सहयोगी सरकारें हैं। ऐसे में नितिन नबीन के सामने न सिर्फ चुनावी जीत, बल्कि विशाल संगठन को एकजुट और सक्रिय बनाए रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, नितिन नबीन का कार्यकाल भाजपा के भविष्य की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकता है।

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