ग्रेटर नोएडा में CRPF के कांस्टेबल और पत्नी की खौफनाक करतूत, केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक, यह घटना ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मामले की शिकायत CRPF के एक सूबेदार मेजर की ओर से दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में तैनात एक कांस्टेबल और उसकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने घर में रखी गई 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची की बेरहमी से पिटाई की, जिससे बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई। बच्ची को इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा के नजदीकी एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मामले की शिकायत CRPF के एक सूबेदार मेजर की ओर से दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
बिना अनुमति घर में रखी गई थी बच्ची
शिकायत के अनुसार, 235 बटालियन में तैनात कांस्टेबल तारीक अनवर ने अपनी पत्नी रिंपा खातून उर्फ रिया खातून के रिश्तेदार की 10 वर्षीय बेटी को ग्रेटर नोएडा स्थित अपने सरकारी/आवासीय परिसर में रखा था। आरोप है कि बच्ची को घरेलू कामकाज और अपने बच्चों की देखभाल के लिए लाया गया था, जबकि उसे घर में रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति नहीं ली गई थी।
पिटाई के बाद वेंटिलेटर तक पहुंची बच्ची
जांच में सामने आया है कि ग्रेटर नोएडा में कुछ समय से बच्ची को छोटी-छोटी बातों पर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि 14 और 15 जनवरी की मध्यरात्रि में कांस्टेबल और उसकी पत्नी ने बच्ची के साथ गंभीर मारपीट की। पिटाई के दौरान बच्ची को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताते हुए वेंटिलेटर पर रखा। ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ BNS की धारा 110 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी के अनुसार, कार्रवाई के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
परिवार की मजबूरी का फायदा उठाने का आरोप
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि बच्ची आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। बताया गया कि बच्ची के पिता ने मां को छोड़ दिया था, जिससे परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। इसी बीच “बेहतर परवरिश” का भरोसा दिलाकर रिंपा खातून बच्ची को ग्रेटर नोएडा अपने साथ ले आई थी। आरोप है कि घर लाने के बाद बच्ची को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
अब जांच के केंद्र में कई सवाल
ग्रेटर नोएडा पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्ची को किस प्रक्रिया के तहत साथ लाया गया, क्या यह बाल श्रम/बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है, और बच्ची के साथ पहले भी हिंसा हुई थी या नहीं। साथ ही, अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। Greater Noida News
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में तैनात एक कांस्टेबल और उसकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने घर में रखी गई 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची की बेरहमी से पिटाई की, जिससे बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई। बच्ची को इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा के नजदीकी एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मामले की शिकायत CRPF के एक सूबेदार मेजर की ओर से दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
बिना अनुमति घर में रखी गई थी बच्ची
शिकायत के अनुसार, 235 बटालियन में तैनात कांस्टेबल तारीक अनवर ने अपनी पत्नी रिंपा खातून उर्फ रिया खातून के रिश्तेदार की 10 वर्षीय बेटी को ग्रेटर नोएडा स्थित अपने सरकारी/आवासीय परिसर में रखा था। आरोप है कि बच्ची को घरेलू कामकाज और अपने बच्चों की देखभाल के लिए लाया गया था, जबकि उसे घर में रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति नहीं ली गई थी।
पिटाई के बाद वेंटिलेटर तक पहुंची बच्ची
जांच में सामने आया है कि ग्रेटर नोएडा में कुछ समय से बच्ची को छोटी-छोटी बातों पर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि 14 और 15 जनवरी की मध्यरात्रि में कांस्टेबल और उसकी पत्नी ने बच्ची के साथ गंभीर मारपीट की। पिटाई के दौरान बच्ची को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताते हुए वेंटिलेटर पर रखा। ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ BNS की धारा 110 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी के अनुसार, कार्रवाई के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
परिवार की मजबूरी का फायदा उठाने का आरोप
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि बच्ची आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। बताया गया कि बच्ची के पिता ने मां को छोड़ दिया था, जिससे परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। इसी बीच “बेहतर परवरिश” का भरोसा दिलाकर रिंपा खातून बच्ची को ग्रेटर नोएडा अपने साथ ले आई थी। आरोप है कि घर लाने के बाद बच्ची को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
अब जांच के केंद्र में कई सवाल
ग्रेटर नोएडा पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्ची को किस प्रक्रिया के तहत साथ लाया गया, क्या यह बाल श्रम/बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है, और बच्ची के साथ पहले भी हिंसा हुई थी या नहीं। साथ ही, अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। Greater Noida News












