जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ विकसित हो रहा है बड़ा भविष्य

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ भविष्य का सबसे सुन्दर तथा सबसे विशाल शहर विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ 2689 वर्ग किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर विकसित होगा।

यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह
यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar18 Feb 2026 02:32 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट का बहुत जल्दी उद्घाटन हो जाएगा। अगले कुछ दिनों में ही जेवर एयरपोर्ट से हवाई यातायात शुरू हो जाएगा। इस दौरान जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ भविष्य का सबसे सुन्दर तथा सबसे विशाल शहर विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के पूरे क्षेत्र की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ 2689 वर्ग किलोमीटर के दायरे में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर विकसित होगा।

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा के पास मौजूद है बहुत बड़ा लैंड बैंक

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के पास बहुत बड़ा लैंड बैंक मौजूद है। जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा का लैंड बैंक 2689 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यीडा के पास मौजूद लैंड बैंक का साईज दो लाख 68 हजार हेक्टेयर से भी अधिक है। इतना ही नहीं यीडा के अधिकारी जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ लैंड बैंक को बढ़ाने का लगातार काम कर रहे हैं। यीडा के सीईओ (CEO) राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में योजनाबद्ध ढंग से लैंड बैंक को बढ़ाया जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ खरीदी जा रही है जमीन

यीडा के सीईओ ( CEO) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने तकरीबन 4856 करोड़ रुपये से 2700 एकड़ जमीन क्रय की है। यह जमीन पूर्व नियोजित सेक्टरों के अलावा मास्टर प्लान 2041 में नियोजित सेक्टरों में भी खरीदी गई है। प्राधिकरण आगामी वित्त वर्ष के लिए भी जमीन खरीद की मद में सबसे अधिक धनराशि आवंटित करने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यीडा के बजट में पिछले दो वित्त वर्ष से सबसे अधिक आवंटन जमीन खरीद के लिए हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट स्थापित होने के बाद से प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे जमीन की मांग में भी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि जमीन क्रय के लिए धनराशि की कमी दूर करने के लिए यीडा ने मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान है। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण अभी तक इस योजना के तहत प्रदेश सरकार से तीन हजार करोड़ का ऋण ले चुका है। चालू वित्त वर्ष में भी प्राधिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने डेढ़ हजार करोड़ रुपये का ऋण को मंजूर किया है। 

YEIDA का लैंड बैंक: कहां-कहां फैला है पूरा क्षेत्र ?

यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का यह विशाल क्षेत्र उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में फैला हुआ है। इन जिलों में गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस तथा आगरा जिले शामिल हैं। इस पूरे क्षेत्र को यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर करीब 25 किलोमीटर के दायरे में विकसित किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट इसी लैंड बैंक के केंद्र में स्थित है, जिससे इस पूरे इलाके की अहमियत कई गुना बढ़ गई है।

लैंड बैंक का सेक्टर-वाइज उपयोग (योजनाबद्ध वितरण)

YEIDA के मास्टर प्लान के अनुसार, करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर के इस लैंड बैंक को अलग-अलग उपयोगों के लिए चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है—


·    औद्योगिक क्षेत्र:

भारी उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, MSME क्लस्टर, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स


·    आवासीय क्षेत्र:

ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड हाउसिंग, किफायती आवास


·    वाणिज्यिक क्षेत्र:

ऑफिस स्पेस, आईटी पार्क, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट


·    लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग:

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सपोर्ट ज़ोन


·    संस्थागत और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर:

विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर


·    ग्रीन और बफर ज़ोन:

पर्यावरण संतुलन के लिए बड़े ग्रीन बेल्ट

जेवर एयरपोर्ट के आसपास सबसे ज्यादा फोकस क्यों?

जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 10–15 किलोमीटर के दायरे में स्थित जमीन को YEIDA ने हाई-प्रायोरिटी डेवलपमेंट ज़ोन घोषित किया है। इसी क्षेत्र में एयरोसिटी, फिल्म सिटी, एयरपोर्ट आधारित उद्योग, होटल और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि YEIDA के पूरे लैंड बैंक में सबसे अधिक रिटर्न और विकास की रफ्तार जेवर एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस ज़ोन में देखने को मिलेगी।

निवेश और रोजगार के लिहाज से कितना अहम है यह लैंड बैंक ?

  1. करीब 2.68 लाख हेक्टेयर के इस लैंड बैंक पर योजनाबद्ध विकास से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, निर्यात आधारित उद्योगों को नया केन्द्र तैयार होने की संभावना है।
  2. YEIDA क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के ग्रोथ इंजन के रूप में देखा जा रहा है, जहां जमीन उपलब्ध है, कनेक्टिविटी मजबूत है और नीतियां निवेश-अनुकूल हैं। इस विशाल क्षेत्र को जोड़ने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से लिंक, प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इसे देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल कर रही हैं।
  3. करीब 2,689 वर्ग किलोमीटर का यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का लैंड बैंक केवल जमीन का आंकड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य की रीढ़ है। जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़कर यह लैंड बैंक आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और शहरी विकास का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। साथ ही जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ सबसे सुन्दर तथा सबसे बड़ा शहर स्थापित हो जाएगा। Jewar Airport

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2700 एकड़ की बड़ी डील! जेवर एयरपोर्ट के पास बसेंगे नए सेक्टर

यीडा के मुताबिक, इससे पुराने सेक्टरों में विवादों के चलते रुकी परियोजनाओं को अब जरूरी भूमि उपलब्ध होगी और जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर के आसपास नए सेक्टरों, उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की राह खुल जाएगी।

जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar18 Feb 2026 10:22 AM
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Jewar Airport : ग्रेटर नोएडा के पास तैयार हो रहा जेवर एयरपोर्ट अब सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का सबसे बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। उड़ानें शुरू होने की उलटी गिनती के बीच इसका असर जमीन पर भी साफ दिखने लगा है,यमुना सिटी में जमीन की मांग अचानक से तेज हो गई है। बढ़ती मांग को भांपते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में किसानों से 2700 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदकर विकास की बड़ी तैयारी कर दी है। इस खरीद पर करीब 4856 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है। यीडा के मुताबिक, इससे पुराने सेक्टरों में विवादों के चलते रुकी परियोजनाओं को अब जरूरी भूमि उपलब्ध होगी और जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर के आसपास नए सेक्टरों, उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की राह खुल जाएगी।

मास्टर प्लान 2041 के तहत विकसित होंगे 46 नए सेक्टर

यीडा अधिकारियों के मुताबिक मास्टर प्लान-2041 के तहत जेवर एयरपोर्ट बेल्ट में जमीन जुटाने की कवायद लगातार तेज चल रही है। यमुना सिटी में अब तक 52 सेक्टर आकार ले चुके हैं, जबकि अगले चरण में 46 नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित सूची में सेक्टर-4, 5, 5A, 8A, 8D, 8F और 11 जैसे अहम सेक्टर शामिल हैं, जहां यीडा किसानों से सीधे भूमि क्रय कर रहा है ताकि जेवर एयरपोर्ट के आसपास बनने वाले औद्योगिक क्लस्टर और नई शहरी बसावट को ठोस आधार मिल सके। प्राधिकरण का दावा है कि जमीन खरीद की रफ्तार फंड की कमी से प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री औद्योगिक विस्तारीकरण योजना के तहत मिलने वाले ब्याजमुक्त ऋण का रणनीतिक इस्तेमाल भी किया जा रहा है। यीडा के अनुसार अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच हर महीने औसतन करीब 500 करोड़ रुपये भूमि खरीद पर खर्च हुए। करीब 10 महीनों में किसानों को 3710 करोड़ रुपये (लगभग 64.7%) भुगतान किया जा चुका है, जबकि करीब 1177 करोड़ रुपये बैनामा और अधिग्रहीत भूमि के भुगतान में दिए गए हैं

यमुना सिटी को मिलेगी नई पहचान

यीडा की रणनीति अब बिल्कुल साफ दिख रही है जेवर एयरपोर्ट को केंद्र में रखकर यमुना सिटी को एक आधुनिक इंडस्ट्रियल-टेक कॉरिडोर के रूप में तेजी से खड़ा किया जा रहा है। इसी रोडमैप के तहत सेक्टर-11 में करीब 750 एकड़ में फिनटेक हब की परिकल्पना की गई है, ताकि टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा इकोसिस्टम तैयार हो सके। वहीं एयरपोर्ट के बिल्कुल आसपास सेक्टर-8D को लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिससे कार्गो मूवमेंट और सप्लाई चेन को नई गति मिलेगी। इस पूरे विकास मॉडल को जमीन पर उतारने के लिए यीडा आंतरिक सड़कों, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए भी तेजी से भूमि जुटा रहा है, ताकि जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़ी अर्थव्यवस्था को बिना रुकावट रफ्तार मिल सके।

जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर में हेल्थकेयर इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा

यमुना सिटी के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर भी गतिविधियां बढ़ी हैं। यीडा के मुताबिक कैंसर समेत सहायक चिकित्सा उपकरणों के निर्माण और निर्यात पर फोकस के साथ कई कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। अधिकारियों के अनुसार हाल ही में दुबई में आयोजित WHX Dubai कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जहां मेडिकल डिवाइस पार्क को मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के वैश्विक केंद्र के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। इस प्रतिनिधिमंडल में यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और उद्योग विभाग के विशेष सचिव चंद्र विजय समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। यीडा का कहना है कि विप्रो GE हेल्थकेयर के साथ भी बैठक हुई है, जो मेडिकल डिवाइस पार्क में प्लांट लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। इसके अलावा जापान की ऑलम्पस, स्वीडन की इलेक्टा और सीमेंस हेल्थीनियर्स के साथ भी निर्माण इकाइयां स्थापित करने को लेकर चर्चा चल रही है। Jewar Airport

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जेवर एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन की नाइट एंट्री, एजेंसियां सतर्क

खास बात यह है कि जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र नो-ड्रोन जोन में आता है और यहां बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना सख्त तौर पर प्रतिबंधित है। इसके बावजूद बार-बार ड्रोन की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Feb 2026 01:52 PM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर एक नई और चिंताजनक हलचल सामने आई है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास रात के समय अवैध ड्रोन उड़ाने की गतिविधि देखी गई है। खास बात यह है कि जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र नो-ड्रोन जोन में आता है और यहां बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना सख्त तौर पर प्रतिबंधित है। इसके बावजूद बार-बार ड्रोन की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

रात के अंधेरे में ड्रोन की घुसपैठ

एयरपोर्ट के सिक्योरिटी ऑफिसर कृष्णकांत पांडे ने इस संबंध में थाना जेवर में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि पिछले 2–3 दिनों से रात के समय ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं। आरोप है कि ये ड्रोन ग्राम रनहेरा कुरैब की तरफ से झाझर रोड दिशा से आते हैं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के परिसर में प्रवेश कर कुछ देर तक मंडराते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं।

सरकार ने घोषित किया है नो-ड्रोन फ्लाई जोन

शिकायत के मुताबिक, भारत सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र को पहले से नो-ड्रोन फ्लाई जोन घोषित कर रखा है। इसके बाद भी ड्रोन की उड़ानें सामने आना सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ऐसे में प्रतिबंधित इलाके में ड्रोन की गतिविधि को सुरक्षा एजेंसियां संभावित जोखिम के तौर पर देख रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की उड़ानें न सिर्फ नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि परिसर की सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक हैं। Jewar Airport

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