भूटान की नेतृत्व टीम को यह डर था कि बिना रोक-टोक वाले विदेशी मनोरंजन, विशेषकर पश्चिमी मीडिया के आगमन से देश की पुरानी जड़ें, भाषा, पहनावा और सामाजिक सौहार्द्र नष्ट हो सकता है।

Television Ban: आज के दौर में जब टेलीविजन दुनिया भर में आधुनिक जीवन शैली की पहचान बन चुका है, एक देश ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए इसे अपनी सीमाओं में प्रवेश करने से दशकों तक रोके रखा। भूटान आधुनिक इतिहास का वह आखिरी देश है, जिसने टेलीविजन को अपनाया। इसके पीछे का कारण तकनीकी कमी नहीं, बल्कि अपनी बौद्ध परंपरा और सामाजिक मूल्यों की रक्षा करना था।
भूटान की नेतृत्व टीम को यह डर था कि बिना रोक-टोक वाले विदेशी मनोरंजन, विशेषकर पश्चिमी मीडिया के आगमन से देश की पुरानी जड़ें, भाषा, पहनावा और सामाजिक सौहार्द्र नष्ट हो सकता है। ग्लोबलाइजेशन के दौर में भूटान ने तेजी के बजाय सावधानी को चुना। उनका मानना था कि वे 'मॉडर्नाइजेशन' तो चाहते हैं, लेकिन 'वेस्टर्नाइजेशन' नहीं। सरकार को लगता था कि उपग्रह टीवी सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने और समुदाय के रिश्तों को कमजोर करने में सक्षम है।
यह प्रतिबंध केवल कागजों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे सख्ती से लागू किया गया। 1989 में भूटान सरकार ने पूरे देश में सभी तरह के टेलीविजन एंटीना और सैटेलाइट डिश को हटाने का आदेश दिया। इसके बाद भूटान वैश्विक प्रसारण मीडिया से पूरी तरह से कट गया।
लंबे समय तक अलग-थलग रहने के बाद भूटान ने जून 1999 में टेलीविजन और इंटरनेट पर लगी पाबंदियां हटा दीं। यह एक नियंत्रित आधुनिकीकरण रणनीति का हिस्सा था, जिसे राजा की व्यक्तिगत मंजूरी मिली। भूटान ब्रॉडकास्टिंग सर्विस के लॉन्च के साथ टेलीविजन की आधिकारिक शुरुआत हुई। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि भूटान में टेलीविजन का पहला बड़ा प्रसारण कोई स्थानीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि 1998 के फीफा विश्व कप का फाइनल मैच था, जिसने देश में टीवी के युग की शुरुआत का प्रतीक बनकर इतिहास में अपनी जगह बनाई। Television Ban