Friday, 21 June 2024

डेंगू और मलेरिया के कहर से कराह रहा देश

नई दिल्ली। जैसे-जैसे कोरोना का कहर थम रहा है वैसे-वैसे डेंगू और मलेरिया पांव पसारता जा रहा है। उत्तर प्रदेश,…

डेंगू और मलेरिया के कहर से कराह रहा देश

नई दिल्ली। जैसे-जैसे कोरोना का कहर थम रहा है वैसे-वैसे डेंगू और मलेरिया पांव पसारता जा रहा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बंगाल से डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यूपी के ज्यादातर जिलों में लगभग हर दिन मामले दर्ज किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन इसके लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। इसके लिए प्रशासन आस-पास के इलाकों में गंदे नालों की साफ-सफाई करवा रहा है ताकि मच्छर ना पनप पाएं। उत्तर प्रदेश के मथुरा और फिरोजाबाद के अलावा बरेली, कानपुर, प्रयागराज और गाजियाबाद से भी इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। प्रदेश में पिछले एक महीने के दौरान डेंगू के चलते कई लोग अपनी जांन गवां चुके हैं जिनमें बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

बरेली में डेंगू और मलेरिया का कहर :
पिछले एक सप्ताह के दौरान बरेली में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शनिवार को यहां डेंगू के पांच मरीज मिले हैं। इसके साथ ही मरीजों का कुल आंकड़ा 64 तक पहुंच गया है, वहीं तीन मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके अलावा मलेरिया के केस भी बढ़ रहे हैं। शनिवार को 487 लोगों की जांच की गई, जिसमें से छह में मलेरिया की पुष्टि हुई।
मलेरिया और वायरल फीवर की चपेट में फतेहाबाद भी :
फतेहाबाद में भी डेंगू और मलेरिया के मामलों में लगातार तेजी देखी जा रही है। नागरिक अस्पतालों और निजी अस्पतालों दोनों जगह मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार देर शाम को यहां डेंगू के दो नए मरीज मिले हैं। जिले में अब डेंगू के इस साल 26 केस, मलेरिया के 2 व चिकनगुनियां के 5 केस आए हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ :
विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू ऐसी बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। लेकिन इस बार इससे बच्चे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। कारण यह है कि बच्चों का प्रतिरक्षा तंत्र वयस्कों के मुकाबले कमजोर होता है। उनका मानना है कि लॉकडाउन खुलने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे बाहर आ रहे हैं और बाहर का दूषित खाना और गंदा पानी पी रहे हैं। यही कारण है कि उनमें संक्रमण का खतरा भी सबसे ज्यादा है।

मानसून के बाद तेजी से फैलता है वायरल फीवर :
विशेषज्ञों का मनना है कि मानसून के बाद कई जगहों पर पानी का जमाव हो जाता है। ऐसे में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसे रोग तेजी से फैलते हैं। इससे बचने के लिए घर पर पानी का जमाव न होने दें और जहां पर भी पानी जमा जमा होता है उसे हर रोज बदलते रहें।
क्या हैं लक्षण :
तेज बुखार के साथ शरीर और पेट दर्द होना ये लक्षण डेंगू या अन्य मच्छर जनित बीमारियां होने की संभावना की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा भूख न लगना, शरीर पर चकत्ते पड़ना भी इसके संकेत हैं।

शरीर में पानी की न होने दें कमी
डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी में डेंगू के लक्षण दिखते हैं तो उसे पानी ज्यादा पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने से समस्या बढ़ सकती है। हालांकि, अगर किसी में ज्यादा लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उसे सीधे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

दिसंबर तक और बढ़ सकता है डेंगू का खतरा 
आम तौर पर डेंगू या मच्छर जनित बीमारी जुलाई और नंवबर के बीच फैलती हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून के देर से विदा होने की संभावना के बीच बीमारी का खतरा भी दिसंबर तक यह बढ़ सकता है।

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