एक नेगेटिव खबर बन गई जेवर एयरपोर्ट की स्थापना का कारण
एक नेगेटिव खबर ऐसी रही कि उसी खबर के कारण उत्तर प्रदेश में जेवर एयरपोर्ट बन गया है। जेवर एयरपोर्ट की स्थापना के लिए रास्ता खोलने वाली इस नेगेटिव खबर का किस्सा बहुत ही रोचक है। कहा जाता है कि नेगेटिव खबर हमेशा देश तथा समाज का नुकसान करती है।

Jewar Airport : एक नेगेटिव खबर ऐसी रही कि उसी खबर के कारण उत्तर प्रदेश में जेवर एयरपोर्ट बन गया है। जेवर एयरपोर्ट की स्थापना के लिए रास्ता खोलने वाली इस नेगेटिव खबर का किस्सा बहुत ही रोचक है। कहा जाता है कि नेगेटिव खबर हमेशा देश तथा समाज का नुकसान करती है। इस मामले में यह बात उल्टी साबित हो गई। नेगेटिव खबर ने जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता आसान बनाने का काम कर दिया।
जब जमीन नहीं देना चाहते थे जेवर क्षेत्र के किसान
बात वर्ष-2018 की है। भारत सरकार ने 2018 में जेवर एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दे दी थी। सरकार से मंजूरी मिलने के साथ ही जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन के अधिग्रहण का काम शुरू हो गया था। उस समय जेवर क्षेत्र के किसानों ने एयरपोर्ट के लिए जमीन देने से मना कर दिया। किसानों को मनाने के लिए एक अधिकारी ने दिमाग लगाया। उस अधिकारी ने जेवर एयरपोर्ट को लेकर एक फर्जी समाचार (नेगेटिव खबर) प्रकाशित करवा दी।
खबर थी कि जेवर से पलवल जा रहा है एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट को लेकर प्रकाशित कराई गई नेगेटिव खबर में कहा गया था कि जमीन ना मिलने के कारण एयरपोर्ट जेवर से हटकर हरियाणा के पलवल में जा रहा है। खबर में यह भी लिखा गया था कि जेवर एयरपोर्ट के यहां से जाने का सबसे अधिक नुकसान जहां काश्तकारों का होगा। वहीं क्षेत्र का विकास भी पिछड़ जाएगा। विकास रुकने के डर की इस खबर ने अपना काम कर दिया और अगले ही दिन से सहमति मिलना शुरू हो गईं। जेवर में एयरपोर्ट नहीं बनने से नुकसान की यह बात कुछ किसान नेताओं और प्रगतिशील काश्तकारों को समझ में आ गई थी। इसके बाद जमीन मिलने में कोई दिक्कत नहीं आई। किसानों ने खुद आगे आकर अपनी जमीनें देने के लिए सहमति दी। अधिकारियों और शासन ने भी किसानों को निराश नहीं किया। Jewar Airport
Jewar Airport : एक नेगेटिव खबर ऐसी रही कि उसी खबर के कारण उत्तर प्रदेश में जेवर एयरपोर्ट बन गया है। जेवर एयरपोर्ट की स्थापना के लिए रास्ता खोलने वाली इस नेगेटिव खबर का किस्सा बहुत ही रोचक है। कहा जाता है कि नेगेटिव खबर हमेशा देश तथा समाज का नुकसान करती है। इस मामले में यह बात उल्टी साबित हो गई। नेगेटिव खबर ने जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता आसान बनाने का काम कर दिया।
जब जमीन नहीं देना चाहते थे जेवर क्षेत्र के किसान
बात वर्ष-2018 की है। भारत सरकार ने 2018 में जेवर एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दे दी थी। सरकार से मंजूरी मिलने के साथ ही जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन के अधिग्रहण का काम शुरू हो गया था। उस समय जेवर क्षेत्र के किसानों ने एयरपोर्ट के लिए जमीन देने से मना कर दिया। किसानों को मनाने के लिए एक अधिकारी ने दिमाग लगाया। उस अधिकारी ने जेवर एयरपोर्ट को लेकर एक फर्जी समाचार (नेगेटिव खबर) प्रकाशित करवा दी।
खबर थी कि जेवर से पलवल जा रहा है एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट को लेकर प्रकाशित कराई गई नेगेटिव खबर में कहा गया था कि जमीन ना मिलने के कारण एयरपोर्ट जेवर से हटकर हरियाणा के पलवल में जा रहा है। खबर में यह भी लिखा गया था कि जेवर एयरपोर्ट के यहां से जाने का सबसे अधिक नुकसान जहां काश्तकारों का होगा। वहीं क्षेत्र का विकास भी पिछड़ जाएगा। विकास रुकने के डर की इस खबर ने अपना काम कर दिया और अगले ही दिन से सहमति मिलना शुरू हो गईं। जेवर में एयरपोर्ट नहीं बनने से नुकसान की यह बात कुछ किसान नेताओं और प्रगतिशील काश्तकारों को समझ में आ गई थी। इसके बाद जमीन मिलने में कोई दिक्कत नहीं आई। किसानों ने खुद आगे आकर अपनी जमीनें देने के लिए सहमति दी। अधिकारियों और शासन ने भी किसानों को निराश नहीं किया। Jewar Airport











