अगर आप शराब के शौकीन हैं और ठेके से शराब खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए! ठेके से शराब खरीदने के बाद उसकी सील की अच्छी तरह से जांच कर ले। ऐसा न हो कि आपको ठेके से मिलावटी शराब मिल जाए। आबकारी विभाग की टीम ने शराब के ठेके पर छापा मारा।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सर्किल-6 के आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि झज्जर रोड बस अड्डा के पास स्थित दनकौर नंबर दो कंपोजिट शराब की दुकान पर जल मिश्रित शराब की बिक्री की जा रही है। इस सूचना के आधार पर आबकारी निरीक्षक ने कंपोजिट दुकान पर पहुंचकर निरीक्षण किया। असली एवं शराब की पहचान के लिए आबकारी निरीक्षकों को उपलब्ध कराए गए फ्लाइंग स्क्वायड मोबाइल ऐप के द्वारा दुकान में रखी विभिन्न बोतलों की जांच की गई।
मोबाइल ऐप से चेकिंग के दौरान मैजिक मोमेंट, ग्रैंड वोडका, बॉटल के ढक्कन पर लगे वार कोड को चेक किया गया तो उसमें दुकान का नाम दनकौर नंबर दो पाया गया, लेकिन बोतल की सील टूटी हुई थी। इसके अलावा व्हाइट एंड ब्लू व्हिस्की की बोतलों को चेक किया तो एक बोतल की सील टूटी तथा बिना क्यूआर कोड के मिली। ठेके पर मौजूद विक्रेता रोमी बघेल तथा अरुण ने बताया कि वह शराब की बोतलों के ढक्कानों को खोलकर उसमें पानी मिलाकर ट्रीट तीव्रता कम करके उसे बेच देते हैं। बोतलों से निकली गई शराब को वह अन्य खाली बोतलों में भरकर बेच देते हैं।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि मौके पर ही डिजिटल एल्कोमीटर से अपमिश्रित बोतलों में शराब की तीव्रता का परीक्षण किया गया। कई बोतलों में शराब की तीव्रता कम पाई गई। आबकारी विभाग की टीम ने ठेके पर मौजूद दोनों विक्रेताओं को हिरासत में लेकर थाना दनकौर पुलिस को सौंप दिया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आबकारी अनुज्ञापन के शर्तों के अनुसार अनुज्ञापी मनोज के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि शराब के ठेके के लाइसेंस के इंडस्ट्री कारण के लिए कार्रवाई की जा रही है।