Saturday, 18 May 2024

Astrology Tips: पेड़ों की जड़ों से बदले अपनी किस्मत ! अचूक हैं ये उपाय

  Astrology Tips:  हमारे जीवन में कई बार देखा जाता है तमाम मेहनत करने के बावजूद, रूप गुण संपन्नता होने…

Astrology Tips: पेड़ों की जड़ों से बदले अपनी किस्मत ! अचूक हैं ये उपाय

 

Astrology Tips:  हमारे जीवन में कई बार देखा जाता है तमाम मेहनत करने के बावजूद, रूप गुण संपन्नता होने के बाद भी हमें तमाम समस्याएं घेर लेती हैं और सफलता हाथ नहीं लगती।  इतना ही नहीं बीमारियां भी अपना असर दिखाती रहती है। और इस सब का कारण वह व्यक्ति नहीं होता बल्कि हमारे कुछ ग्रह होते हैं।  ज्योतिष में कहा जाता है कि तमाम ग्रहों के प्रभाव से व्यक्ति की सफलता, बीमारी, पढ़ने ना पढ़ने की आदत, वैवाहिक सुख आदि निर्भर करता है । लेकिन व्यक्ति के हाथ में कर्म के साथ सब कुछ संभव है, ज्योतिष इसमें हमारा रास्ता दिखाने का काम करता है। हम परिस्थितियों के सामने घुटने नहीं टेक सकते ना टेकने चाहिए।  कैसे हम बीमारी का इलाज करते हैं डॉक्टर के पास जाते हैं, ऐसे ही हम अपने ग्रहों को अपने अनुकूल बनाकर सफल सुंदर स्वस्थ जिंदगी बना सकते हैं।  इस बारे में आचार्य पंडित सुरेश पांडे ग्रहों को अनुकूल बनाने के लिए वनस्पति के खजाने को महत्वपूर्ण बताते हैं।

वनस्पति जड़ों में तमाम समस्याओं का निदान और सफलता संभव…

 कहा जाता है प्रकृति जीवन है।  निश्चित रूप से हमें प्रकृति में हर समस्या का निदान खोजना ही चाहिए । प्रकृति को अपने जीवन में अपना कर हम रतन के बराबर उनका शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं और उनको अपने औषधीय गुण में भी अपना कर अपने जीवन को स्वस्थ और सुंदर बना सकते हैं। प्रकृति हमारे जीवन की ईश्वरीय देन है।  हम कैसे वनस्पति को अपने जीवन से जोड़ें…आज हम आपको बताते हैं कि किस तरह से हम अपने जीवन को वनस्पति जड़ों के इस्तेमाल से सफल बना सकते हैं । जानिए किस समस्या में कौन सी वनस्पति की जड़ हमारे जीवन को सुख में बदल सकती है और किस राशि का स्वामी किस जड़ को धारण करने से विभिन्न समस्याओं का निदान कर सकता है।

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विभिन्न पेड़ों की जड़ों का कारगर उपाय जीवन की सफलता के लिए

आपको लिए चलते  हैं वनस्पति की दुनिया में… वनस्पति की जड़ कैसे धारण करने से समस्याओं को दूर कर सफलता की तरफ ले जाती है।…. यही नहीं, राशि अनुसार भी उनका इस्तेमाल किस पेड़ की जड़ को अपनाकर अपना भाग्य उदय करें यह सब जानकारी पूर्ण वनस्पति तथ्य और ज्योतिष के आधार पर आपके लिए दी जा रही है।  इस जानकारी में ज्योतिष आचार्य पंडित सुरेश पांडे जी का विश्वास है की वनस्पति हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण है इस बारे में हम कुछ प्रतिक्रियाएं भी आपके सामने व्यक्त करने जा रहे हैं कि यह तथ्य कितने वैज्ञानिक या सामाजिक रूप से भारतीय संस्कृति में स्थान रखते हैं।

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परीक्षा के समय छात्र को घबराहटकी समस्या हो तो.. कई बार देखा जाता है जब परीक्षा होती है तो छात्रों का मन घबराने लगता है । सब कुछ याद होने पर भी वह उसे वहां लिखने में या बताने में असहाय महसूस करते हैं। इस स्थिति के लिए सूर्य ग्रह की स्थिति कमजोर हो सकती है। सूर्य ग्रह को आत्मा का कारक माना गया है, बेल का संबंध आत्मा से माना गया है। जिन्हे परीक्षा के समय घबराहट होती है ,बीमार हो जाते हैं, उत्तर नहीं दे पाते इसका अर्थ है कि उनका सूर्य ग्रह कमजोर है और कुंडली में सूर्य खराब।  ऐसे में जातक परीक्षा के समय सही काम नहीं न कर पाता। तो आप बेल की जड़ को गंगा जल से धोकर और पिंक कलर के धागे में बांधकर दाएं हाथ की बाजू या गले में धारण करें। बेल के पेड़ का संबंध सूर्य ग्रहण से है। बेल की जड़ धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी ,हृदय पेट रीड की हड्डी से जुड़े रोग परेशान कर रहे हैं तो उन्हें भी बेल की जड़ धारण करनी चाहिए इससे लाभ मिलेगा। रविवार के दिन बेल की जड़ को धारण करना शुभ माना जाता है । बेल की जड़ को गंगा जल से धोकर सूर्य का मंत्र जपना चाहिए। यदि आपकी राशि में सूर्य की दशा चल रही है और उसमें राहु है तो ये आपके पिता के लिए प्रभावित करने वाला होता है ऐसे में सूर्य की शांति कर लेनी चाहिए। किसी जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं को या लाल कपड़े का दान करना चाहिए। सूर्य को प्रातः जल चढ़ाना चाहिए और सूर्य का मंत्र पढ़ना चाहिए।

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विवाह में देरी होना , मीडिया की दुनिया में आपको सफलता नहीं मिल रही , शहर में आपको नुकसान होता है तो इसका संबंध शुक्र ग्रह से है।  कुंडली में शुक्र ग्रह खराब फल दे रहा है तो अपने दाहिनी बाजू में सरपौंखपंखा की जड़ को धारण करें। बुखार खांसी नपुंसकता दूर होती है संतान का सुख मिलता है शुक्रवार के दिन सेरपौंखा की जड़ को धारण करना चाहिए। किसी मंदिर में इत्र या गाय की दही का दान करें।

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अगर आप किसी मुसीबत में फंस जाते हैं यात्रा करते समय आपको हमेशा मुश्किल आती है तो चंदन के पेड़ की जड़ का संबंध राहु से है। राहु कठोर होने से वाणी चोरी, बदनामी यात्रा का कारक माना गया है । राहु की अच्छी स्थिति हो तो व्यक्ति को ऐश्वर्य प्राप्त होता है और अगर यह बुरा प्रभाव दे रहा है तो दाई बाजू पर चंदन की जड़ को धारण करें। झरना मिले तो दो सेंटीमीटर चंदन को भी गले या बाजू में धारण कर सकते हैं। साहस के कारण अगर आपके काम में कोई रुकावट आ रही है तो भी चंदन की जड़ मानसिक तनाव और पुराने रोगों से भी मुक्ति दिलाता है और हिम्मत भी बढ़ती है ।

अगर किसी काम में देरी होती है तो क्या करें… बिच्छू के पेड़ की जड़ का संबंध शनि से है. शनि को आयु रोग गम तकनीकी सेवक का कारक ग्रह माना गया है।  शनि दोष होने से व्यक्ति का जीवन कष्ट से भर जाता है।  इसलिए उसका दोष कम करने के लिए बिच्छू के पेड़ की जड़ को धारण करना चाहिए । ढैया ,साढेसाती और महादशा के बुरे प्रभाव से भी बिच्छू की जड़ धारण करने से मुक्ति मिलती है । गठिया और नसों का रोग भी दूर होता है.. बिच्छू की जड़ को शनिवार के दिन धारण करना चाहिए।  नीले रंग के धागे में भी छुपी जड़ गंगाजल से धोकर ओम शनि शनिश्चरायनमः मंत्र करते हुए 108 बार मंत्र पढ़कर दाहिनी बाजू में धारण करना चाहिए… किसी जरूरतमंद व्यक्ति को तवा, काले तिल या सरसों का तेल दान करना चाहिए.

मां के जीवन में कष्ट हो तो…मां और मन दोनों का कारक चंद्रमा है जिस व्यक्ति पर मां का आशीर्वाद हो उसका चंद्रमा कभी खराब नहीं कर सकता। चंद्रमा ग्रहण के साथ हो तो उसकी मां जीवन में दुखी रहेगी। ऐसे व्यक्ति के चेहरे पर हमेशा उदासी और नकारात्मकता होती है और उसे मंगल में भी अमंगल दिखाई देता है ,तो खिरनी की जड़ का संबंध चंद्रमा से है। खिरनी की जड़ को सफेद धागे में बांधकर दाए हाथ की बाजू में सोमवार के दिन धारण करनी चाहिए। हमेशा कोई ना कोई टेंशन रहती है उन्हें खिरनी की जड़ को गंगाजल से धोकर ओम सम सम आओ नमः मंत्र जाप धारण करते हुए सोमवार के दिन सफेद कपड़े में बांधकर अपनी दाहिनी बाजू पर धारण करना चाहिए और किसी मंदिर में कपूर गाय का घी या शक्करदान करना चाहिए।

Astrology Tips बच्चे पढ़ाई के दौरान भूलने की मुश्किल में पढ़ जाएँ …जब पढ़ाई की बात करते हैं उसका संबंध बुध ग्रह से होता है जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है वह पढ़ाई में जीरो होते  है।  2 घंटे के बाद ही भूल जाते हैं, इसलिए मजबूत करने के प्रयास किए जाने चाहिए।  छोटी-छोटी बातों पर घबराहट होने लगती है, अगर आपकी कुंडली में बुध खराब फल दे रहा है तो अपनी दाहिनी बाजू में विधारा की जड़ धारण करनी चाहिए । जिनको चर्म रोग नसों से जुड़े रोग  की समस्या रहती है उन्हें भी विधारा की जड़ धारण करनी चाहिए।  धागे को गंगाजल सी धोकर दायें हाथ की बाजू में धारण करना चाहिए और अगर हाथ में नहीं पहन सकते तो गले में भी धारण कर सकते हैं। हर रोज बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए । किसी मंदिर में हरा कपड़ा या कांसे का बर्तन भी दान करें यह शुभ फल देने वाला है।

नकारात्मकता दूर करने के लिए.,केतु को धन सेहत शत्रु नकारात्मक ऊर्जा का ग्रह माना गया है । अपनी दहिनी बाजू में अश्वगंधा की जड़ बांधनी चाहिए और उसको नीले रंग के धागे में बांधकर धारण करने से दोष से मुक्ति मिलती है और जो लोग मानसिक रोग या संक्रामक रोग से प्रभावित हो उन्हें सुगंधा की जड़ धारण करनी चाहिए । अश्वगंधा की जड़ को बुधवार के दिन धारण कर सकते हैं बुधवार के दिन अश्वगंधा के जड़ को काले यानीले रंग के धागे में बांधकर गंगाजल से धोकर मंत्र का जाप करते हुए धारण करे।

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राशि अनुसार वनस्पति की जड़ों को धारण करने का महत्व

मिथुन राशि… मिथुन राशि का स्वामी बुध ग्रह होता है इनको भाग्यउदय के लिए पन्ना रत्न धारण करना चाहिए लेकिन समर्थ नहीं है तो त अपने दाहिनी बाजू पर विधायक की जड़ को धारण करना चाहिए।

वृषभ राशि के लोगों को भाग्योदय के लिए हीरा या जरकन या ओपल पहनना चाहिए। लेकिन अगर यह रत्न पहनने में सक्षम नहीं हैं तो आपको सरपौंखा की जड़ धारण करनी चाहिए। अगर आपका शुक्र ग्रह खराब है तो आप अपने पति या पत्नी का सम्मान शुरू कर दे तो आपका शुक्र मजबूत हो जाता है।

सिंह राशि.. सिंह राशि का स्वामी सूर्य है अपने सर्वांगी विकास के लिए आपको माणिक्य रत्न पहनना चाहिए लेकिन अगर आप मानिक के रत्न धारण नहीं कर सकते तो आपको बेल की जड़ धारण करने से माणिक्य फल जैसा ही शुभ लाभ मिलेगा.

कन्या राशि के लोग के जातकों को भाग्योदय के लिए पन्ना रत्न पहनना चाहिए और अगर आप  नहीं पहन सकते तो आपको दाहिने बाजू में विधारा की जड़ धारण करनी चाहिए।

तुला राशि तुला राशि के लोगों को हीरा या ओपल धारण करना चाहिए उसको या फिर सर पंखा की जड़ को जो हीरे जैसा ही फल देता है उसको अपने दाहिनी हाथ की बाजू में धारण कर लेना चाहिए।

वृश्चिक राशि को अपनी भाग्य में चार चांद लगाने के लिए मूंगा धारण करना चाहिए अगर आप मूंगा धरण नहीं कर सकते तो अपनी दाहिने हाथ की बाजू में अनंत मूल की जड़ को धारण करें।

धनु राशि धनु राशि के जातकों को अपने भाग्य उदय के लिए पुखराज रत्न धारण करना चाहिए और अगर आप पुखराज धारण नहीं कर सकते हैं तो आपको केले के पेड़ की जड़ पीले रंग के धागे में बांधकर गुरुवार के दिन धारण करें तो पुखराज जैसा ही फल मिलेगा।

मकर राशिवालों को अपनी किस्मत चमकाने के लिए धारण करने की सलाह दी जाती है और अगर आप नीलम धारण नहीं कर सकती तो आपको बिच्छू के पेड की जड़ नील धागे में बांधकर दाहिनी बाजू में शनिवार के दिन धारण करनी चाहिए। ओम शनि शनिश्चराय मंत्र का जप भी करना चाहिए

कुंभ राशिवालों को अपनी तरक्की के लिए और भाग्य उदय के लिए आपको नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है लेकिन आप बिच्छू के पेड़ की जड़ धारण करें तो यह आपको नीलम जैसा ही फल देगा।

मीन राशिवालों को अपने भाग्य उदय के लिए पुखराज धारण करना चाहिए पुखराज धारण नहीं कर पाए तो केले की जड़ को धारण करना चाहिए

विशेषज्ञों की राय

योग गुरु प्रतिभा शर्मा का कहना है वनस्पति खासतौर से पेड़ों की जड़ का जीवन में अत्यंत ऊंचा स्थान है।ज्योतिषाचार्य अगर पन्ना ,पुखराज, नीलम आदि धारण करने के बजाय वनस्पति की जड़ों को धारण करने का सुझाव देते हैं तो यह वैज्ञानिक दृष्टि से और भी अधिक उत्तम है क्योंकि जब हम प्रकृति के सानिध्य में जाते हैं तो उनकी खुशबू और उसके जीवन को बदलते हैं और अगर ज्योतिष विभिन्न पेड़ों की जड़ों को किस्मत बदलने के लिए अपनी राय देता है तो इसे अपनाने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि हमारे धार्मिक जीवन में और प्राचीन सभ्यता में केले की छाल, अगर हम धारण करेंगे तो वह हमारे शरीर को अपनी चूर्ण से प्रभावित करेगी और उसके गुण हमारी मानसिकता हमारी सकारात्मक के लिए प्रभावी होंगे और उनसे नकारात्मकता भी दूर होगी।

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पेड़ों की जड़ों का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान; पर्यावरण प्रेमी राजेंद्र गुप्ता

राजेंद्र गुप्ता जी का कहना है पेड़ों का महत्व हमारे जीवन में तमाम तरह से है।  फल फूल पत्ती झाड़ तन और उसकी चाल हर तरह से हमारे लिए लाभदायक है। धार्मिक और ज्योतिष के रूप में भी प्राचीन काल से हमारे यहां पेड़ों का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। हमें वनस्पति को अपने जीवन में महत्वपूर्ण स्थान देना चाहिए।

वनस्पति अपनाएं किस्मत बदले: निधि गर्ग

संस्कृत शिक्षिका निधि गर्ग का कहना है वनस्पति विज्ञान और वनस्पति के बीच में रहने से हमारे जीवन जीवन की तमाम समस्याएं सकारात्मक में बदल जाती है, जब हम भागम भाग वाली चिंता से दूर कभी पिकनिक पर जाते हैं तो पहाड़ी इलाकों में दिख रहा प्रकृति का सौंदर्य हमें फिर से नया जीवन देता है जब एक दिन में हमे  इतना तरो ताजा कर सकता है तो फिर उनकी जड़ी जड़ों पत्तियां तनों का उपयोग हमारे जीवन को निश्चित रूप से हमारी किस्मत ही बदलेगा। हमारे स्वास्थ्य ,शरीर और किस्मत का गहरा नाता है इसलिए हमें अगर ज्योतिष के मार्गदर्शन से वनस्पति की जड़ों को अपनाने का वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिलता है की किस राशि पर किस व्यक्ति को किसी समस्या में वनस्पति अपनानी चाहिए तो यह डॉक्टर की तरह और भी लाभदायक होगा।

Astrology Tips:वनस्पति का धार्मिक महत्व

हमारी भारतीय परंपरा में वनस्पति का सर्वोपरि स्थान है । वनस्पति जीवन है और हर पेड़ की अलग-अलग औषधि राहत भी है। हमारी ऋग्वेद हमारी रामायण और हमारी प्राचीन वेदों  में भगवान द्वारा भी बेल, पुष्पा, पीपल, बरगढ़ आदि पेड़ों के महत्व को अलग-अलग दर्शाया गया है। हमारे धार्मिक जीवन में तुलसी बेल पीपल आंवला आदि द्वारा पूजा का विधान बताया गया है। और प्राचीन ग्रंथो में और भारतीय संस्कृति में पेड़ों का महत्व वैज्ञानिक ज्ञान के आधार पर  निश्चित किया गया था।  यही वजह है हजारों वर्षों से भारतीय परंपरा में पेड़ों की महत्ता है। और अगर हम वनस्पति को अपने जीवन में किसी भी तरह से शामिल करते हैं तो वह हमारे लिए उपयोगी है और वह हमारी किस्मत को बदल सकती है।Astrology Tips

मीना कौशिक

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