दिल्ली-NCR से बिहार तक शीतलहर और घने कोहरे की मार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 5 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

cold wave
कंपकंपाने को मजबूर लोग (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar08 Jan 2026 09:21 AM
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उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड और शीतलहर की चपेट में है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। तेज सर्द हवाओं और शीतलहर के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है, वहीं बड़ी संख्या में लोग रैन बसेरों में शरण लेने को मजबूर हैं।

कई राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

बता दें कि IMD ने हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अगले 2 से 3 दिनों तक शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है।

घना कोहरा बनेगा परेशानी की वजह

बता दें कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 8 से 10 जनवरी के बीच सुबह घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं 11 से 14 जनवरी के दौरान भी घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की आशंका जताई गई है।

इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ यानी शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। दिन के समय भी ठंड से राहत नहीं मिल रही है, जिससे लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।

बिहार-झारखंड में भी बढ़ेगी ठंड

बिहार और झारखंड में भी ठंड का सितम जारी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। रात के साथ-साथ दिन में भी ठंड का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है।

सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, ताकि ठंड से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके।

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दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक घमासान, आतिशी पर भाजपा का हमला

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आप पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी के कथित बयान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को औपचारिक पत्र सौंपा है और आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है।

BJP attacks Atishi
आतिशी पर भाजपा का वार (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar07 Jan 2026 05:49 PM
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बता दें ​यह विवाद सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर विधानसभा में हुई विशेष चर्चा से जुड़ा है। भाजपा का आरोप है कि इस अहम अवसर पर आतिशी ने न केवल गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर कोई सकारात्मक टिप्पणी नहीं की, बल्कि उनके कथित शब्दों से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

प्रवेश वर्मा का हमला, सदन में जवाब देने की मांग

बता दें कि दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी वर्ष पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। विधानसभा में भी इस पर विशेष चर्चा हुई, लेकिन नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने न तो इस विषय पर कुछ कहा और न ही गुरु के बलिदान का सम्मान किया। उल्टा, उनके शब्द हमारे गुरुओं का अपमान हैं, जिससे भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने इस तरह की टिप्पणी की। प्रवेश वर्मा ने मांग की कि आतिशी सदन में उपस्थित होकर अपने बयान पर जवाब दें और विधानसभा अध्यक्ष उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करें।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पीकर को लिखा पत्र

बता दें कि भाजपा विधायक और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की है। भाजपा का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है, जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।

शिरोमणि अकाली दल भी मैदान में उतरा

बता दें कि इस विवाद में अब शिरोमणि अकाली दल (SAD) भी कूद पड़ा है। अकाली दल ने आतिशी के बयान को सिख गुरुओं का अपमान बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप क्लेर ने कहा कि आतिशी की टिप्पणियां अपमानजनक और अशोभनीय हैं। उन्होंने हमारे पूज्य गुरुओं का अपमान किया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस कृत्य के लिए उनकी विधानसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए।

सियासी घमासान और तेज होने के संकेत

भाजपा और अकाली दल के तीखे तेवरों के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में और गरमाने वाला है। अब सभी की नजरें विधानसभा अध्यक्ष के फैसले और आम आदमी पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान तनाव, कई धाराओं में FIR दर्ज

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित इलाके में देर रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद भीड़ ने कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश की। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

Turkman Gate tension
दिल्ली पुलिस सख्त (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar07 Jan 2026 12:11 PM
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दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एमसीडी की कार्रवाई के दौरान पत्थरबाजी और हंगामे की घटना सामने आई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब तक करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

इन 8 धाराओं में दर्ज हुआ मामला, जानिए सजा का प्रावधान

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की 8 धाराओं और PDPP एक्ट 1984 के तहत FIR दर्ज की है। प्रत्येक धारा में सजा का प्रावधान इस प्रकार है—

🔹धारा 221 – लोक सेवक को कर्तव्य से रोकना

यदि कोई व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी को उसके वैध कार्य से बल, धमकी या अवैध तरीके से रोकता है।

सजा: 5 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों।

🔹धारा 132 – लोक सेवक पर हमला या बल प्रयोग

ड्यूटी पर तैनात पुलिस या सरकारी कर्मचारी पर हमला करना।

सजा: 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों।

🔹धारा 121 – लोक सेवक को गंभीर नुकसान पहुंचाने की मंशा

सरकारी कर्मचारी को गंभीर चोट पहुंचाने की नीयत से हिंसा।

सजा: 3 महीने की जेल या 2500 रुपये जुर्माना या दोनों।

🔹धारा 191(2) – जानबूझकर झूठी जानकारी देना

सजा: 2 साल तक की जेल या जुर्माना।

🔹धारा 191(3) – झूठी जानकारी से किसी को फंसाने की कोशिश

न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने के इरादे से झूठा साक्ष्य देना।

सजा: 5 साल तक की जेल या जुर्माना।

🔹धारा 223(A) – गैरकानूनी जमावड़ा

कानून व्यवस्था भंग करने के इरादे से भीड़ जुटाना।

सजा: 3 महीने की जेल या 2500 रुपये जुर्माना या दोनों।

🔹धारा 3(5) BNS – सामूहिक अपराध की जवाबदेही

यदि अपराध भीड़ द्वारा किया गया हो, तो सभी आरोपी समान रूप से दोषी माने जाएंगे।

सजा: धारा 191 के समान।

🔹 सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना।

सजा: अपराध की गंभीरता के अनुसार 6 महीने से लेकर 10 साल तक की जेल।

इलाके में कड़ी सुरक्षा, जांच जारी

बता दें कि पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और वीडियो क्लिप के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। स्थिति पर नजर रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की गई है।

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