दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 10 बैगलेस डे लागू, पढ़ाई बनेगी मजेदार

बैगलेस डे के दौरान स्कूलों में अलग-अलग तरह की गतिविधियां कराई जाएंगी। कहीं नुक्कड़ नाटक, कहीं क्विज, साइंस प्रयोग, कुकिंग प्रतियोगिता, गार्डनिंग और ग्रुप एक्टिविटीज जैसी चीजों पर जोर रहेगा।

दिल्ली के स्कूलों में बड़ा बदलाव
दिल्ली के स्कूलों में बड़ा बदलाव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 12:03 PM
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Delhi News : दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई का अंदाज बदला हुआ नजर आएगा। दिल्ली सरकार ने कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘10 बैगलेस डे लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत जनवरी-फरवरी 2026 के बीच तय दिनों पर बच्चों को किताबों और भारी बैग के बिना स्कूल बुलाया जाएगा और पढ़ाई को एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा।

टीमवर्क और लाइफ-स्किल्स पर दिया जाएगा जोर

शिक्षा विभाग की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक 10 बैगलेस डे को जनवरी से फरवरी के बीच पूरा किया जाएगा। योजना के तहत हर हफ्ते दो दिन छात्रों को बिना किताब-बैग के स्कूल आना होगा। इन दिनों का उद्देश्य बच्चों को केवल रटने वाली पढ़ाई तक सीमित न रखकर देखकर, समझकर और करके सीखने के अवसर देना है। बैगलेस डे के दौरान स्कूलों में अलग-अलग तरह की गतिविधियां कराई जाएंगी। कहीं नुक्कड़ नाटक, कहीं क्विज, साइंस प्रयोग, कुकिंग प्रतियोगिता, गार्डनिंग और ग्रुप एक्टिविटीज जैसी चीजों पर जोर रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, गतिविधियों के जरिए बच्चों में टीमवर्क, कम्युनिकेशन और प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसी लाइफ-स्किल्स विकसित करने की दिशा में भी काम होगा।

स्कूलों को मिलेगी वित्तीय मदद

इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए समग्र शिक्षा, दिल्ली की ओर से प्रत्येक स्कूल को 13,500 रुपये की वित्तीय सहायता दिए जाने की बात कही गई है। यह राशि स्टेशनरी, फोटोकॉपी, बैनर और जरूरी लर्निंग मैटीरियल जैसी व्यवस्थाओं में उपयोग की जा सकेगी। स्कूलों ने बैगलेस डे को सिर्फ किताबें छोड़ देने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे दो अलग ग्रुप बनाकर असरदार तरीके से लागू करने की तैयारी की गई है। जूनियर ग्रुप (कक्षा 1-5) के लिए फैंसी ड्रेस, नुक्कड़ नाटक, खेल और शारीरिक गतिविधियों जैसे सत्र रखे गए हैं, ताकि बच्चे खेल-खेल में सीखें और आत्मविश्वास भी बढ़े। वहीं सीनियर ग्रुप (कक्षा 6-8) के लिए विषय आधारित क्विज, लैब प्रैक्टिकल, लाइब्रेरी रीडिंग और एक्सप्लोरेशन एक्टिविटीज के जरिए पढ़ाई को ज्यादा व्यावहारिक बनाने पर जोर है। कई स्कूलों में इस पहल की शुरुआत भी हो चुकी है। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, छोटे बच्चों को कैंपस में प्रकृति, पेड़-पौधों और गार्डनिंग से जोड़कर सीखने का अनुभव दिया जा रहा है, जबकि बड़े छात्रों को लाइब्रेरी और स्कूल के अलग-अलग लर्निंग स्पेस को एक्सप्लोर करने के लिए प्रेरित किया गया है। कुल मिलाकर, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में यह कदम पढ़ाई को रटंत से बाहर निकालकर उसे रोचक, अनुभव-आधारित और जीवन से जुड़ी सीख में बदलने की दिशा में एक अहम कोशिश माना जा रहा है। Delhi News

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Delhi Pollution Alert: बहुत खराब श्रेणी में पहुंचा AQI, जानिए आपके इलाके का हाल

Delhi AQI Today: दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। बुधवार सुबह दिल्ली का AQI 312 दर्ज किया गया जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब से अत्यंत खराब श्रेणी में बनी हुई है।

Delhi AQI Level
दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली
locationभारत
userअसमीना
calendar04 Feb 2026 10:41 AM
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। बुधवार सुबह दिल्ली में घना कोहरा छाया रहा और इसके साथ ही वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 7 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 312 दर्ज किया गया जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत पर बुरा असर डालने वाली बहुत खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण और धुंध के इस खतरनाक मेल ने राजधानी में सांस लेना तक मुश्किल बना दिया है।

सुबह के समय दिल्ली में घना कोहरा

बुधवार तड़के दिल्ली के कई इलाकों में घने कोहरे की मोटी परत देखने को मिली। अक्षरधाम, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विजिबिलिटी काफी कम रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, ITO इलाके में AQI 334 रिकॉर्ड किया गया जो हवा की बेहद खराब स्थिति को दर्शाता है।

दिल्ली के इन इलाकों में सबसे ज्यादा खराब हवा

CPCB के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है। आनंद विहार में AQI 376, मुंडका में 381, अशोक विहार में 366 और चांदनी चौक में 358 दर्ज किया गया। इसके अलावा बवाना (329), आरके पुरम (346) और सिरीफोर्ट (340) में भी हवा अत्यंत खराब श्रेणी में रही।

कुछ इलाकों में हालात थोड़े बेहतर

हालांकि, दिल्ली के कुछ हिस्सों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर देखी गई। नरेला और आया नगर में AQI 252 दर्ज किया गया जो‘खराब श्रेणी में आता है। श्री अरबिंदो मार्ग (221), मंदिर मार्ग (257) और IGI एयरपोर्ट T3 (243) में भी हवा बाकी इलाकों की तुलना में थोड़ी साफ रही लेकिन इसे भी सुरक्षित नहीं कहा जा सकता।

हरियाणा के करनाल में भी छाया घना कोहरा

दिल्ली से सटे हरियाणा के करनाल जिले में भी बुधवार सुबह घना कोहरा देखने को मिला। मौसम और प्रदूषण के इस असर से पूरे NCR क्षेत्र में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

AQI क्या होता है और इसका मतलब क्या है?

एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI हवा की गुणवत्ता को मापने का पैमाना है। हम आपको कुछ इस प्रकार समझा रहे हैं।

0–50: अच्छी

51–100: संतोषजनक

101–200: मध्यम

201–300: खराब

301–400: बहुत खराब

401–500: गंभीर

312 का AQI सीधे तौर पर सांस, आंखों और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।

IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यही स्थिति हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बनी रह सकती है।

बारिश से मिल सकती है राहत की उम्मीद

IMD का कहना है कि हल्की बारिश और तेज हवाओं से मौसम में बदलाव आ सकता है, जिससे प्रदूषण के स्तर में थोड़ी गिरावट संभव है। तड़के दिल्ली और NCR के कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई जो आने वाले घंटों में हवा को कुछ हद तक साफ कर सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर के प्रदूषण में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या वेंटिलेशन का ध्यान रखें।

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दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल, 15 दिन में 800 से ज्यादा गुमशुदगी

15 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, लापता हुए 807 लोगों में से 572 लोग अब भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों की जांच जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों का अब तक पता न चल पाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Missing persons alarm in Delhi
दिल्ली में गुमशुदगी का संकट (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Feb 2026 10:29 PM
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Delhi News : नए साल 2026 की शुरुआत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए चिंताजनक संकेत लेकर आई है। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच राजधानी से कुल 807 लोग लापता हो चुके हैं। औसतन हर दिन करीब 54 लोगों के गायब होने का मामला सामने आ रहा है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महिलाएं और लड़कियां सबसे ज्यादा असुरक्षित

बता दें कि पता होने वालों में महिलाओं और लड़कियों की संख्या सबसे अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 15 दिनों में लापता हुए 807 लोगों में से 509 महिलाएं और लड़कियां हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 298 दर्ज की गई है। वयस्क श्रेणी में भी महिलाओं की संख्या 363, जबकि पुरुषों की संख्या 253 रही। यह स्थिति महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।

बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल

बता दें कि राजधानी में नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी भी चिंता का बड़ा कारण बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन 15 दिनों में 191 नाबालिग बच्चे लापता हुए हैं। इसका मतलब है कि हर दिन औसतन 13 बच्चे अपने घरों से गायब हो रहे हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि लापता नाबालिगों और किशोरों में से करीब 71 प्रतिशत बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

572 लोग अब भी लापता, पुलिस के सामने चुनौती

बता दें कि 15 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, लापता हुए 807 लोगों में से 572 लोग अब भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों की जांच जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों का अब तक पता न चल पाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नए साल की शुरुआत में ही इतनी बड़ी संख्या में लोगों का गायब होना न सिर्फ प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना को भी गहरा कर रहा है। Delhi News

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