संसद में इस मुद्दे पर विपक्ष और सरकार के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-G RAM G कानून का उल्लेख किया।

Parliament Budget Session 2026 : संसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो गया। साल के पहले सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिभाषण दिया और सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-G RAM G कानून का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित होगा।”
राष्ट्रपति के इस बयान के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के सभी सांसदों ने तालियाँ बजाकर समर्थन जताया, जबकि विपक्षी सांसदों ने खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया और इस कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
इस कानून को संसद के शीतकालीन सत्र में पास किया गया है। आधिकारिक नाम है विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण (VB-G RAM G)। यह 20 साल पुराने मनरेगा कानून की जगह लेता है और ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी देता है। मनरेगा योजना में सालाना 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित होता था, जबकि नए कानून में यह 125 दिनों तक बढ़ा दिया गया है।
विपक्ष का कहना है कि मनरेगा योजना महात्मा गांधी के नाम पर थी, जबकि नए कानून में उनका नाम हटा दिया गया है। उनका आरोप है कि इससे महात्मा गांधी का अपमान हुआ है। इसके अलावा, विपक्ष का यह भी कहना है कि नया कानून राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ाता है, क्योंकि अब इस योजना का खर्च केवल केंद्र सरकार नहीं, बल्कि राज्यों को भी उठाना होगा। Parliament Budget Session 2026