दिल्ली: जनकपुरी गड्ढा हादसे में पहली गिरफ्तारी, पकड़ा गया राजेश प्रजापति
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच हुए हादसे के बाद से ही पुलिस जांच तेज थी और सुबह से राजेश से पूछताछ चल रही थी। माना जा रहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है आने वाले दिनों में कॉन्ट्रैक्टर्स, साइट इंजीनियर, साइट मैनेजर और जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

Delhi News : दिल्ली के जनकपुरी में हुए दर्दनाक हादसे ने सिस्टम की लापरवाही को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। दिल्ली जल बोर्ड की सीवर लाइन खुदाई के बाद खुले छोड़े गए गड्ढे में बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी गिरफ्तारी करते हुए सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच हुए हादसे के बाद से ही पुलिस जांच तेज थी और सुबह से राजेश से पूछताछ चल रही थी। माना जा रहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है आने वाले दिनों में कॉन्ट्रैक्टर्स, साइट इंजीनियर, साइट मैनेजर और जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रत्यक्षदर्शी परिवार की सूचना से खुला पूरा घटनाक्रम
जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त सड़क से गुजर रहे एक परिवार ने कमल को गड्ढे में गिरते हुए देखा। परिवार ने तुरंत पास मौजूद सिक्योरिटी गार्ड और गड्ढे के बगल में टेंट में रह रहे एक व्यक्ति को जानकारी दी। पुलिस के अनुसार टेंट में रहने वाला शख्स भी राजेश प्रजापति का कर्मचारी था। कर्मचारी ने तत्काल राजेश को कॉल कर घटना बताई। इसके बाद राजेश रात में मौके पर पहुंचा, गड्ढे में बाइक और कमल को पड़ा हुआ भी देखा लेकिन पुलिस को सूचना देने के बजाय वह घर लौट गया। यही पहलू उसकी गिरफ्तारी की मुख्य वजह बना।
कौन है राजेश प्रजापति और क्यों फंसा?
राजेश प्रजापति दिल्ली जल बोर्ड के सीवर प्रोजेक्ट में सब-कॉन्ट्रैक्टर बताया जा रहा है। साइट पर खुदाई और सुरक्षा इंतज़ाम उसकी जिम्मेदारी थी, लेकिन शुरुआती जांच में लापरवाही के गंभीर संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि मौके पर उसकी मौजूदगी, घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचित न करना और कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश ये सब उसके खिलाफ अहम सबूत बन रहे हैं। इस मामले में दिल्ली सरकार पहले ही दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को निलंबित कर चुकी है। उधर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, कर्मचारी की कॉल डिटेल/रिकॉर्डिंग और राजेश की मौजूदगी से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं। Delhi News
Delhi News : दिल्ली के जनकपुरी में हुए दर्दनाक हादसे ने सिस्टम की लापरवाही को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। दिल्ली जल बोर्ड की सीवर लाइन खुदाई के बाद खुले छोड़े गए गड्ढे में बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी गिरफ्तारी करते हुए सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच हुए हादसे के बाद से ही पुलिस जांच तेज थी और सुबह से राजेश से पूछताछ चल रही थी। माना जा रहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है आने वाले दिनों में कॉन्ट्रैक्टर्स, साइट इंजीनियर, साइट मैनेजर और जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रत्यक्षदर्शी परिवार की सूचना से खुला पूरा घटनाक्रम
जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त सड़क से गुजर रहे एक परिवार ने कमल को गड्ढे में गिरते हुए देखा। परिवार ने तुरंत पास मौजूद सिक्योरिटी गार्ड और गड्ढे के बगल में टेंट में रह रहे एक व्यक्ति को जानकारी दी। पुलिस के अनुसार टेंट में रहने वाला शख्स भी राजेश प्रजापति का कर्मचारी था। कर्मचारी ने तत्काल राजेश को कॉल कर घटना बताई। इसके बाद राजेश रात में मौके पर पहुंचा, गड्ढे में बाइक और कमल को पड़ा हुआ भी देखा लेकिन पुलिस को सूचना देने के बजाय वह घर लौट गया। यही पहलू उसकी गिरफ्तारी की मुख्य वजह बना।
कौन है राजेश प्रजापति और क्यों फंसा?
राजेश प्रजापति दिल्ली जल बोर्ड के सीवर प्रोजेक्ट में सब-कॉन्ट्रैक्टर बताया जा रहा है। साइट पर खुदाई और सुरक्षा इंतज़ाम उसकी जिम्मेदारी थी, लेकिन शुरुआती जांच में लापरवाही के गंभीर संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि मौके पर उसकी मौजूदगी, घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचित न करना और कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश ये सब उसके खिलाफ अहम सबूत बन रहे हैं। इस मामले में दिल्ली सरकार पहले ही दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को निलंबित कर चुकी है। उधर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, कर्मचारी की कॉल डिटेल/रिकॉर्डिंग और राजेश की मौजूदगी से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं। Delhi News












