नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026: पुस्तकों, विचारों और संवाद का महोत्सव

विश्व का सबसे बड़ा बी2सी पुस्तक मेला, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (NDWBF) 2026, अपने 53वें संस्करण के साथ 10 से 18 जनवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस नौ दिवसीय आयोजन का संचालन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में किया जा रहा है।

New Delhi World Book Fair 2026
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar08 Jan 2026 08:29 PM
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पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1000 से ज्यादा प्रकाशक, 3000 से अधिक स्टॉल और 600 से अधिक साहित्यिक व सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इसमें 1000 से अधिक वक्ता भाग लेंगे और लगभग 20 लाख से अधिक दर्शकों के आने की संभावना है। मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। इस अवसर पर क़तर और स्पेन के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहेंगे।

इस वर्ष की थीम: भारतीय सैन्य इतिहास

कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में एनबीटी के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे ने बताया कि इस वर्ष मेले की थीम “भारतीय सैन्य इतिहास : शौर्य एवं प्रज्ञा@75” रखी गई है। यह थीम स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समर्पित है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पहली बार पुस्तक मेले में प्रवेश सभी के लिए पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे पुस्तकों और ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जा सके। एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि युवाओं और जेन-ज़ी को किताबों से जोड़ने के उद्देश्य से न केवल प्रवेश बल्कि मेले के भीतर सभी गतिविधियाँ भी नि:शुल्क रखी गई हैं।

थीम पवेलियन होगा प्रमुख आकर्षण

बता दें कि मेले का मुख्य आकर्षण 1000 वर्ग मीटर में फैला थीम पवेलियन होगा, जिसे 360 डिग्री अनुभव के रूप में डिजाइन किया गया है। यहां 500 से अधिक पुस्तकें, प्रदर्शनी, पोस्टर, डॉक्यूमेंट्री और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए जाएंगे। अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतियाँ, 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि तथा 1947 से लेकर हालिया सैन्य अभियानों तक के सत्र इसमें शामिल होंगे।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

इस वर्ष क़तर सम्मानित अतिथि देश और स्पेन फोकस देश के रूप में भाग ले रहे हैं। क़तर के राजदूत मोहम्मद हसन जबीर अल जाबेर ने इसे दुनिया के सबसे प्रमुख सांस्कृतिक मंचों में से एक बताया।

इसके अलावा फ्रांस, रूस, जापान, पोलैंड, ईरान, कज़ाख़स्तान, हंगरी, चिली सहित कई देशों की भागीदारी रहेगी। पहली बार जापान से 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इंडिया–जापान पब्लिशर्स मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम में शामिल होगा। बता दें कि मेले में पीयूष मिश्रा, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, कैलाश सत्यार्थी, रिकी केज, जया किशोरी, दुर्जॉय दत्ता सहित कई प्रतिष्ठित लेखक, वक्ता और कलाकार भाग लेंगे। शामें भारतीय सेना के बैंड्स, कवि सम्मेलनों और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी रहेंगी।

बच्चों और परिवारों के लिए विशेष आयोजन

बाल मंडपम – किड्ज़ एक्सप्रेस (हॉल 6) में बच्चों के लिए कथावाचन, थिएटर, क्विज़, कला-शिल्प, वैदिक गणित और पुस्तक डिज़ाइनिंग जैसी गतिविधियाँ होंगी। राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय (ReP) के माध्यम से 6000 से अधिक ई-पुस्तकों** की निःशुल्क डिजिटल उपलब्धता भी रहेगी।

प्रकाशन उद्योग के लिए बी2बी मंच

मेले में सीईओ संवाद, न्यू दिल्ली राइट्स टेबल, ऑथर्स लाउंज और अंतरराष्ट्रीय अधिकार आदान-प्रदान जैसे मंच भी होंगे, जो प्रकाशन उद्योग को नई दिशा देंगे।

हॉल-वाइज आकर्षण

  • हॉल 2: भारतीय भाषाओं के प्रकाशक
  • हॉल 3: राइट्स टेबल
  • हॉल 4: अंतरराष्ट्रीय पवेलियन
  • हॉल 5: थीम पवेलियन और व्यावसायिक प्रकाशक
  • हॉल 6: बाल मंडपम
  • एम्फीथिएटर-I: सांस्कृतिक कार्यक्रम

निःशुल्क प्रवेश, विशाल अंतरराष्ट्रीय सहभागिता और समृद्ध साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 भारत में पठन संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का वादा करता है।

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आप पार्टी का भाजपा पर हमला, एडिटेड वीडियो वायरल करने का भाजपा पर आरोप

आप पार्टी के अनुसार, भाजपा ने वीडियो में झूठे सब-टाइटल जोड़कर जानबूझकर श्री गुरु तेग बहादुर जी का नाम घसीटा है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके।

AAP attacks BJP
आप पार्टी का भाजपा पर हमला (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar08 Jan 2026 03:49 PM
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आप पार्टी के अनुसार, LoP आतिशी के बयान को तोड़-मरोड़ कर किया वायरल, गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर सस्ती राजनीति जो कि भाजपा एक बार फिर झूठ और भ्रम फैलाने की राजनीति करते हुए बेनकाब हो गई है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) आतिशी द्वारा प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर दिए गए बयान का भ्रामक और झूठा वीडियो भाजपा नेताओं और उनके सोशल मीडिया हैंडल्स से साझा किया गया है। इतना ही नहीं, इस राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के पवित्र नाम को भी घसीटा गया, जिसे लेकर सिख समुदाय और आम जनता में भारी रोष देखा जा रहा है।

जाने क्या है पूरा मामला?

बता दें कि सूत्रों के अनुसार, उपराज्यपाल (LG) के अभिभाषण के दौरान आतिशी ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण संकट पर चर्चा कराने की लोकतांत्रिक मांग रखी थी। यह एक जनहित का मुद्दा था, जिससे दिल्ली की करोड़ों जनता प्रभावित है। लेकिन इसी दौरान भाजपा विधायक प्रदूषण जैसे गंभीर विषय को छोड़कर कुत्तों के सम्मान को लेकर हंगामा करते नजर आए। सदन की कार्यवाही बाधित की गई और असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की गई।


भ्रामक वीडियो से सच छिपाने की कोशिश

बता दें कि भाजपा द्वारा जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, वह एडिटेड और संदर्भ से काटा गया है और बताया जा रहा है, ताकि आतिशी के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा सके। जब पूरा वीडियो सामने आया, तो भाजपा का झूठ साफ तौर पर उजागर हो गया।

जनता पूछ रही है सवाल

  • क्या प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर बात करना अपराध है?
  • क्या धार्मिक महापुरुषों के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जाएगा?
  • क्या भाजपा के पास जनता के असली मुद्दों पर बात करने को कुछ नहीं बचा?

भाजपा ध्यान भटकाओ राजनीति को दर्शाता

बता दें कि आप पार्टी विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा मामला भाजपा ध्यान भटकाओ राजनीति को दर्शाता है, जहां असल मुद्दों से बचने के लिए भावनात्मक और धार्मिक कार्ड खेले जाते हैं। अब सवाल यह है कि क्या भाजपा इस झूठे प्रचार के लिए माफी मांगेगी, या फिर लोकतांत्रिक मूल्यों को इसी तरह कुचलती रहेगी?

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दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक घमासान, आतिशी पर भाजपा का हमला

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आप पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी के कथित बयान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को औपचारिक पत्र सौंपा है और आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है।

BJP attacks Atishi
आतिशी पर भाजपा का वार (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar07 Jan 2026 05:49 PM
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बता दें ​यह विवाद सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर विधानसभा में हुई विशेष चर्चा से जुड़ा है। भाजपा का आरोप है कि इस अहम अवसर पर आतिशी ने न केवल गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर कोई सकारात्मक टिप्पणी नहीं की, बल्कि उनके कथित शब्दों से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

प्रवेश वर्मा का हमला, सदन में जवाब देने की मांग

बता दें कि दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी वर्ष पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। विधानसभा में भी इस पर विशेष चर्चा हुई, लेकिन नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने न तो इस विषय पर कुछ कहा और न ही गुरु के बलिदान का सम्मान किया। उल्टा, उनके शब्द हमारे गुरुओं का अपमान हैं, जिससे भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने इस तरह की टिप्पणी की। प्रवेश वर्मा ने मांग की कि आतिशी सदन में उपस्थित होकर अपने बयान पर जवाब दें और विधानसभा अध्यक्ष उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करें।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पीकर को लिखा पत्र

बता दें कि भाजपा विधायक और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की है। भाजपा का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है, जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।

शिरोमणि अकाली दल भी मैदान में उतरा

बता दें कि इस विवाद में अब शिरोमणि अकाली दल (SAD) भी कूद पड़ा है। अकाली दल ने आतिशी के बयान को सिख गुरुओं का अपमान बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप क्लेर ने कहा कि आतिशी की टिप्पणियां अपमानजनक और अशोभनीय हैं। उन्होंने हमारे पूज्य गुरुओं का अपमान किया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस कृत्य के लिए उनकी विधानसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए।

सियासी घमासान और तेज होने के संकेत

भाजपा और अकाली दल के तीखे तेवरों के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में और गरमाने वाला है। अब सभी की नजरें विधानसभा अध्यक्ष के फैसले और आम आदमी पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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