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उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस संबंध में शासन के संयुक्त सचिव द्वारा 17 फरवरी को YEIDA के सीईओ को पत्र भेजा गया है।

Jewar News : जेवर एयरपोर्ट के आसपास बढ़ते ट्रैफिक और भविष्य के कार्गो मूवमेंट को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कनेक्टिविटी से जुड़ी एक अहम परियोजना को रफ्तार दे दी है। यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके तहत YEIDA क्षेत्र के 16 गांवों में करीब 740 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को 1204 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस संबंध में शासन के संयुक्त सचिव द्वारा 17 फरवरी को YEIDA के सीईओ को पत्र भेजा गया है।
लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) कराएगा। प्रस्ताव के अनुसार यह सड़क गंगा एक्सप्रेसवे पर बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र (44.3 किमी पॉइंट) से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-21/फिल्म सिटी के पास (24.8 किमी पॉइंट) आकर जुड़ेगी। परियोजना का करीब 20 किमी हिस्सा JEWAR–YEIDA क्षेत्र में आएगा। इसमें करीब 9 किमी हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा। स्थानीय ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए सर्विस रोड भी विकसित की जाएगी, ताकि जेवर क्षेत्र के गांवों की आवाजाही बाधित न हो। लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जिन 16 गांवों की करीब 740 एकड़ जमीन खरीदी जानी है, उस पर 1204 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जेवर क्षेत्र में मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रह्मनान, रबूपूरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा जैसे गांवों में प्राधिकरण ने सर्वे के बाद जमीन खरीद की तैयारी तेज कर दी है। प्रक्रिया के तहत YEIDA जमीन खरीदकर UPEIDA को सौंपेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य UPEIDA के जरिए आगे बढ़ेगा।
गंगा–यमुना लिंक एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट कुल 56 गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 गांव और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। बुलंदशहर में खुर्जा तहसील के 14 गांव और शेष बुलंदशहर, सियाना व शिकारपुर क्षेत्रों के गांव बताए गए हैं। परियोजना को करीब 4000 करोड़ रुपये में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का आकलन है कि जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में वाहनों खासतौर पर कार्गो और भारी वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ेगा। एयरपोर्ट पर मालवाहक विमानों के संचालन की तैयारी के चलते लॉजिस्टिक्स की जरूरत और बढ़ जाएगी। ऐसे में यह लिंक एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर जेवर को एक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी हब में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस लिंक के बनने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी अधिक मजबूत होगी। आगरा से ग्रेटर नोएडा तक सफर सुगम होने के साथ-साथ गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता भी बढ़ेगी खासतौर पर तब, जब उसे जेवर एयरपोर्ट से डायरेक्ट लिंक मिलेगा। इससे कार्गो वाहनों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में समय और लागत दोनों के स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। Jewar News