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मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) को लेकर चुनाव आयोग (ECI) ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समयसीमा बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है।

बता दें कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया है। यह कदम इन राज्यों में मतदाता सूचियों के अद्यतन और सही करने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयोग ने इस संबंध में विस्तृत शेड्यूल भी जारी किया है, जिसमें तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी, और केरल शामिल हैं, जबकि पश्चिम बंगाल को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
बता दें कि चुनाव आयोग ने 10 दिसंबर को सभी 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके तहत बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा तैयार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहराए गए मतदाताओं (ASD) की सूची को राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंटों के साथ साझा करना अनिवार्य किया गया है।ECI के अनुसार बूथ अधिकारियों द्वारा कम से कम तीन बार घर जाकर भी संपर्क न होने पर मतदाता को ASD श्रेणी में रखा जा रहा है।
इन मतदाताओं की स्थिति की पुष्टि करना आवश्यक है, ताकि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले त्रुटियों को सुधार लिया जाए। इसके लिए देशभर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 5 लाख बूथ स्तर अधिकारी और 12 लाख से अधिक बूथ स्तर एजेंट बूथवार बैठकों में शामिल होंगे और ASD सूचियों की जांच करेंगे।
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