दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर आतिशी का अमित शाह को पत्र, उठाए गंभीर सवाल
आतिशी ने सितंबर 2025 में दिल्ली के एक पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में महिला से दुष्कर्म की घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले ने साबित कर दिया है कि अब राजधानी में कोई भी इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है।

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने राजधानी में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पत्र में हाल के महीनों में हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। साथ ही गृह मंत्री से समय लेकर व्यक्तिगत मुलाकात और ठोस कदम उठाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री आवास के पास दिनदहाड़े हत्या का मामला उठाया
आतिशी ने पत्र में हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास के पास स्थित एक व्यस्त कॉलोनी में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता रचना यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वारदात के बाद हमलावर आसानी से फरार हो गया। आतिशी के अनुसार, रचना यादव अपने पति की हत्या की चश्मदीद गवाह थीं और उनकी गवाही 7 फरवरी 2026 को अदालत में होनी थी। यह घटना राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को उजागर करती है, खासकर तब जब मामला एक वीआईपी इलाके का हो।
लाल किले के पास आतंकी हमला
पत्र में 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। आतिशी ने लिखा कि देश के एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल के पास हुआ यह आतंकी हमला राजधानी में आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
पुलिसकर्मी पर महिला से बदसलूकी का आरोप
दिसंबर 2025 की एक घटना का जिक्र करते हुए आतिशी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के एक सिपाही पर महिला के कान से कुंडल खींचने और छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप लगा था। लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया। उन्होंने इसे पुलिस के भीतर अनुशासन और जवाबदेही की कमी का उदाहरण बताया।
सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में दुष्कर्म
आतिशी ने सितंबर 2025 में दिल्ली के एक पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में महिला से दुष्कर्म की घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले ने साबित कर दिया है कि अब राजधानी में कोई भी इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है।
एक ही रात में कई फायरिंग की घटनाएं
पत्र में 13-14 जनवरी 2026 की रात पश्चिम विहार, प्रेम नगर और पूर्वी दिल्ली में हुई एक के बाद एक कई फायरिंग की घटनाओं का जिक्र किया गया है। आतिशी ने कहा कि इन घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है और पुलिस की गश्त व त्वरित कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
आतिशी ने लिखा कि इन घटनाओं के बाद पुलिस की कार्रवाई में देरी, कमजोर जांच और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण की कमी को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के अधीन होने के बावजूद राजधानी में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।
राजधानी की सुरक्षा पूरे देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी
पत्र के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि दिल्ली सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि देश की राजधानी है। यहां की कानून-व्यवस्था पूरे देश की प्रतिष्ठा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि राजधानी ही सुरक्षित नहीं है, तो जनता किस पर भरोसा करेगी।
आतिशी ने गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत रूप से मिलने का समय मांगा है, ताकि दिल्ली की कानून-व्यवस्था, पुलिस की जवाबदेही और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने राजधानी में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पत्र में हाल के महीनों में हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। साथ ही गृह मंत्री से समय लेकर व्यक्तिगत मुलाकात और ठोस कदम उठाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री आवास के पास दिनदहाड़े हत्या का मामला उठाया
आतिशी ने पत्र में हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास के पास स्थित एक व्यस्त कॉलोनी में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता रचना यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वारदात के बाद हमलावर आसानी से फरार हो गया। आतिशी के अनुसार, रचना यादव अपने पति की हत्या की चश्मदीद गवाह थीं और उनकी गवाही 7 फरवरी 2026 को अदालत में होनी थी। यह घटना राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को उजागर करती है, खासकर तब जब मामला एक वीआईपी इलाके का हो।
लाल किले के पास आतंकी हमला
पत्र में 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। आतिशी ने लिखा कि देश के एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल के पास हुआ यह आतंकी हमला राजधानी में आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
पुलिसकर्मी पर महिला से बदसलूकी का आरोप
दिसंबर 2025 की एक घटना का जिक्र करते हुए आतिशी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के एक सिपाही पर महिला के कान से कुंडल खींचने और छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप लगा था। लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया। उन्होंने इसे पुलिस के भीतर अनुशासन और जवाबदेही की कमी का उदाहरण बताया।
सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में दुष्कर्म
आतिशी ने सितंबर 2025 में दिल्ली के एक पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में महिला से दुष्कर्म की घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले ने साबित कर दिया है कि अब राजधानी में कोई भी इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है।
एक ही रात में कई फायरिंग की घटनाएं
पत्र में 13-14 जनवरी 2026 की रात पश्चिम विहार, प्रेम नगर और पूर्वी दिल्ली में हुई एक के बाद एक कई फायरिंग की घटनाओं का जिक्र किया गया है। आतिशी ने कहा कि इन घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है और पुलिस की गश्त व त्वरित कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
आतिशी ने लिखा कि इन घटनाओं के बाद पुलिस की कार्रवाई में देरी, कमजोर जांच और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण की कमी को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के अधीन होने के बावजूद राजधानी में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।
राजधानी की सुरक्षा पूरे देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी
पत्र के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि दिल्ली सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि देश की राजधानी है। यहां की कानून-व्यवस्था पूरे देश की प्रतिष्ठा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि राजधानी ही सुरक्षित नहीं है, तो जनता किस पर भरोसा करेगी।
आतिशी ने गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत रूप से मिलने का समय मांगा है, ताकि दिल्ली की कानून-व्यवस्था, पुलिस की जवाबदेही और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा सके।












