रमजान में दुबई सरकार का बड़ा ऐलान, 'फैमिली इयर' का तोहफा
सरकारी कर्मचारी अब सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक ही काम करेंगे।शुक्रवार सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर काम का समय और सीमित कर दिया गया है। शुक्रवार को टाइमिंग सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी।

Year of the Family : पवित्र महीने रमजान की शुरुआत के साथ ही दुबई में सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी सामने आई है। दुबई सरकार ने अपने कर्मचारियों के कल्याण और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता देते हुए कार्य संस्कृति में बड़े बदलाव की घोषणा की है। 'ईयर ऑफ द फैमिली' (Year of the Family) पहल के तहत लिए गए इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों को रोजे के दौरान काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
कम हुए काम के घंटे, बदली ऑफिस की टाइमिंग
दुबई मानव संसाधन विभाग (Dubai Government Human Resources Department) द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, रमजान के दौरान सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग में उल्लेखनीय कमी की गई है। नए नियमों के मुताबिक सोमवार से गुरुवार सरकारी कर्मचारी अब सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक ही काम करेंगे।शुक्रवार सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर काम का समय और सीमित कर दिया गया है। शुक्रवार को टाइमिंग सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि कर्मचारी रोजे के दौरान थकान कम महसूस करें और उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने तथा धार्मिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
लचीलापन है खासियत, 7 से 10 बजे के बीच कर सकते हैं शुरुआत
सिर्फ काम के घंटे घटाना ही काफी नहीं है, सरकार ने काम करने के तरीके में भी लचीलापन लाया है। विभागों को अधिकृत किया गया है कि वे कर्मचारियों को सुबह 7 बजे से 10 बजे के बीच किसी भी समय ऑफिस आने की सुविधा दे सकते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि कर्मचारी अपने निर्धारित दैनिक कार्य घंटे पूरे करें। यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए राहत का सबब साबित होगी जो सुबह जल्दी उठना पसंद करते हैं या ट्रैफिक की समस्या से बचना चाहते हैं।
हफ्ते में दो दिन की वर्क फ्रॉम होम की सुविधा
आधुनिक कार्य संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने योग्य (Eligible) कर्मचारियों को हफ्ते में अधिकतम दो दिन घर से काम (Work From Home) करने की अनुमति दे दी है। यह सुविधा कर्मचारी के पद और काम की प्रकृति पर निर्भर करेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल आने-जाने में होने वाली थकान कम होगी, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और पारिवारिक स्थिरता मजबूत होगी।
शिफ्ट वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, सेवा केंद्रों या आपातकालीन सेवाओं जैसे विभागों में काम करने वाले शिफ्ट कर्मचारियों के लिए अलग से टाइम-टेबल तय किया जाएगा। इसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में किसी तरह की रुकावट नहीं आने देना है। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से समय सारणी तय करें।
संघीय सरकार भी बराबरी में
दुबई के इस कदम के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संघीय सरकार ने भी इसी तरह के लचीले नियमों की घोषणा की है। संघीय संस्थाएं शुक्रवार को अपनी 70 प्रतिशत तक कार्यशक्ति (Workforce) को रिमोट वर्क की अनुमति दे सकती हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि देश भर में कर्मचारी कल्याण को तरजीह दी जा रही है।
काम और आस्था का संगम
यह निर्णय खाड़ी देशों की उस परंपरा को दर्शाता है जहाँ रमजान के दौरान काम के घंटे कम किए जाते हैं, लेकिन इस बार इसे 'फैमिली इयर' से जोड़कर एक सामाजिक संदेश भी दिया गया है। सरकार का कहना है कि काम के घंटे कम होने के बावजूद उत्पादकता और संस्थागत प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। सही योजना और तकनीक के इस्तेमाल से कर्मचारियों को राहत देना संभव है। Year of the Family
Year of the Family : पवित्र महीने रमजान की शुरुआत के साथ ही दुबई में सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी सामने आई है। दुबई सरकार ने अपने कर्मचारियों के कल्याण और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता देते हुए कार्य संस्कृति में बड़े बदलाव की घोषणा की है। 'ईयर ऑफ द फैमिली' (Year of the Family) पहल के तहत लिए गए इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों को रोजे के दौरान काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
कम हुए काम के घंटे, बदली ऑफिस की टाइमिंग
दुबई मानव संसाधन विभाग (Dubai Government Human Resources Department) द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, रमजान के दौरान सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग में उल्लेखनीय कमी की गई है। नए नियमों के मुताबिक सोमवार से गुरुवार सरकारी कर्मचारी अब सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक ही काम करेंगे।शुक्रवार सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर काम का समय और सीमित कर दिया गया है। शुक्रवार को टाइमिंग सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि कर्मचारी रोजे के दौरान थकान कम महसूस करें और उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने तथा धार्मिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
लचीलापन है खासियत, 7 से 10 बजे के बीच कर सकते हैं शुरुआत
सिर्फ काम के घंटे घटाना ही काफी नहीं है, सरकार ने काम करने के तरीके में भी लचीलापन लाया है। विभागों को अधिकृत किया गया है कि वे कर्मचारियों को सुबह 7 बजे से 10 बजे के बीच किसी भी समय ऑफिस आने की सुविधा दे सकते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि कर्मचारी अपने निर्धारित दैनिक कार्य घंटे पूरे करें। यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए राहत का सबब साबित होगी जो सुबह जल्दी उठना पसंद करते हैं या ट्रैफिक की समस्या से बचना चाहते हैं।
हफ्ते में दो दिन की वर्क फ्रॉम होम की सुविधा
आधुनिक कार्य संस्कृति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने योग्य (Eligible) कर्मचारियों को हफ्ते में अधिकतम दो दिन घर से काम (Work From Home) करने की अनुमति दे दी है। यह सुविधा कर्मचारी के पद और काम की प्रकृति पर निर्भर करेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल आने-जाने में होने वाली थकान कम होगी, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और पारिवारिक स्थिरता मजबूत होगी।
शिफ्ट वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, सेवा केंद्रों या आपातकालीन सेवाओं जैसे विभागों में काम करने वाले शिफ्ट कर्मचारियों के लिए अलग से टाइम-टेबल तय किया जाएगा। इसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में किसी तरह की रुकावट नहीं आने देना है। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से समय सारणी तय करें।
संघीय सरकार भी बराबरी में
दुबई के इस कदम के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संघीय सरकार ने भी इसी तरह के लचीले नियमों की घोषणा की है। संघीय संस्थाएं शुक्रवार को अपनी 70 प्रतिशत तक कार्यशक्ति (Workforce) को रिमोट वर्क की अनुमति दे सकती हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि देश भर में कर्मचारी कल्याण को तरजीह दी जा रही है।
काम और आस्था का संगम
यह निर्णय खाड़ी देशों की उस परंपरा को दर्शाता है जहाँ रमजान के दौरान काम के घंटे कम किए जाते हैं, लेकिन इस बार इसे 'फैमिली इयर' से जोड़कर एक सामाजिक संदेश भी दिया गया है। सरकार का कहना है कि काम के घंटे कम होने के बावजूद उत्पादकता और संस्थागत प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। सही योजना और तकनीक के इस्तेमाल से कर्मचारियों को राहत देना संभव है। Year of the Family












