ग्रेटर नोएडा वालों के लिए खास खबर, 32 साल की यात्रा

पूरे 32 वर्ष पहले 28 जनवरी 1991 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना की गई थी। बहुत ही आसान भाषा में आपको ग्रेटर नोएडा के 32 वर्षों की यात्रा से परिचित करा रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा के 32 साल पूरे
ग्रेटर नोएडा के 32 साल पूरे
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 05:41 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। ग्रेटर नोएडा शहर में वह सब कुछ मौजूद है जो एक अत्याधुनिक शहर में होना चाहिए। 28 जनवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा शहर पूरे 32 वर्ष का हो गया है। पूरे 32 वर्ष पहले 28 जनवरी 1991 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना की गई थी। बहुत ही आसान भाषा में आपको ग्रेटर नोएडा के 32 वर्षों की यात्रा से परिचित करा रहे हैं।

नोएडा के विस्तार के रूप में स्थापित हुआ था ग्रेटर नोएडा

आपको बता दें कि 17 अप्रैल 1976 को नोएडा प्राधिकरण की स्थापना हुई थी। नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा शहर का लगातार विस्तार करके नोएडा को उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख शहर बना दिया। नोएडा शहर की सफलता तथा नोएडा में बढ़ती हुई आबादी के कारण नोएडा शहर के विस्तार की योजना पर काम शुरू हुआ। इसी योजना के तहत 28 जनवरी 1991 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना की गई। धीरे-धीरे ग्रेटर नोएडा शहर भी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर बन गया। यही कारण है कि अब उत्तर प्रदेश सरकार न्यू नोएडा तथा न्यू ग्रेटर नोएडा शहर बसाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्दी ही न्यू नोएडा तथा न्यू ग्रेटर नोएडा शहर भी जमीन पर बसते हुए नजर आने लगेंगे। 

बृजेश कुमार का बड़ा योगदान रहा है ग्रेटर नोएडा के विकास में

उत्तर प्रदेश के रिटायर IAS अधिकारी बृजेश कुमार के नाम के बिना ग्रेटर नोएडा शहर की यात्रा अधूरी है। लम्बे समय तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO तथा चेयरमैन रहे बृजेश कुमार को सही मायने में ग्रेटर नोएडा का जनक माना जाता है। बृजेश कुमार के कार्यकाल में ग्रेटर नोएडा शहर का जितना विकास हुआ उतना विकास बृजेश कुमार की तैनाती से पहले अथवा उनके यहां से जाने के बाद कभी नहीं हुआ। बृजेश कुमार ने ग्रेटर नोएडा को भविष्य का सर्वश्रेष्ठ शहर बनाने के सपने को साकार करने के लिए रात-दिन मेहनत करके वर्तमान के ग्रेटर नोएडा का स्वरूप प्रदान किया था।

अनेक मामलों में दूसरे शहरों से अव्वल है ग्रेटर नोएडा शहर

पिछले 32 सालों में ग्रेटर नोएडा न सिर्फ औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, बल्कि रिहायश और शिक्षा के क्षेत्र में भी बाकी शहरों से बहुत आगे निकल चुका है। सिर्फ हरियाली व चौड़ी सडक़ें ही यहां की पहचान नहीं रही, बल्कि इससे आगे निकलकर डाटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैनुफैक्चरिंग, टैक्सटाइल व रेडीमेड गारमेंट, ऑटोमोबाइल, व्हाइट गुड्स के क्षेत्र में खास मुकाम हासिल किया है। साल 2022 में ग्रेटर नोएडा शहर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। ग्रेटर नोएडा की 10 लाख आबादी के लिए गंगाजल परियोजना का लोकार्पण साल-2022 में किया गया था। 

रोड सम्पर्क के मामले में अव्वल है ग्रेटर नोएडा

रोड कनेक्टीविटी के मामले में ग्रेटर नोएडा एनसीआर का सबसे बेहतर शहर कहा जाता है। यह शहर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे से पहले ही जुड़ा हुआ है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-91 भी पास से गुजरे हैं। इसके साथ ही यहां की चौड़ी सडक़ें अन्य शहरों से कहीं बेहतर हैं। वहीं, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के बनने से रेल कनेक्टीविटी के मामले में भी ग्रेटर नोएडा अन्य औद्योगिक शहर से आगे निकल गया है। यहां से मुंबई के लिए माल ढुलाई भी बहुत जल्द आसान हो जाएगी।  वर्तमान समय में ग्रेटर नोएडा की पहचान मोबाइल निर्माता कंपनियों के हब के रूप में हो रही है। ओप्पो, वीवो व सैमक्वांग जैसी बड़ी कंपनियां यहां से मोबाइल उत्पाद बना रही हैं। देश ही नहीं, दुनियां भर में यहां के निर्मित मोबाइल व उनके उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा टैक्सटाइल के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। टैक्सटाइल व रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़ी सैकड़ों कंपनियां ग्रेटर नोएडा से उत्पाद बनाकर विदेशों को निर्यात कर रही हैं। ये कंपनियां यहां के निवासियों के लिए, खासतौर पर महिलाओं के रोजगार का प्रमुख जरिया बनीं हुई हैं। 

ग्रेटर नोएडा में स्थापित है देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर

देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर ग्रेटर नोएडा में बन रहा है। हीरानंदानी ग्रुप ने इसे बनाया है। बीते साल इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस डाटा सेंटर से एक हजार युवाओं को रोजगार व 7000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। इससे देश के नागरिकों का डाटा सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। डाटा सेंटर क्षेत्र की कई और कंपनियां यहां अपनी इकाई स्थापित करने को आतुर हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की बड़ी कंपनियां जैसे एलजी व हायर आदि भी ग्रेटर नोएडा में अपने उत्पाद बना रही हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कार्यालय ई ऑफिस में पहले ही तब्दील हो चुका है। प्राधिकरण में सिर्फ ई-फाइलें ही बनती हैं। अगर कोई फरियादी कागज पर अप्लीकेशन लाता है तो भी उसे स्कैन करके ई-फाइल बना दी जाती है। उसी पर वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से अप्रूवल दिए जाते हैं। प्राधिकरण पेपरलेस हो चुका है। इसके साथ ही वन मैप ग्रेटर नोएडा के जरिए आप ग्रेटर नोएडा में किसी प्रॉपर्टी की लोकेशन कंप्यूटर की एक क्लिप पर देख सकते हैं। शहर में रोड, सीवर-पानी की लाइन, मार्केट, मॉल या फिर पुलिस स्टेशन, इन सबका आसानी से पता लगाया जा सकता है। आम जनता से जुड़े रहने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्स एप के जरिए भी 24 घंटे जुड़ा हुआ है।  

ग्रेटर नोएडा में उद्योगों के लिए विकसित हो रहे 8 नए सेक्टर

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा पहचान को और आगे ले जाने के लिए प्राधिकरण प्रयासरत है। ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के जरिए ग्रेटर नोएडा में बड़े पैमाने पर निवेश व रोजगार के द्वार खुलेंगे। उद्योगों को भूखंड उपलब्ध कराने के लिए 8 नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। 2023 में इन सेक्टरों  को विकसित कर आवंटित करने का लक्ष्य है। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक हब को धरातल पर उतारने की कोशिश की जाएगी। ग्रेटर नोएडा को स्वच्छता के पहले पायदान पर लाने के लिए प्राधिकरण के साथ ही हर नागरिक को अपना योगदान देना होगा। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्थापना दिवस 2026: 28 जनवरी को जानिए ग्रेटर नोएडा के 35 साल के विकास, औद्योगिक हब, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की योजनाएं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्थापना दिवस 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्थापना दिवस 2026
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 05:26 PM
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Greater Noida News : 28 जनवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपना स्थापना दिवस मना रहा है। यह दिन केवल एक विकास प्राधिकरण की वर्षगांठ नहीं, बल्कि उस सोच, संघर्ष और सुनियोजित विकास का प्रतीक है, जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण क्षेत्र को देश के सबसे आधुनिक और सुनियोजित शहरों में शामिल कर दिया। 28 जनवरी 1991 को स्थापित ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का उद्देश्य दिल्ली के बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और एक वैकल्पिक, सुव्यवस्थित शहर का निर्माण करना था। आज 35 वर्षों बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक, शैक्षणिक, आवासीय और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का मॉडल बन चुका है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना: विकास की दूरदर्शी सोच

ग्रेटर नोएडा की स्थापना ऐसे समय में हुई, जब यह इलाका मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर था। गांवों और खेतों के बीच बसे इस क्षेत्र में आधुनिक शहर की कल्पना करना आसान नहीं था। लेकिन मास्टर प्लान, सेक्टर आधारित विकास, चौड़ी सड़कें और हरित पट्टियों के साथ प्राधिकरण ने सुनियोजित विकास की मजबूत नींव रखी।

औद्योगिक विकास: पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़

ग्रेटर नोएडा बना औद्योगिक निवेश का बड़ा केंद्र

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका औद्योगिक विस्तार रहा है।

ईकोटेक, नॉलेज पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र और इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ने यहां निवेश की बाढ़ ला दी।

  • ऑटोमोबाइल
  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • आईटी और स्टार्टअप
  • लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग

इन क्षेत्रों में सैकड़ों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने निवेश किया, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला और पलायन पर लगाम लगी।

शिक्षा का हब बना ग्रेटर नोएडा

देश-विदेश के छात्रों की पहली पसंद

ग्रेटर नोएडा आज एजुकेशन हब के रूप में भी जाना जाता है।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, शारदा विश्वविद्यालय, गलगोटिया विश्वविद्यालय समेत दर्जनों निजी और सरकारी संस्थानों ने इस शहर को ज्ञान का केंद्र बना दिया है।

  • उच्च शिक्षा
  • रिसर्च और इनोवेशन
  • स्किल डेवलपमेंट

इन सभी क्षेत्रों में प्राधिकरण की नीतियों का अहम योगदान रहा है।

आवासीय विकास: रहने के लिए पसंदीदा शहर

मिडिल क्लास से लेकर हाई-एंड सोसाइटी तक

ग्रेटर नोएडा में आवासीय विकास भी तेजी से हुआ है।

हाईराइज सोसाइटी, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड सेक्टर और किफायती आवास योजनाओं ने इसे दिल्ली-एनसीआर का एक प्रमुख रेजिडेंशियल हब बना दिया।

  • चौड़ी सड़कें
  • पार्क और ग्रीन बेल्ट
  • जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम
  • सामुदायिक सुविधाएं

इन कारणों से ग्रेटर नोएडा को “लिवेबल सिटी” माना जाता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: कनेक्टिविटी की नई पहचान

एक्सप्रेसवे, मेट्रो और एयरपोर्ट से मिली रफ्तार

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस किया।

  • यमुना एक्सप्रेसवे
  • ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
  • मेट्रो कनेक्टिविटी
  • प्रस्तावित रेलवे परियोजनाएं

सबसे बड़ी उपलब्धि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जिसने ग्रेटर नोएडा को वैश्विक व्यापार और निवेश के नक्शे पर ला दिया है।

विकास के साथ चुनौतियां भी

भूमि, पर्यावरण और आबादी का दबाव

तेजी से बढ़ते विकास के साथ प्राधिकरण को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा।

  • भूमि अधिग्रहण विवाद
  • किसानों का मुआवजा
  • पर्यावरण संतुलन
  • बढ़ती आबादी का दबाव

हालांकि संवाद, नीतिगत सुधार और स्मार्ट सिटी अवधारणा के जरिए इन समस्याओं से निपटने के प्रयास लगातार जारी हैं।

स्थापना दिवस 2026: भविष्य की विकास गाथा का संकल्प

28 जनवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का स्थापना दिवस अतीत की उपलब्धियों को याद करने और भविष्य की नई योजनाओं का संकल्प लेने का अवसर है।

ग्रेटर नोएडा आज सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते विकास मॉडल का मजबूत उदाहरण बन चुका है। गांवों से निकलकर ग्लोबल सिटी बनने की यह यात्रा आने वाले वर्षों में और भी नई ऊंचाइयों को छुएगी। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा में दो अलग-अलग सड़क हादसे, दो घायल

टक्कर के बाद सुनील शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। शिकायत में कहा गया है कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। परिजन घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 12:48 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग एक बार फिर हादसों की वजह बनी है। अलग-अलग इलाकों में हुए दो सड़क हादसों में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवारों की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कर लिए हैं और वाहन नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान व तलाश की जा रही है।

परिजनों ने दर्ज कराई रिपोर्ट

पहला मामला ग्रेटर नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र का है। डेरी मच्छा गांव निवासी राहुल शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पिता सुनील शर्मा 12 जनवरी की सुबह बाइक से नोएडा जा रहे थे। आरोप है कि बिसरख मोड़–छपरौला के पास तेज गति से आ रहे ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद सुनील शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। शिकायत में कहा गया है कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। परिजन घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है।

बिसरख पुलिस ने तेज की जांच

दूसरी घटना ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख क्षेत्र की बताई जा रही है। चिपियाना खुर्द निवासी फूलों देवी ने बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार 19 दिसंबर को उनके पति विष्णु देव महतो को शनि मंदिर के पास एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में विष्णु देव महतो घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जांच में उनके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में पीड़ितों की तहरीर के आधार पर लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित पक्ष द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द कार्रवाई का दावा किया गया है। Greater Noida News

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